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धर्म की खबर-City
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:44 PM IST
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चातुर्मास में ज्ञान की वर्षा से जीवन धन्य: आर्यिकाश्री
- नगर में प्रवेश पर श्रद्धालुओं ने सजाई रंगोलियां
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जैन संत गुरुमां आर्यिका पूर्णमति माताजी सहित आठ अन्य पिच्छीधारी आर्यिकाओं ने नगर प्रवेश किया। जगह - जगह श्रद्धालुओं ने रंगोलियां सजाई और मां के चरण धोये। इस दौरान महिलायें धर्म ध्वज लिए थीं और बैंड बाजों की धुनों पर जयकारे लगा रही थीं।
सिविल लाइन स्थित श्री चंद्रप्रभ् जिनालय से पदयात्रा निकाली गई। इसमें गुदरी महिला मंडल की सदस्यों ने केसरिया वस्त्रों में पगड़ियां पहनकर बैंड वादन किया। कई महिला श्रद्धालु धर्म ध्वज लेकर चल रही थीं। पद यात्रा जयकारों के बीच तहसील, खंडेराव गेट, रानी महल होकर गांधी रोड स्थित पंचायती मंदिर में पहुंची। यहां आर्यिका पूर्णमति माताजी ने प्रवचन में कहा कि जैसे बरसात की ऋतु में आसमान से पानी की बूंद नीम पर गिरकर कड़वी हो जाती है, मिट्टी में गिरकर कीचड़ बन जाती है। उसी प्रकार से वही बूंद स्वाति नक्षत्र में सीप पर गिरे, तो मोती बन जाती है। ऐसे ही चातुर्मास में ज्ञान की अमृत वर्षा से जीवन धन्य बन जाता है।
इस अवसर पर प्रदीप जैन आदित्य, पंचायत अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जैन, प्रवीण कुमार जैन, शैलेंद्र जैन, शीला जैन, राखी जैन, पिंकी जैन, इंद्रा जैन, सुधा सर्राफ, रविंद्र जैन मौजूद रहे। पंचायत महामंत्री प्रवीण कुमार जैन ने बताया कि माताजी के ससंघ सानिध्य में भगवान की शांतिधारा सुबह 7:15 बजे एवं प्रवचन 8:15 बजे से गांधी रोड स्थित पंचायती मंदिर में होगी।
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फोटो
भगवान का नाम जपने से दूर होते हैं कष्ट: श्वेता
झांसी। केके पुरी स्थित श्री चीर वाले खाती बाबा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्वेता भार्गव ने कथा सुनाते हुए कहा कि ईश्वर बहुत दयालु है। उसक ा नाम जपने से जीवन के सभी कष्ट अपने आप दूर हो जाते है।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा प्रत्येक मानव को सुननी चाहिए। यह कल्पवृक्ष के समान है, जिससे आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि होती है। सभी प्रकार के सुख भी प्राप्त होते है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की भक्ति सत्य के मार्ग पर चलने की सीख देता है। जहां प्रभु का संकीर्तन हो रहा है, वहां जरूर शामिल हों। प्रवचन से पहले राजेश्वरी देवी और मायाराम यादव ने भागवत ग्रंथ की पूजा अर्चना की। यज्ञाचार्य अजय दुबे के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंड में आहुतियां अर्पित की। इस अवसर पर शंकर पटैरिया, राजीव श्रीवास्तव, अजय कांत पाठक उपस्थित रहे।
- नगर में प्रवेश पर श्रद्धालुओं ने सजाई रंगोलियां
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जैन संत गुरुमां आर्यिका पूर्णमति माताजी सहित आठ अन्य पिच्छीधारी आर्यिकाओं ने नगर प्रवेश किया। जगह - जगह श्रद्धालुओं ने रंगोलियां सजाई और मां के चरण धोये। इस दौरान महिलायें धर्म ध्वज लिए थीं और बैंड बाजों की धुनों पर जयकारे लगा रही थीं।
सिविल लाइन स्थित श्री चंद्रप्रभ् जिनालय से पदयात्रा निकाली गई। इसमें गुदरी महिला मंडल की सदस्यों ने केसरिया वस्त्रों में पगड़ियां पहनकर बैंड वादन किया। कई महिला श्रद्धालु धर्म ध्वज लेकर चल रही थीं। पद यात्रा जयकारों के बीच तहसील, खंडेराव गेट, रानी महल होकर गांधी रोड स्थित पंचायती मंदिर में पहुंची। यहां आर्यिका पूर्णमति माताजी ने प्रवचन में कहा कि जैसे बरसात की ऋतु में आसमान से पानी की बूंद नीम पर गिरकर कड़वी हो जाती है, मिट्टी में गिरकर कीचड़ बन जाती है। उसी प्रकार से वही बूंद स्वाति नक्षत्र में सीप पर गिरे, तो मोती बन जाती है। ऐसे ही चातुर्मास में ज्ञान की अमृत वर्षा से जीवन धन्य बन जाता है।
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इस अवसर पर प्रदीप जैन आदित्य, पंचायत अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जैन, प्रवीण कुमार जैन, शैलेंद्र जैन, शीला जैन, राखी जैन, पिंकी जैन, इंद्रा जैन, सुधा सर्राफ, रविंद्र जैन मौजूद रहे। पंचायत महामंत्री प्रवीण कुमार जैन ने बताया कि माताजी के ससंघ सानिध्य में भगवान की शांतिधारा सुबह 7:15 बजे एवं प्रवचन 8:15 बजे से गांधी रोड स्थित पंचायती मंदिर में होगी।
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भगवान का नाम जपने से दूर होते हैं कष्ट: श्वेता
झांसी। केके पुरी स्थित श्री चीर वाले खाती बाबा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्वेता भार्गव ने कथा सुनाते हुए कहा कि ईश्वर बहुत दयालु है। उसक ा नाम जपने से जीवन के सभी कष्ट अपने आप दूर हो जाते है।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा प्रत्येक मानव को सुननी चाहिए। यह कल्पवृक्ष के समान है, जिससे आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि होती है। सभी प्रकार के सुख भी प्राप्त होते है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की भक्ति सत्य के मार्ग पर चलने की सीख देता है। जहां प्रभु का संकीर्तन हो रहा है, वहां जरूर शामिल हों। प्रवचन से पहले राजेश्वरी देवी और मायाराम यादव ने भागवत ग्रंथ की पूजा अर्चना की। यज्ञाचार्य अजय दुबे के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंड में आहुतियां अर्पित की। इस अवसर पर शंकर पटैरिया, राजीव श्रीवास्तव, अजय कांत पाठक उपस्थित रहे।