जौनपुर। वर्ष 2026 का दिन पहला दिन लोगों की उम्मीदों के मुताबिक रहा। सुबह से ही अच्छी धूप निकली और जल्द ही कोहरा छंट गया। खुले मौसम के कारण लोगों की दिनचर्चा ही बदल गई। विशेष काम से ही घरों से निकलने वाले लोग भी अपने आराध्य की पूजा करने के बाद अपनों को बधाई देने में जुट गए। सुबह से ही लोग शीतला धाम और मां शारदा मंदिर में मत्था टेककर दर्शन-पूजन करने पहुंचे। पूर्वांचल में आस्था का केंद्र मां शीतला धाम में नवरात्र जैसा नजारा दिखा। मंदिर से प्रशासन के मुताबिक मां का आशीर्वाद लेने के लिए 50 हजार से अधिक लोगों ने मत्था टेका। यहां लोगों ने शीश नवाकर अपने और परिवार के साथ समाज के कल्याण की कामना की। इसके अलावा मैहर देवी मंदिर व अन्य मंदिरों पर भी काफी भीड़ रही। दोपहर में शाही किला और लोहिया पार्क में सैर करने वालों की भीड़ लग गई। गोमती नदी में नौकायन का भी लोगों ने आनंद लिया। शाही किला में घूमने-फिरने वालों की संख्या एक जनवरी को दोगुनी हो गई। यहां एक हजार से अधिक लोग किले में पहुंचे। लोग धूप अच्छी होने के कारण किले में बैठे रहे। शाही पुल, सद्भावना पुल और दोनों पुलों के बीच हजारों की भीड़ देखने को मिली। यहां धूप में छोटे-बच्चों को भी लेकर लोग पूरे दिन पहुंच रहे थे। दोपहर बाद से लेकर देर शाम तक यहां अच्छी खासी भीड़ नजर आई। रात 12 बजे से ही फोन व सोशल मीडिया के जरिए लोग एक-दूसरे को शुभकामना संदेश भेजते रहे। होटलों व रेस्टोरेंट में पार्टियों का दौर बृहस्पतिवार को भी चलता रहा। इस दौरान लोगों ने केक काटकर मुंह मीठा कराया। सुबह से ही रेस्टोरेंट व होटलों में लोग दोस्तों व परिवार के साथ नाश्ता व भोजन करने पहुंच रहे थे। शाम होने पर कुछ क्लबों की तरफ से नए साल की पार्टी का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवा जमकर थिरकते रहे। पालीटेक्निक चौराहे के समीप लोहिया पार्क में सैलानियों की भीड़ देखी गई। हमेशा दिन में तीन बजे खुलने वाला यह पार्क बृहस्पतिवार को सुबह पांच बजे ही खोल दिया गया। इस पार्क में प्रवेश के लिए पांच रुपये का टिकट भी लगाया गया। इसके बावजूद बावजूद प्रवेश के लिए मारामारी मची रही। पार्क के बाहर बच्चों के खेलने के लिए मिकी माउस से सरकने वाला बैलून भी लगाया गया था। इसके बाद छोटी कार, बाइक भी थी, जिस पर टिकट लेने के बाद बच्चे उसका आनंद लेते दिखे। इसके साथ गुब्बारा, खिलौने व खाने-पीने की चीजें भी वहां मिल रही थीं।

गोमती नदी पर उमड़े लोग। संवाद

गोमती नदी पर उमड़े लोग। संवाद