{"_id":"6d9cfc2642f34236f3b4bea10db67817","slug":"voluntarily-accept-religion-justified-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वेच्छा से धर्म स्वीकारना न्यायोचित: परमहंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वेच्छा से धर्म स्वीकारना न्यायोचित: परमहंस
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 22 Dec 2014 11:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशी से आए स्वामी परमहंस महराज ने कहा कि किसी दबाव एवं लालच के बगैर धर्म परिवर्तन करना अपराध नहीं है। सभी धर्मों का महत्व समान है।
अनुयायियों के आचरण पर यह निर्भर करता है कि वह धर्म को कितना अधिक आत्मसात कर समाज एवं देश की एकता, अखंडता के प्रति जागरूकता प्रदान करते हैं।
उक्त बातें बीरमपुर गांव में स्थित हनुमान जी मंदिर पर आयोजित दीक्षा समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत धर्म निरपेक्ष राज्य है।
यहां प्रत्येक व्यक्ति को धार्मिक स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदान की गई है। हम अपनी स्वेच्छा से किसी भी धर्म को मान सकते हैं। कहा कि आगरा में हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराया गया था,
जिसे संघ द्वारा फिर से घर वापसी कराया जाना न्यायोचित है। इस मौके पर कलावती देवी, सुरसत्ती देवी, राजनाथ, बांकेलाल, छोटेलाल, रामनाथ आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
अनुयायियों के आचरण पर यह निर्भर करता है कि वह धर्म को कितना अधिक आत्मसात कर समाज एवं देश की एकता, अखंडता के प्रति जागरूकता प्रदान करते हैं।
उक्त बातें बीरमपुर गांव में स्थित हनुमान जी मंदिर पर आयोजित दीक्षा समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत धर्म निरपेक्ष राज्य है।
यहां प्रत्येक व्यक्ति को धार्मिक स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदान की गई है। हम अपनी स्वेच्छा से किसी भी धर्म को मान सकते हैं। कहा कि आगरा में हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराया गया था,
जिसे संघ द्वारा फिर से घर वापसी कराया जाना न्यायोचित है। इस मौके पर कलावती देवी, सुरसत्ती देवी, राजनाथ, बांकेलाल, छोटेलाल, रामनाथ आदि मौजूद थे।