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ग्रामीण शीघ्र ही बनेंगे अपने-अपने आबादी की भूमि के मालिक
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जौनपुर। खेतों की तरह ही ग्रामीण अब जल्द ही आबादी की भूमि के भी मालिक बनेंगे। पहले चरण की सफलता के बाद सरकार के निर्देश पर स्वामित्व योजना के दूसरे चरण में 2432 गांवों की घरौनी बनाने के लिए सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। इसमें से 1504 गांवों की फीडिंग भी हो चुकी है। रविवार से चिह्नित गांवों में ड्रोन कैमरे से आबादी की भूमि की तस्वीर ली जाएगी। आबादी की जमीन का मालिकाना हक मिलने के बाद ग्रामीण खेतों की तरह ही इस भूमि पर भी लोन ले सकेंगे। विवादों के निस्तारण में भी सहूलियत होगी।
गांवों में आबादी की भूमि का मालिकाना हक देने और उससे जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना का संचालन किया है। इसके तहत खतौनी की तरह ही घरौनी भी तैयार की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में सदर तहसील के 10 गांवों का चयन किया गया था। इसमें तीन गांव गैर आबाद पाए गए। अन्य सात गांव का सितंबर में ही सर्वे करने के बाद ड्रोन कैमरे से जांच कर घरौनी तैयारी करने का कार्य शुरू किया गया है। इस चरण की सफलता के बाद अब दूसरे चरण में जिले के सभी तहसीलों में मौजूद 3529 राजस्व गांवों में से 2432 गांवों का चयन कर सर्वे कार्य किया जा रहा है। इसमें आबादी के रकबे में मकान आदि का विवरण तैयारी कर फीड करने का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य एसडीएम व तहसीलदार के नेतृत्व में हलका लेखपाल व कानूनगो कर रहे हैं। अभी तक 1504 गांवों का सर्वे कर आबादी का ब्योरा फीड किया जा चुका है। शेष 928 गांवों के सर्वे का कार्य जारी है। रविवार से ड्रोन कैमरे से चिह्नित गांवों में आबादी की फोटो ली जाएगी। इसके बाद मानचित्र बनाकर उस पर दावे-आपत्तियां लेते हुए घरौनी बनाने का कार्य शुरू होगा।
ड्रोन से जांच के तहसीलवार चिंहित किए गए हैं 10-10 गांव
जौनपुर। ड्रोन कैमरे से तस्वीर खींचने के लिए रविवार से शुरू हो रहे अभियान के तहत तहसील से 10-10 गांव का चयन हो चुका है। एसडीएम व तहसीलदार की ओर से चयनित गांवों में पांच की संख्या में टीम कार्य करेगी। उनके सहयोग के लिए लेखपाल, कानूनगो व चेन मैन भी मौजूद रहेंगे। सबसे पहले मछलीशहर तहसील के चिह्नित 10 गांवों की जांच होगी।
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घरौनी बनने से लाभ
जौनपुर। आबादी की भूमि की घरौनी बनने पर राजस्व विभाग अपने रिकार्डों में पूरा विवरण फीड कराएगा। रिकार्ड में घरौनी दर्ज होने पर उसकी ग्रामीणों को जरूरत पड़ने पर नकल भी मिल सकेगी। नकल के आधार पर ग्रामीण आबादी की भूमि पर पर बैंक से लोन ले सकेंगे। आबादी की भूमि से संबंधी मुकदमों में भी कमी आएगी।
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गांवों में आबादी की भूमि का मालिकाना हक देने और उससे जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना का संचालन किया है। इसके तहत खतौनी की तरह ही घरौनी भी तैयार की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में सदर तहसील के 10 गांवों का चयन किया गया था। इसमें तीन गांव गैर आबाद पाए गए। अन्य सात गांव का सितंबर में ही सर्वे करने के बाद ड्रोन कैमरे से जांच कर घरौनी तैयारी करने का कार्य शुरू किया गया है। इस चरण की सफलता के बाद अब दूसरे चरण में जिले के सभी तहसीलों में मौजूद 3529 राजस्व गांवों में से 2432 गांवों का चयन कर सर्वे कार्य किया जा रहा है। इसमें आबादी के रकबे में मकान आदि का विवरण तैयारी कर फीड करने का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य एसडीएम व तहसीलदार के नेतृत्व में हलका लेखपाल व कानूनगो कर रहे हैं। अभी तक 1504 गांवों का सर्वे कर आबादी का ब्योरा फीड किया जा चुका है। शेष 928 गांवों के सर्वे का कार्य जारी है। रविवार से ड्रोन कैमरे से चिह्नित गांवों में आबादी की फोटो ली जाएगी। इसके बाद मानचित्र बनाकर उस पर दावे-आपत्तियां लेते हुए घरौनी बनाने का कार्य शुरू होगा।
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ड्रोन से जांच के तहसीलवार चिंहित किए गए हैं 10-10 गांव
जौनपुर। ड्रोन कैमरे से तस्वीर खींचने के लिए रविवार से शुरू हो रहे अभियान के तहत तहसील से 10-10 गांव का चयन हो चुका है। एसडीएम व तहसीलदार की ओर से चयनित गांवों में पांच की संख्या में टीम कार्य करेगी। उनके सहयोग के लिए लेखपाल, कानूनगो व चेन मैन भी मौजूद रहेंगे। सबसे पहले मछलीशहर तहसील के चिह्नित 10 गांवों की जांच होगी।
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घरौनी बनने से लाभ
जौनपुर। आबादी की भूमि की घरौनी बनने पर राजस्व विभाग अपने रिकार्डों में पूरा विवरण फीड कराएगा। रिकार्ड में घरौनी दर्ज होने पर उसकी ग्रामीणों को जरूरत पड़ने पर नकल भी मिल सकेगी। नकल के आधार पर ग्रामीण आबादी की भूमि पर पर बैंक से लोन ले सकेंगे। आबादी की भूमि से संबंधी मुकदमों में भी कमी आएगी।