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Jaunpur News: तीन जिलों में छापा, 40 नंबर सर्विलांस पर, जेल में तीन घंटे तक हुई पूछताछ
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जौनपुर। जलालपुर और सुरेरी थाना में दर्ज जबरन वसूली और लूट के दो मामलों की जांच चल रही है। शुक्रवार को मामले में एसआईटी टीम से जुड़े अधिकारी ने बताया कि आरोपी निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वाराणसी, मिर्जापुर व प्रयागराज में दबिश दी।
जांच के दौरान करीब 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। इनके जरिये आरोपियों के आपसी संपर्क और कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। वाराणसी निवासी राजेंद्र दुबे, खाता धारक वंश नारायण गिरी, राज नारायण गिरी और सुरेरी के निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह की तलाश तेज कर दी गई है।
राज नारायण गिरी और दिव्य प्रकाश सिंह पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। वहीं, एसआईटी की टीम शुक्रवार को जेल पहुंची और मामले में सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपियों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की।
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टीम ने आत्मसमर्पण करने वाले केराकत कोतवाली क्षेत्र के पहाड़ी पट्टी निवासी संकीत और उसके भाई विकास सिंह से भी पूछताछ की। जांच टीम के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों का संपर्क सुरेरी थाना क्षेत्र के देहुआ निवासी राज नारायण गिरी से था।
राज नारायण गिरी, सुरेरी में ग्राहक सेवा केंद्र के मालिक बताए जा रहे हैं। इस ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन कबीरुद्दीनपुर निवासी मनीष पटेल करता था।
इसी मामले में निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और आरक्षी विष्णु सिंह की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। एसआईटी अब भागे आरोपियों तक पहुंचने के लिए उनके संपर्कों और मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है। पुलिस टीमों को अलग-अलग जिलों में भेजकर लगातार दबिश दी जा रही है।
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जांच के दौरान करीब 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। इनके जरिये आरोपियों के आपसी संपर्क और कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। वाराणसी निवासी राजेंद्र दुबे, खाता धारक वंश नारायण गिरी, राज नारायण गिरी और सुरेरी के निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह की तलाश तेज कर दी गई है।
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राज नारायण गिरी और दिव्य प्रकाश सिंह पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। वहीं, एसआईटी की टीम शुक्रवार को जेल पहुंची और मामले में सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपियों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की।
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टीम ने आत्मसमर्पण करने वाले केराकत कोतवाली क्षेत्र के पहाड़ी पट्टी निवासी संकीत और उसके भाई विकास सिंह से भी पूछताछ की। जांच टीम के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों का संपर्क सुरेरी थाना क्षेत्र के देहुआ निवासी राज नारायण गिरी से था।
राज नारायण गिरी, सुरेरी में ग्राहक सेवा केंद्र के मालिक बताए जा रहे हैं। इस ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन कबीरुद्दीनपुर निवासी मनीष पटेल करता था।
इसी मामले में निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और आरक्षी विष्णु सिंह की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। एसआईटी अब भागे आरोपियों तक पहुंचने के लिए उनके संपर्कों और मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है। पुलिस टीमों को अलग-अलग जिलों में भेजकर लगातार दबिश दी जा रही है।