फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   पानी के लाले मुश्किल से जुटा पाएंगे निवाले

पानी के लाले मुश्किल से जुटा पाएंगे निवाले

Wed, 23 Aug 2017 07:27 PM IST
Updated Wed, 23 Aug 2017 07:27 PM IST
विज्ञापन
पानी के लाले मुश्किल से जुटा पाएंगे निवाले
पानी के लाले मुश्किल से जुटा पाएंगे निवाले
विज्ञापन

पाली।
बुंदेलखंड की तहसील पाली में एक बार फिर सूखे की त्रासदी ने अपनी दस्तक देनी शुरू कर दी है। ऐसी झमाझम बारिश नहीं हुई, जिससे कुएं , नदी , तालाब भर सके। खरीफ की फसल दिन प्रतिदिन बेदम होती जा रही है। ऊपर से कीट पतंगें फसलों को चट करने में लगे हैं। पंद्रह-बीस दिन पहले जो किसान अपनी फसलों को देखकर फूला नहीं समा रहा था। अब वह भगवान भरोसे बैठा नजर आ रहा है। शासन-प्रशासन से मदद मिले इसके लिए नुकसान का आंकलन भी जरूरी है ।
15 दिन पहले हो जानी चाहिए थी बारिश
अभी 15 दिन पहले तक किसान बता रहे थे कि बीते एक दशक में ऐसी फसल देखने को नहीं मिली। लेकिन अब मौसम की मार ने सब कुछ बदलकर रख दिया। बताते हैं कि फसल पर जब फूल पर आ रही थी तभी बारिश हो जानी चाहिए थी।
विज्ञापन

खेती पर ही निर्भर है आबादी
बुंदेलखंड के जिला ललितपुर अंतर्गत तहसील पाली में बरसात के मौसम से ही सूखे ने अपनी दस्तक देनी शुरू कर दी है। यहां की बड़ी आबादी खेती पर ही निर्भर करती है। इनके जोत भी बड़े नही हैं। रोजगार के कोई खास इंतजाम नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोढ़ में खाज पैदा की कहावत हो रही चरित्रार्थ
फसलों पर रोगों का भी ग्रहण लग गया है। पीला मोजेक, माहू व कीट पतंगों ने भी फसल को निशाना बना लिया है। जो फली पनप भी रही है उसे कीट पतंगे चट करने में लगे हैं।

पान किसान भी परेशान
पाली में बड़े पैमाने पर पान की खेती होती है। बारिश न होने से उनके जलस्रोत भी सूखे है। कड़ी मेहनत के बाद इनकी सिंचाई हो पा रही हैं। ऐसी स्थिति बनी रही तो पानी का इंतजाम बड़ा मुशिकल हो जाएगा ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed