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Jaunpur News: मेडिकल कॉलेज से बिना प्रक्रिया के शव लेकर चले गए परिजन
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मल्हनी। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में मरीज की मौत के बाद शव को निर्धारित प्रक्रिया का पालन कराए बिना ही परिजनों को सौंपे जाने का मामला कॉलेज प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर रहा है।
सबसे गंभीर सवाल ये है कि मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील संस्थान में शव को बिना निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए परिजन लेकर चले गए और इसकी भनक तक किसी जिम्मेदार अधिकारी, चिकित्सक, कर्मचारी या सुरक्षा गार्ड को नहीं लगी।
महाविद्यालय के आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी) में 23 सितंबर की रात एक मरीज की मृत्यु हुई थी। आरोप है कि मृत्यु के बाद शव को परिजनों को सौंपने से पहले निर्धारित विभागीय प्रक्रिया और व्यवस्था का पालन नहीं किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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सवाल यह है कि अस्पताल में भर्ती मरीज की मृत्यु के बाद शव को बाहर ले जाने की प्रक्रिया से जुड़े जिम्मेदार कर्मचारियों की निगरानी के बावजूद ऐसा कैसे हो गया। यदि शव बिना प्रक्रिया के बाहर गया तो ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।
क्या शव कॉलेज परिसर से बाहर ले जाने के दौरान किसी स्तर पर रोक-टोक या सत्यापन नहीं हुआ। मामला सामने आने के बाद जब मेडिकल कॉलेज प्रशासन से घटना के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
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सबसे गंभीर सवाल ये है कि मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील संस्थान में शव को बिना निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए परिजन लेकर चले गए और इसकी भनक तक किसी जिम्मेदार अधिकारी, चिकित्सक, कर्मचारी या सुरक्षा गार्ड को नहीं लगी।
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महाविद्यालय के आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी) में 23 सितंबर की रात एक मरीज की मृत्यु हुई थी। आरोप है कि मृत्यु के बाद शव को परिजनों को सौंपने से पहले निर्धारित विभागीय प्रक्रिया और व्यवस्था का पालन नहीं किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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सवाल यह है कि अस्पताल में भर्ती मरीज की मृत्यु के बाद शव को बाहर ले जाने की प्रक्रिया से जुड़े जिम्मेदार कर्मचारियों की निगरानी के बावजूद ऐसा कैसे हो गया। यदि शव बिना प्रक्रिया के बाहर गया तो ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।
क्या शव कॉलेज परिसर से बाहर ले जाने के दौरान किसी स्तर पर रोक-टोक या सत्यापन नहीं हुआ। मामला सामने आने के बाद जब मेडिकल कॉलेज प्रशासन से घटना के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।