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कोहरे के कारण देरी से चली ट्रेंने-City
Updated Sat, 11 Nov 2017 07:30 PM IST
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धुंध के बाद अब कोहरे के घेरे में ट्रेनें
- देरी से आईं 25 से अधिक रेल गाड़ियां, 18 घंटे लेट आई बरौनी-ग्वालियर छपरा मेल
- ट्रेनों के इंतजार में यात्री रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
दिल्ली में धुंध का असर कम होते ही अब कोहरे ने रेल की रफ्तार को धीमा किया है। शुक्रवार रात तीन बजे शुरू हुआ कोहरा सुबह नौ बजे खत्म हो सका। इससे 25 से अधिक ट्रेनें लेट हो गई। बरौनी ग्वालियर मेल अधिकतम 18 घंटे और जम्मूतवी दुर्ग एक्सप्रेस अधिकतम 13 घंटे देरी से आई। वहीं, ट्रेनों के इंतजार में यात्री परेशान रहे।
शुक्रवार की रात तीन बजे कोहरे की चादर वातावरण में छाते ही ट्रेनों का पटरियों पर रेंगना शुरू हो गया। चालक 20 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ही ट्रेन चला सके, इससे उनका संचालन बिगड़ना शुरू हो गया। सुबह नौ बजे कोहरा छंटने के बाद ही ट्रेनों की गति तेज हो सकी। बरौनी ग्वालियर छपरा मेल 18 घंटे लेट होने से वापसी में यह गाड़ी ग्वालियर से आठ घंटे देरी से चल सकी। इसी तरह बांदा झांसी पैसेंजर के तीन घंटे देरी से आने के कारण यह गाड़ी झांसी से दोपहर डेढ़ बजे की जगह दो बजे रवाना हो सकी। शनिवार को 25 से अधिक ट्रेनें लेट आईं, जिसमें दिल्ली से आने वाली गाड़ियों की लेटलतीफी सबसे ज्यादा रहीं। इधर, स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में यात्री परेशान रहे। वहीं, ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ कार्यालय में यात्रियों का जमघट लगा रहा। तीन घंटे से अधिक देरी से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को दूसरी गाड़ी में जाने के लिए परमिट किया गया।
‘कोहरे के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने लगा है। यात्री पूछताछ नंबर 139 पर ट्रेन की पोजीशन पता करके ही यात्री घर से चलें। अन्यथा स्टेशन पहुंचने पर उनको इंतजार करना होगा।’
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- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी रेल मंडल
आठ घंटे देरी से रवाना हुई इंटरसिटी, हंगामा
झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस शनिवार की सुबह तकनीकी कारणों से आठ घंटे देरी से रवाना हो सकी। यात्रियों को पहले ट्रेन के रवाना होने का समय ग्यारह बजे दिया गया। मगर, बताए समय पर ट्रेन न चलने के कारण यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। यात्रियों की कई बार डिप्टी एसएस (वाणिज्य) और पूछताछ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों से नोंकझोंक हुईं, क्योंकि उनको ट्रेन रवाना होने के सही समय की जानकारी कोई नहीं दे पा रहा था। सबसे ज्यादा परेशान दैनिक यात्री थे। मजबूरन कई यात्री दूसरी ट्रेनों से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। 100 से अधिक यात्रियों ने अपने टिकट निरस्त करा लिए। बाद में ट्रेन को दो बजे रवाना किया गया।
ये गाड़ियां लेट
दिल्ली की तरफ से रात के समय आने वाली सचखंड एक्सप्रेस 12 घंटे, पातालकोट एक्सप्रेस, जम्मूतवी दुर्ग एक्सप्रेस 13 घंटे, दक्षिण एक्सप्रेस पौने दो घंटे, हरिद्वार लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 10 घंटे, अमृतसर लोकमान्य तिलक पठानकोट एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, मालवा एक्सप्रेस चार घंटे, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस चार घंटे, पंजाब मेल दो घंटे देरी से आई। भोपाल की तरफ से आने वाली केरला एक्सप्रेस पौने दो घंटे, मंगला एक्सप्रेस पौने दो घंटे, पातालकोट एक्सप्रेस साढ़े नौ घंटे, दूरंतो एक्सप्रेस एक घंटे, हीराकुंड एक्सप्रेस एक घंटे, लश्कर एक्सप्रेस एक घंटे, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस एक घंटे, पुणे लखनऊ एक्सप्रेस एक घंटे, पंजाब मेल दो घंटे देरी से आई। । इसी तरह वाराणसी से आने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस तीन घंटे, कानपुर की ओर से आने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, साबरमती एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे, गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस दो घंटे, पटना इंदौर एक्सप्रेस पांच घंटे, लखनऊ मुंबई साप्ताहिक एसी स्पेशल एक्सप्रेस साढ़े नौ घंटे आदि गाड़ियां लेट आईं।
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धुंध के बाद अब कोहरे के घेरे में ट्रेनें
- देरी से आईं 25 से अधिक रेल गाड़ियां, 18 घंटे लेट आई बरौनी-ग्वालियर छपरा मेल
- ट्रेनों के इंतजार में यात्री रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
दिल्ली में धुंध का असर कम होते ही अब कोहरे ने रेल की रफ्तार को धीमा किया है। शुक्रवार रात तीन बजे शुरू हुआ कोहरा सुबह नौ बजे खत्म हो सका। इससे 25 से अधिक ट्रेनें लेट हो गई। बरौनी ग्वालियर मेल अधिकतम 18 घंटे और जम्मूतवी दुर्ग एक्सप्रेस अधिकतम 13 घंटे देरी से आई। वहीं, ट्रेनों के इंतजार में यात्री परेशान रहे।
शुक्रवार की रात तीन बजे कोहरे की चादर वातावरण में छाते ही ट्रेनों का पटरियों पर रेंगना शुरू हो गया। चालक 20 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ही ट्रेन चला सके, इससे उनका संचालन बिगड़ना शुरू हो गया। सुबह नौ बजे कोहरा छंटने के बाद ही ट्रेनों की गति तेज हो सकी। बरौनी ग्वालियर छपरा मेल 18 घंटे लेट होने से वापसी में यह गाड़ी ग्वालियर से आठ घंटे देरी से चल सकी। इसी तरह बांदा झांसी पैसेंजर के तीन घंटे देरी से आने के कारण यह गाड़ी झांसी से दोपहर डेढ़ बजे की जगह दो बजे रवाना हो सकी। शनिवार को 25 से अधिक ट्रेनें लेट आईं, जिसमें दिल्ली से आने वाली गाड़ियों की लेटलतीफी सबसे ज्यादा रहीं। इधर, स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में यात्री परेशान रहे। वहीं, ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ कार्यालय में यात्रियों का जमघट लगा रहा। तीन घंटे से अधिक देरी से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को दूसरी गाड़ी में जाने के लिए परमिट किया गया।
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‘कोहरे के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने लगा है। यात्री पूछताछ नंबर 139 पर ट्रेन की पोजीशन पता करके ही यात्री घर से चलें। अन्यथा स्टेशन पहुंचने पर उनको इंतजार करना होगा।’
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- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी रेल मंडल
आठ घंटे देरी से रवाना हुई इंटरसिटी, हंगामा
झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस शनिवार की सुबह तकनीकी कारणों से आठ घंटे देरी से रवाना हो सकी। यात्रियों को पहले ट्रेन के रवाना होने का समय ग्यारह बजे दिया गया। मगर, बताए समय पर ट्रेन न चलने के कारण यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। यात्रियों की कई बार डिप्टी एसएस (वाणिज्य) और पूछताछ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों से नोंकझोंक हुईं, क्योंकि उनको ट्रेन रवाना होने के सही समय की जानकारी कोई नहीं दे पा रहा था। सबसे ज्यादा परेशान दैनिक यात्री थे। मजबूरन कई यात्री दूसरी ट्रेनों से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। 100 से अधिक यात्रियों ने अपने टिकट निरस्त करा लिए। बाद में ट्रेन को दो बजे रवाना किया गया।
ये गाड़ियां लेट
दिल्ली की तरफ से रात के समय आने वाली सचखंड एक्सप्रेस 12 घंटे, पातालकोट एक्सप्रेस, जम्मूतवी दुर्ग एक्सप्रेस 13 घंटे, दक्षिण एक्सप्रेस पौने दो घंटे, हरिद्वार लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 10 घंटे, अमृतसर लोकमान्य तिलक पठानकोट एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, मालवा एक्सप्रेस चार घंटे, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस चार घंटे, पंजाब मेल दो घंटे देरी से आई। भोपाल की तरफ से आने वाली केरला एक्सप्रेस पौने दो घंटे, मंगला एक्सप्रेस पौने दो घंटे, पातालकोट एक्सप्रेस साढ़े नौ घंटे, दूरंतो एक्सप्रेस एक घंटे, हीराकुंड एक्सप्रेस एक घंटे, लश्कर एक्सप्रेस एक घंटे, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस एक घंटे, पुणे लखनऊ एक्सप्रेस एक घंटे, पंजाब मेल दो घंटे देरी से आई। । इसी तरह वाराणसी से आने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस तीन घंटे, कानपुर की ओर से आने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, साबरमती एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे, गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस दो घंटे, पटना इंदौर एक्सप्रेस पांच घंटे, लखनऊ मुंबई साप्ताहिक एसी स्पेशल एक्सप्रेस साढ़े नौ घंटे आदि गाड़ियां लेट आईं।