फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   12-day-old newborn dies after oxygen mask gets stuck in mouth

Jhansi News: मुंह में ऑक्सीजन मॉस्क फंसने से 12 दिन के नवजात की मौत

Mon, 23 Feb 2026 02:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 02:00 AM IST
विज्ञापन
12-day-old newborn dies after oxygen mask gets stuck in mouth
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झांसी। उल्दन निवासी दंपती के 12 दिन के नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि बच्चे के मुंह में ऑक्सीजन मॉस्क फंस गया था। इसके चलते, वह ऑक्सीजन नहीं ले सका। उसकी मौत हो गई। हंगामे की सूचना मिलने पर नवाबाद पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ नवाबाद थाने में तहरीर दी है।
उल्दन निवासी शिवम अहिरवार ने पुलिस को बताया कि आठ साल पहले उसकी शादी हुई थी। अभी तक उन्हें कोई संतान नहीं थी। 9 फरवरी को रानीपुर स्थित क्लीनिक में ऑपरेशन के बाद पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। उस समय बच्चा स्वस्थ था। 13 फरवरी को वे बच्चे को लेकर घर चले गए। तीन दिन बाद बच्चे की तबीयत खराब होने पर 17 फरवरी को मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। उसे आईसीयू में रखा गया। शनिवार की रात उसके मुंह में ऑक्सीजन मॉस्क फंस गया। वहां मौजूद नर्स ने ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन

वे बाहर खड़े थे। शीशे से बच्चे को तड़पता देख उन्होंने नर्सिंग होम कर्मियों को जानकारी दी। उसके मुंह से खून आने लगा। चंद मिनट में उसने दम तोड़ दिया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया। परिजन नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई पर अड़े हुए हैं। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव का कहना है कि परिजनों की ओर से तहरीर दी गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन



इनसेट
मेरे सामने तड़पता रहा बच्चा, मैं कुछ कर नहीं सका
यह व्यथा उस पिता की है, जिसे संतान सुख के लिए आठ साल लंबा इंतजार करना पड़ा। आंखों में आंसू भरे शिवम भर्राए गले से पुलिस को बताता है कि वह सामने खड़ा था। उसका नवजात बेटा ऑक्सीजन न मिलने से तड़प रहा था। उसके देखते ही देखते यह घटना हो गई और वह कुछ कर नहीं सका। महज 12 दिन में अपने इकलौते बेटे को गंवाने के बाद से उसकी पत्नी भी बदहवास है। उसका भी रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि दंपती को शादी के 8 साल बाद भी संतान सुख नहीं मिला। कई ड्योढ़ी पर मन्नत मांगी थी। डॉक्टरों को दिखाया, तब जाकर उन्हें बेटा हुआ था लेकिन कुछ ही दिनों ही उनकी यह खुशी भी छिन गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed