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स्वाइन फ्लू से बचाव में जुटा स्वास्थ्य विभाग
Updated Sat, 19 Aug 2017 03:03 AM IST
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स्वाइन फ्लू से बचाव में जुटा स्वास्थ्य विभाग
ललितपुर।
शहर में गत दिवस हुई महिला की मौत से स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक दो लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत होने की पुष्टि की जा चुकी है, जबकि एक व्यक्ति की मौत भी स्वाइन फ्लू से संदिग्ध बताई गई। इससे स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने मुहल्ले में सर्वे कर 15 लोगों को उपचार किया। पांच लोगों को स्वाइन फ्लू की दवा खिलाई। टीम को तीन लोग खांसी, जुकाम व बुखार से इंफेक्टेड मिले।
आखिरकार स्वास्थ्य विभाग को तीन मौतों के बाद जिले में स्वाइन फ्लू की हकीकत को मान लिया है। जिस महिला की स्वाइन फ्लू से मौत होने की बात स्वास्थ्य विभाग नकार रहा था, बृहस्पतिवार की रात उक्त महिला की स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल टीमों का गठन कर सर्वे का प्लान तैयार किया है। मुहल्ला तालाबपुरा निवासी रामसेवक साहू की पत्नी रामसखी की स्वाइन फ्लू के चलते बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे मौत हो गई थी। जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उसी दिन मृतका के घर पहुंचकर बीमारी के इलाज संबंधी चिकित्सीय प्रपत्रों की जांच की थी। प्रपत्रों में स्वाइन फ्लू से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात टीम ने कही थी। मृतका के पति रामसेवक साहू ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को स्पष्ट बताया था कि रामसखी का इलाज झांसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर दिल्ली में जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट आने पर चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की थी, लेकिन परिजनों के पास उक्त जांच रिपोर्ट नहीं होने के चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला की मौत स्वाइन फ्लू से होने के दावे को नकार दिया था। बृहस्पतिवार को ही रात में जांच रिपोर्ट की कॉपी स्वास्थ्य विभाग को मिली, जिसमें उक्त महिला को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव होना दर्शाया गया। जांच रिपोर्ट देख स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल पांच सदस्यीय एक रैपिड एक्शन टीम का गठन करके सुबह उक्त मुहल्ले में सर्वे किया गया। टीम को मृतका के पांच घनिष्ठ संबंधियों को प्री कोशन देते हुए स्वाइन फ्लू की दवा दी गई।
स्वास्थ्य टीम को मुहल्ले तालाबपुरा में सर्वे के दौरान 19 लोगों का स्वाइन फ्लू से सतर्कता के चलते उपचार किया। तीन लोगों को सर्दी-खांसी व बुखार की शिकायत पाए जाने से सामान्य उपचार कराया गया। सभी लोगों को सावधानी बरतने और हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों को दिखाने की सलाह दी गई।
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बता दें कि इससे पूर्व तालाबपुरा मुहल्ला में ही रजिस्ट्री लेखाकार रमेश कुमार श्रीवास्तव उर्फ मुन्ना की मौत भी गत सोमवार को स्वाइन फ्लू से गई थी, हालांकि स्वास्थ्य विभाग यह मानने से अब भी इंकार कर रहा है। जबकि झांसी में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने मुन्ना को स्वाइन फ्लू के लक्षण होना बताया था। वहीं, करीब दो माह पहले आजादपुरा निवासी केके सोनी की मौत स्वाइन फ्लू से होने की पुष्टि स्वास्थ्य महानिदेशक दिल्ली द्वारा की गई थी।
इंसेट-----1
चल रहा है सफाई अभियान
नगर पालिका शहर में सफाई करा रही है। स्वाइन फ्लू की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। यदि स्वास्थ्य विभाग कहेगा तो चिह्नित स्थानों पर विशेष रूप से सफाई कराई जाएगी। वैसे नगर पालिका द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान 25 अगस्त तक चल रहा है।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।
इंसेट.......2
रेपिड एक्शन टीम गठित
तालाबपुरा निवासी महिला रामसखी साहू की स्वाइन फ्लू से मौत की पुष्टि हुई है। उक्त महिला का इलाज झांसी के निजी अस्पताल में चल रहा था। दिल्ली स्थित लाल पेेथोलॉजी की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग द्वारा पांच सदस्यीय रेपिड एक्शन टीम का गठन किया गया है, जो सर्वे कर लोगों को जरूरी प्री कोशन दे रही है।
डॉ. प्रताप सिंह, सीएमओ।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
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मांसपेशियों में दर्द होना, गले में खराश और दर्द
सूखी खांसी, बुखार, उल्टी या दस्त का होना
सिर दर्द, भूख न लगना
गंभीर मामलों में शरीर के किसी अंग का काम न करना।
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स्वाइन फ्लू से रोकथाम
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1. सबसे पहले सभी को बताना चाहिए।
2. संक्रमण की पुष्टि करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क बना कर रखें।
3. स्वाइन फ्लू की चपेट में हो तो, लोगों से कम तालमेल बनाकर रखना चाहिए।
4. काम करने वाले व्यक्ति को तब तक आराम करना चाहिए जब तक कि अच्छी तरह से ठीक न हो जाए।
5. अगर किसी में फ्लू के लक्षण दिखाई दे, तो उसे सभी से अलग होने को कहें या उसे घर जाने को कहें घर में भी उसे दूरी बनाकर रखने की आवश्यकता होती है।
6. स्वाइन फ्लू से पी़िड़त व्यक्ति को बार-बार अपने हाथ साबुन के साथ धोने चाहिए इससे संक्रमण को रोका जा सकता है।
7. छींकते, खांसते हुए टिशु पेपर का इस्तेमाल करना चाहिए और बाद में टिशु पेपर को कचरा दान में दाल कर नष्ट कर देना चाहिए।
8. दरवाजों के हैंडल, रिमोट, कंप्यूटर आदि को साफ रखना चाहिए।
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ललितपुर।
शहर में गत दिवस हुई महिला की मौत से स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक दो लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत होने की पुष्टि की जा चुकी है, जबकि एक व्यक्ति की मौत भी स्वाइन फ्लू से संदिग्ध बताई गई। इससे स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने मुहल्ले में सर्वे कर 15 लोगों को उपचार किया। पांच लोगों को स्वाइन फ्लू की दवा खिलाई। टीम को तीन लोग खांसी, जुकाम व बुखार से इंफेक्टेड मिले।
आखिरकार स्वास्थ्य विभाग को तीन मौतों के बाद जिले में स्वाइन फ्लू की हकीकत को मान लिया है। जिस महिला की स्वाइन फ्लू से मौत होने की बात स्वास्थ्य विभाग नकार रहा था, बृहस्पतिवार की रात उक्त महिला की स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल टीमों का गठन कर सर्वे का प्लान तैयार किया है। मुहल्ला तालाबपुरा निवासी रामसेवक साहू की पत्नी रामसखी की स्वाइन फ्लू के चलते बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे मौत हो गई थी। जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उसी दिन मृतका के घर पहुंचकर बीमारी के इलाज संबंधी चिकित्सीय प्रपत्रों की जांच की थी। प्रपत्रों में स्वाइन फ्लू से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात टीम ने कही थी। मृतका के पति रामसेवक साहू ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को स्पष्ट बताया था कि रामसखी का इलाज झांसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर दिल्ली में जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट आने पर चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की थी, लेकिन परिजनों के पास उक्त जांच रिपोर्ट नहीं होने के चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला की मौत स्वाइन फ्लू से होने के दावे को नकार दिया था। बृहस्पतिवार को ही रात में जांच रिपोर्ट की कॉपी स्वास्थ्य विभाग को मिली, जिसमें उक्त महिला को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव होना दर्शाया गया। जांच रिपोर्ट देख स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल पांच सदस्यीय एक रैपिड एक्शन टीम का गठन करके सुबह उक्त मुहल्ले में सर्वे किया गया। टीम को मृतका के पांच घनिष्ठ संबंधियों को प्री कोशन देते हुए स्वाइन फ्लू की दवा दी गई।
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स्वास्थ्य टीम को मुहल्ले तालाबपुरा में सर्वे के दौरान 19 लोगों का स्वाइन फ्लू से सतर्कता के चलते उपचार किया। तीन लोगों को सर्दी-खांसी व बुखार की शिकायत पाए जाने से सामान्य उपचार कराया गया। सभी लोगों को सावधानी बरतने और हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों को दिखाने की सलाह दी गई।
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बता दें कि इससे पूर्व तालाबपुरा मुहल्ला में ही रजिस्ट्री लेखाकार रमेश कुमार श्रीवास्तव उर्फ मुन्ना की मौत भी गत सोमवार को स्वाइन फ्लू से गई थी, हालांकि स्वास्थ्य विभाग यह मानने से अब भी इंकार कर रहा है। जबकि झांसी में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने मुन्ना को स्वाइन फ्लू के लक्षण होना बताया था। वहीं, करीब दो माह पहले आजादपुरा निवासी केके सोनी की मौत स्वाइन फ्लू से होने की पुष्टि स्वास्थ्य महानिदेशक दिल्ली द्वारा की गई थी।
इंसेट-----1
चल रहा है सफाई अभियान
नगर पालिका शहर में सफाई करा रही है। स्वाइन फ्लू की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। यदि स्वास्थ्य विभाग कहेगा तो चिह्नित स्थानों पर विशेष रूप से सफाई कराई जाएगी। वैसे नगर पालिका द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान 25 अगस्त तक चल रहा है।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।
इंसेट.......2
रेपिड एक्शन टीम गठित
तालाबपुरा निवासी महिला रामसखी साहू की स्वाइन फ्लू से मौत की पुष्टि हुई है। उक्त महिला का इलाज झांसी के निजी अस्पताल में चल रहा था। दिल्ली स्थित लाल पेेथोलॉजी की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग द्वारा पांच सदस्यीय रेपिड एक्शन टीम का गठन किया गया है, जो सर्वे कर लोगों को जरूरी प्री कोशन दे रही है।
डॉ. प्रताप सिंह, सीएमओ।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
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मांसपेशियों में दर्द होना, गले में खराश और दर्द
सूखी खांसी, बुखार, उल्टी या दस्त का होना
सिर दर्द, भूख न लगना
गंभीर मामलों में शरीर के किसी अंग का काम न करना।
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स्वाइन फ्लू से रोकथाम
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1. सबसे पहले सभी को बताना चाहिए।
2. संक्रमण की पुष्टि करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क बना कर रखें।
3. स्वाइन फ्लू की चपेट में हो तो, लोगों से कम तालमेल बनाकर रखना चाहिए।
4. काम करने वाले व्यक्ति को तब तक आराम करना चाहिए जब तक कि अच्छी तरह से ठीक न हो जाए।
5. अगर किसी में फ्लू के लक्षण दिखाई दे, तो उसे सभी से अलग होने को कहें या उसे घर जाने को कहें घर में भी उसे दूरी बनाकर रखने की आवश्यकता होती है।
6. स्वाइन फ्लू से पी़िड़त व्यक्ति को बार-बार अपने हाथ साबुन के साथ धोने चाहिए इससे संक्रमण को रोका जा सकता है।
7. छींकते, खांसते हुए टिशु पेपर का इस्तेमाल करना चाहिए और बाद में टिशु पेपर को कचरा दान में दाल कर नष्ट कर देना चाहिए।
8. दरवाजों के हैंडल, रिमोट, कंप्यूटर आदि को साफ रखना चाहिए।