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परमार्थ के पथ पर चलने का आह्वान
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 22 Feb 2015 10:46 PM IST
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ठाकुर अनुकूलचंद का 127वां जन्म महोत्सव रविवार को कमला नगर हुसैनाबाद स्थित सत्संग केंद्र में भव्य तरीके से मनाया गया। सुबह शोभायात्रा निकाली गई। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने दीक्षा ग्रहण की।
गाजे बाजे के साथ निकली शोभायात्रा कचहरी तिराहा, जेल रोड, शेखपुर होते हुए रोडवेज, टीडी कालेज पुलिस लाइन के रास्ते वापस सत्संग केंद्र पर पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित हो गई।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने ठाकुर अनुकूल चंद्र के प्रमुख नीति अपने जीवन को प्रगति और परमार्थ के पथ पर ले जाने का आह्वान किया।
कहा कि यदि व्यक्ति का मन आदर्श मुखी होकर नियंत्रित नहीं रहता तो वह अपनी बुद्धिहीनता के कारण अपयश को प्राप्त कर नष्ट हो जाता है। मन को नियंत्रित करने की विधि एक सिद्ध और सुनियंत्रित मनवाला गृहस्थ गुरु ही अपने आचरण
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के जरिए बता सकता है। मुख्य वक्ता देवघर (झारखंड) से आए नीरज कुमार ने ठाकुर के शास्वत जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता डा. एके सिंह ने की। अरविंद पांडेय, सत्यप्रकाश सिंह, हरिशंकर सिंह, अशोक कुमार गुप्ता, डा. नीलेश श्रीवास्तव, डा. पंखुड़ी श्रीवास्तव ने सभा को संबोधित किया। संचालन काली प्रसाद ने किया।
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गाजे बाजे के साथ निकली शोभायात्रा कचहरी तिराहा, जेल रोड, शेखपुर होते हुए रोडवेज, टीडी कालेज पुलिस लाइन के रास्ते वापस सत्संग केंद्र पर पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित हो गई।
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सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने ठाकुर अनुकूल चंद्र के प्रमुख नीति अपने जीवन को प्रगति और परमार्थ के पथ पर ले जाने का आह्वान किया।
कहा कि यदि व्यक्ति का मन आदर्श मुखी होकर नियंत्रित नहीं रहता तो वह अपनी बुद्धिहीनता के कारण अपयश को प्राप्त कर नष्ट हो जाता है। मन को नियंत्रित करने की विधि एक सिद्ध और सुनियंत्रित मनवाला गृहस्थ गुरु ही अपने आचरण
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के जरिए बता सकता है। मुख्य वक्ता देवघर (झारखंड) से आए नीरज कुमार ने ठाकुर के शास्वत जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता डा. एके सिंह ने की। अरविंद पांडेय, सत्यप्रकाश सिंह, हरिशंकर सिंह, अशोक कुमार गुप्ता, डा. नीलेश श्रीवास्तव, डा. पंखुड़ी श्रीवास्तव ने सभा को संबोधित किया। संचालन काली प्रसाद ने किया।