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Jhansi News: नकदी जमा के मुकाबले कर्ज बांटने में फिसड्डी रह गए 12 बैंक
Wed, 29 Jul 2026 02:24 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Wed, 29 Jul 2026 02:24 AM IST
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झांसी। बैंक पैसा जमा करने के मुकाबले कर्ज बांटने में कोताही बरत रहे हैं। हैरानी की बात यह कि इसमें सरकारी बैंक सबसे अधिक है। इन बैंकों का सीडी अनुपात 50 फीसदी से भी कम है। इनमें पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई सहित 12 बैक शामिल हैं। इसका सबसे अधिक असर रोजगार परख योजनाओं पर पड़ रहा है। कर्ज बांटने में कोताही बरतने की रणनीति की वजह से स्व रोजगार करने वालों को परेशान होना पड़ रहा है।
जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलबीसी) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक जनपद का कुल क्रेडिट एवं डिपॉजिट (सीडी) रेशियो 52.77 प्रतिशत दर्ज हुआ। बैंक वार रिपोर्ट के मुताबिक जिले की 264 बैंक शाखाओं में 27,70,204.54 लाख की जमा राशि के मुकाबले महज 14,61,704 लाख का ऋण वितरित किया गया हालांकि मार्च 2026 के मुकाबले इसमें मामूली इजाफा हुआ। रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि सरकारी क्षेत्र के बैंकों की 146 शाखाओं का औसत सीडी रेशियो केवल 43.78 प्रतिशत रहा जबकि प्राइवेट बैंक 95.58 प्रतिशत इनसे कहीं आगे हैं। इसका मतलब है इन बैंकों ने जितनी राशि जमा की, उसके मुकाबले काफी कम पैसा ऋण के रूप में दिया। इनमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (44.33 प्रतिशत), इंडियन बैंक (48.31 प्रतिशत), पंजाब नेशनल बैंक (42.07 प्रतिशत), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (42.07 प्रतिशत), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (46.24 प्रतिशत), इंडियन ओवरसीज बैंक (28.38 प्रतिशत) और पंजाब एंड सिंध बैंक (31.60 प्रतिशत), एस बैंक 4.52 प्रतिशत, इंडियन बैंक 48.31 प्रतिशत, स्मॉल फाइनेंस बैंक समेत कुल 12 सार्वजनिक बैंक शामिल हैं हालांकि पिछली तिमाही के मुताबिक कई बैंकों ने अपने प्रदर्शन में सुधार भी किया है। डिप्टी जीएम एके सिंह का कहना है कि बैंक अपना सीडी रेशियो बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
कुल बैंक शाखाएं : 264
कुल जमा राशि : 27,70,204.54 लाख
कुल ऋण वितरण : 14,61,704 लाख
जिले का कुल सीडी रेशियो : 52.77%
सरकारी बैंकों का औसत सीडी रेशियो : 43.78%
निजी बैंकों का औसत सीडी रेशियो : 95.58%
यह होता है सीडी रेशियो
सीडी अनुपात (क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात) से पता चलता है कि बैंकों ने जितनी पैसा जमा किया उसके मुकाबले कितना ऋण उसने वितरित किया।
कम सीडी रेशियो का मतलब है कि बैंक ने पैसा तो खूब जमा किया लेकिन, उस अनुपात में वह ऋण नहीं दे रहे हैं। इसका असर सरकारी रोजगार परख योजनाओं पर पड़ता है वहीं, कई बैंकों का सीडी रेशियो (100 प्रतिशत से ज्यादा) मिला। इसका मतलब है कि बैंक ने अपने पास जमा
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धनराशि से भी अधिक ऋण दिया।
सरकारी योजनाओं के 3794 से अधिक आवेदन कर दिए निरस्त
बैंक कई सरकारी योजनाओं के लिए भी ऋण देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उद्योग विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछली तिमाही में बैंकों ने सिर्फ मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा) योजना में कुल 3794 आवेदन निरस्त कर दिए। उनको ऋण नहीं दिया। इनमें पंजाब नेशनल बैंक 894, बैंक ऑफ इंडिया 214, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 199, एचडीएफसी 124, यूपी ग्रामीण बैंक 412, बैंक ऑफ़ इंडिया 214, इंडियन बैंक 201 सहित 19 बैंकों ने आवेदन निरस्त करते हुए ऋण देने से इन्कार कर दिया था।
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जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलबीसी) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक जनपद का कुल क्रेडिट एवं डिपॉजिट (सीडी) रेशियो 52.77 प्रतिशत दर्ज हुआ। बैंक वार रिपोर्ट के मुताबिक जिले की 264 बैंक शाखाओं में 27,70,204.54 लाख की जमा राशि के मुकाबले महज 14,61,704 लाख का ऋण वितरित किया गया हालांकि मार्च 2026 के मुकाबले इसमें मामूली इजाफा हुआ। रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि सरकारी क्षेत्र के बैंकों की 146 शाखाओं का औसत सीडी रेशियो केवल 43.78 प्रतिशत रहा जबकि प्राइवेट बैंक 95.58 प्रतिशत इनसे कहीं आगे हैं। इसका मतलब है इन बैंकों ने जितनी राशि जमा की, उसके मुकाबले काफी कम पैसा ऋण के रूप में दिया। इनमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (44.33 प्रतिशत), इंडियन बैंक (48.31 प्रतिशत), पंजाब नेशनल बैंक (42.07 प्रतिशत), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (42.07 प्रतिशत), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (46.24 प्रतिशत), इंडियन ओवरसीज बैंक (28.38 प्रतिशत) और पंजाब एंड सिंध बैंक (31.60 प्रतिशत), एस बैंक 4.52 प्रतिशत, इंडियन बैंक 48.31 प्रतिशत, स्मॉल फाइनेंस बैंक समेत कुल 12 सार्वजनिक बैंक शामिल हैं हालांकि पिछली तिमाही के मुताबिक कई बैंकों ने अपने प्रदर्शन में सुधार भी किया है। डिप्टी जीएम एके सिंह का कहना है कि बैंक अपना सीडी रेशियो बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
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कुल बैंक शाखाएं : 264
कुल जमा राशि : 27,70,204.54 लाख
कुल ऋण वितरण : 14,61,704 लाख
जिले का कुल सीडी रेशियो : 52.77%
सरकारी बैंकों का औसत सीडी रेशियो : 43.78%
निजी बैंकों का औसत सीडी रेशियो : 95.58%
यह होता है सीडी रेशियो
सीडी अनुपात (क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात) से पता चलता है कि बैंकों ने जितनी पैसा जमा किया उसके मुकाबले कितना ऋण उसने वितरित किया।
कम सीडी रेशियो का मतलब है कि बैंक ने पैसा तो खूब जमा किया लेकिन, उस अनुपात में वह ऋण नहीं दे रहे हैं। इसका असर सरकारी रोजगार परख योजनाओं पर पड़ता है वहीं, कई बैंकों का सीडी रेशियो (100 प्रतिशत से ज्यादा) मिला। इसका मतलब है कि बैंक ने अपने पास जमा
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धनराशि से भी अधिक ऋण दिया।
सरकारी योजनाओं के 3794 से अधिक आवेदन कर दिए निरस्त
बैंक कई सरकारी योजनाओं के लिए भी ऋण देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उद्योग विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछली तिमाही में बैंकों ने सिर्फ मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा) योजना में कुल 3794 आवेदन निरस्त कर दिए। उनको ऋण नहीं दिया। इनमें पंजाब नेशनल बैंक 894, बैंक ऑफ इंडिया 214, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 199, एचडीएफसी 124, यूपी ग्रामीण बैंक 412, बैंक ऑफ़ इंडिया 214, इंडियन बैंक 201 सहित 19 बैंकों ने आवेदन निरस्त करते हुए ऋण देने से इन्कार कर दिया था।