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झांसी में हुआ नवजात का दुर्लभ ऑपरेशन
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झांसी में हुआ नवजात का दुर्लभ ऑपरेशन
झांसी। महानगर के एक बालरोग सर्जन ने नवजात का दुर्लभ ऑपरेशन कर अविकसित भ्रूण की तरह दिखने वाला ट्यूमर निकाला है। पांच लाख या इससे भी अधिक किसी एक बच्चे में ऐसा ट्यूमर पाया जाता है।
सागर निवासी मुकेश की नवजात पुत्री का पेट जन्म से ही फूला था। बुधवार को उन्होंने सुपर स्पेशिलिस्ट सर्जन डॉ. अरुण गुप्ता को दिखाया। डॉक्टर ने जांच कर बताया कि बच्ची के पेट में एक बड़ी गांठ है। इसके बाद बच्ची के पेट का सीटी स्कैन करवाया गया। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में बच्चे के पेट में लगभग 10X10 सेंटीमीटर की एक थैली दिखाई दी, जिसके भीतर गांठ थी। डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि बच्ची का ऑपरेशन करना होगा। परिजनों के तैयार हो जाने पर जब बृहस्पतिवार को बच्ची का ऑपरेशन किया गया तो उसके पेट से लगभग 10X10 सेंटीमीटर की थैली निकली। डॉ. अरुण के अनुसार जब थैली को खोलकर देखा गया तो लगभग 7-8 सेंटीमीटर का अविकसित भ्रूण की तरह दिखने वाला ट्यूमर था। इस ट्यूमर में अविकसित चेहरा, सिर, बाल स्पष्ट रूप से दिख रहे थे। ऐसे ट्यूमर को फीट इन फीटू टिरेटोमा कहते हैं। डॉक्टर का दावा है कि पांच लाख या इससे भी अधिक किसी एक बच्चे में ये ट्यूमर पाया जाता है। उनके अनुसार विश्व में अभी तक इस तरह के सिर्फ गिने चुने ही सफल ऑपरेशन किए गए हैं। ऑपरेशन के बाद नवजात बच्ची स्वस्थ है।
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झांसी। महानगर के एक बालरोग सर्जन ने नवजात का दुर्लभ ऑपरेशन कर अविकसित भ्रूण की तरह दिखने वाला ट्यूमर निकाला है। पांच लाख या इससे भी अधिक किसी एक बच्चे में ऐसा ट्यूमर पाया जाता है।
सागर निवासी मुकेश की नवजात पुत्री का पेट जन्म से ही फूला था। बुधवार को उन्होंने सुपर स्पेशिलिस्ट सर्जन डॉ. अरुण गुप्ता को दिखाया। डॉक्टर ने जांच कर बताया कि बच्ची के पेट में एक बड़ी गांठ है। इसके बाद बच्ची के पेट का सीटी स्कैन करवाया गया। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में बच्चे के पेट में लगभग 10X10 सेंटीमीटर की एक थैली दिखाई दी, जिसके भीतर गांठ थी। डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि बच्ची का ऑपरेशन करना होगा। परिजनों के तैयार हो जाने पर जब बृहस्पतिवार को बच्ची का ऑपरेशन किया गया तो उसके पेट से लगभग 10X10 सेंटीमीटर की थैली निकली। डॉ. अरुण के अनुसार जब थैली को खोलकर देखा गया तो लगभग 7-8 सेंटीमीटर का अविकसित भ्रूण की तरह दिखने वाला ट्यूमर था। इस ट्यूमर में अविकसित चेहरा, सिर, बाल स्पष्ट रूप से दिख रहे थे। ऐसे ट्यूमर को फीट इन फीटू टिरेटोमा कहते हैं। डॉक्टर का दावा है कि पांच लाख या इससे भी अधिक किसी एक बच्चे में ये ट्यूमर पाया जाता है। उनके अनुसार विश्व में अभी तक इस तरह के सिर्फ गिने चुने ही सफल ऑपरेशन किए गए हैं। ऑपरेशन के बाद नवजात बच्ची स्वस्थ है।
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