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जल्द स्टेशन पर खुलेगी चाइल्ड हेल्प डेस्क
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जल्द स्टेशन पर खुलेगी चाइल्ड हेल्प डेस्क
झांसी। किसी वजह से आपका बच्चा ट्रेन में या रेलवे स्टेशन पर गुम हो या भटक जाए। किसी गैंग ने बच्चे का अपहरण कर लिया हो और पकड़े जाने के डर से ट्रेन में छोड़कर भाग गया हो, ऐसे बच्चों की मदद के लिए मंडल रेल प्रशासन चाइल्ड लाइन इंडिया संस्था के सहयोग से झांसी रेलवे स्टेशन पर चाइल्ड हेल्प डेस्क खोलने जा रहा है। हेल्प डेस्क पर संस्था के कर्मचारी बैठेंगे, जो बच्चों का ब्योरा रखेंगे। अभी मंडल के ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर यह डेस्क काम कर रही है।
योजना के तहत चाइल्ड हेल्प डेस्क के लिए प्लेटफार्म पर ही बूथ बनेंगे। इसके लिए आरपीएफ ने वाणिज्य विभाग से स्थान मांगा है। बूथ में 24 घंटे काउंसलर मौजूद रहेंगे। भटका बच्चा मिलने पर उसकी काउंसलिंग करके परिजनों के पास पहुंचाया जाएगा। जिस बच्चे का घर नहीं मिलेगा, उसके पुनर्वास का काम चाइल्ड हेल्प डेस्क करेगी। चाइल्ड लाइन डेस्क आरपीएफ और जीआरपी की मदद से काम करेगी। स्टेशन अधीक्षक, आरपीएफ और जीआरपी निरीक्षक हेल्प डेस्क के नोडल अधिकारी रहेंगे। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सारिका मोहन ने कहा कि चाइल्ड लाइन इंडिया संस्था के सहयोग से अभी यह सुविधा ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर शुरू कर दी गई है। जल्द ही झांसी में भी चाइल्ड हेल्प डेस्क खुलेगी। हेल्प डेस्क का एक नंबर भी जारी होगा। साथ ही लावारिस और भटकते हुए मिलने वाले बच्चों का ब्योरा रखना और उनको घर तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। हालांकि, अभी भी आरपीएफ चाइल्ड लाइन के सहयोग से यह काम कर रही है।
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झांसी। किसी वजह से आपका बच्चा ट्रेन में या रेलवे स्टेशन पर गुम हो या भटक जाए। किसी गैंग ने बच्चे का अपहरण कर लिया हो और पकड़े जाने के डर से ट्रेन में छोड़कर भाग गया हो, ऐसे बच्चों की मदद के लिए मंडल रेल प्रशासन चाइल्ड लाइन इंडिया संस्था के सहयोग से झांसी रेलवे स्टेशन पर चाइल्ड हेल्प डेस्क खोलने जा रहा है। हेल्प डेस्क पर संस्था के कर्मचारी बैठेंगे, जो बच्चों का ब्योरा रखेंगे। अभी मंडल के ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर यह डेस्क काम कर रही है।
योजना के तहत चाइल्ड हेल्प डेस्क के लिए प्लेटफार्म पर ही बूथ बनेंगे। इसके लिए आरपीएफ ने वाणिज्य विभाग से स्थान मांगा है। बूथ में 24 घंटे काउंसलर मौजूद रहेंगे। भटका बच्चा मिलने पर उसकी काउंसलिंग करके परिजनों के पास पहुंचाया जाएगा। जिस बच्चे का घर नहीं मिलेगा, उसके पुनर्वास का काम चाइल्ड हेल्प डेस्क करेगी। चाइल्ड लाइन डेस्क आरपीएफ और जीआरपी की मदद से काम करेगी। स्टेशन अधीक्षक, आरपीएफ और जीआरपी निरीक्षक हेल्प डेस्क के नोडल अधिकारी रहेंगे। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सारिका मोहन ने कहा कि चाइल्ड लाइन इंडिया संस्था के सहयोग से अभी यह सुविधा ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर शुरू कर दी गई है। जल्द ही झांसी में भी चाइल्ड हेल्प डेस्क खुलेगी। हेल्प डेस्क का एक नंबर भी जारी होगा। साथ ही लावारिस और भटकते हुए मिलने वाले बच्चों का ब्योरा रखना और उनको घर तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। हालांकि, अभी भी आरपीएफ चाइल्ड लाइन के सहयोग से यह काम कर रही है।
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