{"_id":"5996fbb74f1c1be66c8b4654","slug":"131503067063-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माताटीला बांध में सिर्फ पीने का पानी,,,-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माताटीला बांध में सिर्फ पीने का पानी,,,-City
Updated Fri, 18 Aug 2017 08:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
-----
माताटीला बांध में सिर्फ प्यास बुझाने लायक पानी
सितंबर तक बारिश नहीं तो सिंचाई की उम्मीद भी खत्म
झांसी शहर, बबीना और तालबेहट क्षेत्र में होती है पेयजल आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
माताटीला बांध में सिर्फ छह माह तक झांसी, बबीना और तालबेहट में पेयजल आपूर्ति के लिए पानी की व्यवस्था है। अगर सितंबर तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो रबी की फसल के लिए सिंचाई की उम्मीद खत्म हो जाएगी। यही हाल सपरार बांध का है, जिससे मऊरानीपुर क्षेत्र की जनता को पानी मिलता है।
जुलाई से अभी तक की औसत बारिश न होने से बांध का जलस्तर घट रहा है। बांध का जलस्तर 1012 फुट है और इस समय 992.6 फुट पानी बांध में है। जलनिगम पीने का पानी देने के लिए 989 फीट तक ही पानी बांध से ले सकता है, इसके बाद पंप चलाने में अड़चन शुरू हो जाती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि साढ़े तीन फीट जलस्तर से छह माह तक पीने का पानी दिया जा सकता है। जलस्तर नहीं बढ़ा तो अक्तूबर में रबी की फसल की सिंचाई के लिए नहरें चलाना भी संभव नहीं होगा। इसके अलावा जनपदवासी सुकवां ढुकुवां, पारीछा, पहूज, सपरार, पहाड़ी, लहचूरा, डोंगरी व खपरार बांध के पानी का उपयोग करते हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार उपयोगी क्षमता के सापेक्ष माताटीला में 8.98 मिलियन घन मीटर, सुकवां ढुकुवां बांध में 20.95 मिलियन घन मीटर, पारीछा बांध में 12.26 मिलियन घन मीटर, डोंगरी बांध में शून्य, खपरार बांध में 2.66 मिलियन घन मीटर, पहूज बांध में 2.8 मिलियन घन मीटर, सपरार बांध में 21.18 मिलियन घन मीटर, पहाड़ी बांध में 7.27 मिलियन घन मीटर, लहचूरा बांध में शून्य, बड़वार झील में 7.78 मिलियन घन मीटर उपयोगी पानी बचा है।
विज्ञापन
सपरार बांध का हाल भी बुरा है। सपरार बांध से मऊरानीपुर क्षेत्र की दो लाख आबादी को पीने का पानी मुहैया कराया जाता है। बांध का पूर्ण जलस्तर 224.64 मिलियन घन फीट है, लेकिन भीषण गर्मी के चलते जलस्तर घटकर 21.18 मिलियन घन फीट ही रह गया है। जलसंस्थान सप्लाई के लिए बांध से रोजाना एक मिलियन घन फीट कच्चा पानी ले रहा है। सपरार बांध से जुड़े अफसरों की मानें तो बांध में पीने के उपयोग के लिए पानी बचा है। अगर इस बीच बारिश नहीं होती है तो पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
‘सिंचाई के लिए बांधों में पानी नहीं हैं। बरसात होने पर ही स्थिति सामान्य बन सकेगी।’
संजय कुमार, अधिशासी अभियंता बेतवा नहर वितरण खंड।
राजघाट से मांगेंगे पानी
माताटीला बांध का जल स्तर कम होने पर बबीना आने वाले कच्चे पानी का प्रेशर कम हो जाएगा। माताटीला का जलस्तर बढ़ाने के लिए सिंचाई अधिकारी राजघाट बांध से पानी मांगेंगे, ताकि माताटीला के जलस्तर को सामान्य रखा जा सके। राजघाट बांध भी अभी 17 फीट खाली चल रहा है।
इनको भी मिलता है पानी
माताटीला बांध से झांसी महानगर के अलावा कैंट बोर्ड बबीना, एमईएस, सीएचसी बबीना, भेल, राजघाट, रोहित सरफैक्टेंट्स, पीएसी, रामनाथ सिटी, मिलिट्री फार्म, झांसी विकास प्राधिकरण, कैंट बोर्ड झांसी, एमईएस झांसी, आईजीएफआरआई, मेडिकल कालेज, कैलिव विहार को व हंटर रोड को को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
विज्ञापन
-----
माताटीला बांध में सिर्फ प्यास बुझाने लायक पानी
सितंबर तक बारिश नहीं तो सिंचाई की उम्मीद भी खत्म
झांसी शहर, बबीना और तालबेहट क्षेत्र में होती है पेयजल आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
माताटीला बांध में सिर्फ छह माह तक झांसी, बबीना और तालबेहट में पेयजल आपूर्ति के लिए पानी की व्यवस्था है। अगर सितंबर तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो रबी की फसल के लिए सिंचाई की उम्मीद खत्म हो जाएगी। यही हाल सपरार बांध का है, जिससे मऊरानीपुर क्षेत्र की जनता को पानी मिलता है।
जुलाई से अभी तक की औसत बारिश न होने से बांध का जलस्तर घट रहा है। बांध का जलस्तर 1012 फुट है और इस समय 992.6 फुट पानी बांध में है। जलनिगम पीने का पानी देने के लिए 989 फीट तक ही पानी बांध से ले सकता है, इसके बाद पंप चलाने में अड़चन शुरू हो जाती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि साढ़े तीन फीट जलस्तर से छह माह तक पीने का पानी दिया जा सकता है। जलस्तर नहीं बढ़ा तो अक्तूबर में रबी की फसल की सिंचाई के लिए नहरें चलाना भी संभव नहीं होगा। इसके अलावा जनपदवासी सुकवां ढुकुवां, पारीछा, पहूज, सपरार, पहाड़ी, लहचूरा, डोंगरी व खपरार बांध के पानी का उपयोग करते हैं।
विज्ञापन
विभागीय जानकारी के अनुसार उपयोगी क्षमता के सापेक्ष माताटीला में 8.98 मिलियन घन मीटर, सुकवां ढुकुवां बांध में 20.95 मिलियन घन मीटर, पारीछा बांध में 12.26 मिलियन घन मीटर, डोंगरी बांध में शून्य, खपरार बांध में 2.66 मिलियन घन मीटर, पहूज बांध में 2.8 मिलियन घन मीटर, सपरार बांध में 21.18 मिलियन घन मीटर, पहाड़ी बांध में 7.27 मिलियन घन मीटर, लहचूरा बांध में शून्य, बड़वार झील में 7.78 मिलियन घन मीटर उपयोगी पानी बचा है।
विज्ञापन
सपरार बांध का हाल भी बुरा है। सपरार बांध से मऊरानीपुर क्षेत्र की दो लाख आबादी को पीने का पानी मुहैया कराया जाता है। बांध का पूर्ण जलस्तर 224.64 मिलियन घन फीट है, लेकिन भीषण गर्मी के चलते जलस्तर घटकर 21.18 मिलियन घन फीट ही रह गया है। जलसंस्थान सप्लाई के लिए बांध से रोजाना एक मिलियन घन फीट कच्चा पानी ले रहा है। सपरार बांध से जुड़े अफसरों की मानें तो बांध में पीने के उपयोग के लिए पानी बचा है। अगर इस बीच बारिश नहीं होती है तो पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
‘सिंचाई के लिए बांधों में पानी नहीं हैं। बरसात होने पर ही स्थिति सामान्य बन सकेगी।’
संजय कुमार, अधिशासी अभियंता बेतवा नहर वितरण खंड।
राजघाट से मांगेंगे पानी
माताटीला बांध का जल स्तर कम होने पर बबीना आने वाले कच्चे पानी का प्रेशर कम हो जाएगा। माताटीला का जलस्तर बढ़ाने के लिए सिंचाई अधिकारी राजघाट बांध से पानी मांगेंगे, ताकि माताटीला के जलस्तर को सामान्य रखा जा सके। राजघाट बांध भी अभी 17 फीट खाली चल रहा है।
इनको भी मिलता है पानी
माताटीला बांध से झांसी महानगर के अलावा कैंट बोर्ड बबीना, एमईएस, सीएचसी बबीना, भेल, राजघाट, रोहित सरफैक्टेंट्स, पीएसी, रामनाथ सिटी, मिलिट्री फार्म, झांसी विकास प्राधिकरण, कैंट बोर्ड झांसी, एमईएस झांसी, आईजीएफआरआई, मेडिकल कालेज, कैलिव विहार को व हंटर रोड को को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।