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पोजीटिव न्यूज: राजधानी, शताब्दी और दूरंतो-City
Updated Sun, 30 Jul 2017 07:06 PM IST
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अब आपकी इच्छा पर ही खाना परोसेगा रेलवे
सब हेड: राजधानी, दूरंतो और शताब्दी एक्सप्रेस में भोजन की अनिवार्यता जल्द होगी खत्म
क्रासर
अभी टिकट में खाने के पैसे जोड़कर किराया लिया जाता है
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
आने वाले दिनों में राजधानी, दूरंतो या शताब्दी एक्सप्रेस में सफर करने पर रेलवे आपसे भोजन का पैसा आपकी इच्छा पर ही वसूल करेगा। अगर आप टिकट लेते समय ट्रेन का खाना लेने से मना कर देंगे तो आप से इसका पैसा नहीं लिया जाएगा। अभी इन ट्रेनों में किराए के साथ खाने का पैसा अनिवार्य रूप से लिया जाता है, भले ही आप खाना खाएं या न खाएं।
आप झांसी से दिल्ली के लिए शताब्दी एक्सप्रेस के चेयर कार में सफर कर रहे हैं तो आपसे दूरी के हिसाब से 795 रुपये किराया लिया जा रहा है। इसमें 548 रुपये टिकट, 130 खाने (कैटरिंग चार्ज), 40 रुपये रिजर्वेशन चार्ज, 45 सुपरफास्ट और 32 रुपये जीएसटी चार्ज लिया जाता है। पिछले दिनों पूर्वा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के खाने में छिपकली निकलने के बाद से रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके बाद कई और मामले भी सामने आए। ऐसा नहीं कि यह पहली बार हुआ हो। पहले भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन हर बार खानापूरी कर मामला शांत पड़ जाता है। मगर, पूर्वा एक्सप्रेस की घटना के बाद अब रेलवे अपनी कैटरिंग नीति में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है।
वीआईपी ट्रेनों में अब यात्री की इच्छा पर ही कैटरिंग का चार्ज काटा जाएगा। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड स्तर पर इस नीति पर काम चल रहा है।
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खानपान पर छिड़ा है महानिरीक्षण अभियान
रेलवे बोर्ड के आदेश पर मंडल में 26 से 15 अगस्त तक खानपान की गुणवत्ता को जांचने के लिए महानिरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सभी वाणिज्य अफसर अलग-अलग स्टेशनों और ट्रेनों की पेंट्रीकार में जांच कर रहे हैं। रविवार को सीनियर डीसीएम ने झांसी और ग्वालियर स्टेशन पर खानपान व्यवस्था की जांच की। इस दौरान उन्होंने यात्री भोजनालय और सभी स्टालों पर साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
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सब हेड: राजधानी, दूरंतो और शताब्दी एक्सप्रेस में भोजन की अनिवार्यता जल्द होगी खत्म
क्रासर
अभी टिकट में खाने के पैसे जोड़कर किराया लिया जाता है
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
आने वाले दिनों में राजधानी, दूरंतो या शताब्दी एक्सप्रेस में सफर करने पर रेलवे आपसे भोजन का पैसा आपकी इच्छा पर ही वसूल करेगा। अगर आप टिकट लेते समय ट्रेन का खाना लेने से मना कर देंगे तो आप से इसका पैसा नहीं लिया जाएगा। अभी इन ट्रेनों में किराए के साथ खाने का पैसा अनिवार्य रूप से लिया जाता है, भले ही आप खाना खाएं या न खाएं।
आप झांसी से दिल्ली के लिए शताब्दी एक्सप्रेस के चेयर कार में सफर कर रहे हैं तो आपसे दूरी के हिसाब से 795 रुपये किराया लिया जा रहा है। इसमें 548 रुपये टिकट, 130 खाने (कैटरिंग चार्ज), 40 रुपये रिजर्वेशन चार्ज, 45 सुपरफास्ट और 32 रुपये जीएसटी चार्ज लिया जाता है। पिछले दिनों पूर्वा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के खाने में छिपकली निकलने के बाद से रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके बाद कई और मामले भी सामने आए। ऐसा नहीं कि यह पहली बार हुआ हो। पहले भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन हर बार खानापूरी कर मामला शांत पड़ जाता है। मगर, पूर्वा एक्सप्रेस की घटना के बाद अब रेलवे अपनी कैटरिंग नीति में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है।
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वीआईपी ट्रेनों में अब यात्री की इच्छा पर ही कैटरिंग का चार्ज काटा जाएगा। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड स्तर पर इस नीति पर काम चल रहा है।
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खानपान पर छिड़ा है महानिरीक्षण अभियान
रेलवे बोर्ड के आदेश पर मंडल में 26 से 15 अगस्त तक खानपान की गुणवत्ता को जांचने के लिए महानिरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सभी वाणिज्य अफसर अलग-अलग स्टेशनों और ट्रेनों की पेंट्रीकार में जांच कर रहे हैं। रविवार को सीनियर डीसीएम ने झांसी और ग्वालियर स्टेशन पर खानपान व्यवस्था की जांच की। इस दौरान उन्होंने यात्री भोजनालय और सभी स्टालों पर साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।