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थानों में कबाड़ हो रहे वाहन, किसी का इंजन गायब तो किसी का पहिया
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कोतवाली परिसर में खड़ी बाईकें ।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। मुकदमों में शामिल या लावारिस मिले वाहन लंबे समय से थानों में खड़े-खड़े कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। वाहनों की नीलामी न होने से शहर कोतवाली, लाइन बाजार समेत जिले के सभी थानों में 4322 से अधिक वाहन सड़ रहे हैं। इन वाहनों के कलपुर्जे भी गायब हो रहे हैं। किसी वाहन का पहिया गायब है तो किसी का इंजन गायब हो चुका है। समय से नीलामी न होने के चलते लाखों की कीमत वाले वाहनों के दाम कौड़ियों में रह गए हैं। नीलामी में इन वाहनों के अच्छे दाम मिलना मुश्किल है।
जिले में महिला थाने को छोड़कर सभी 27 थानों में करीब 4322 वाहन लंबे समय से पुलिस की अभिरक्षा में खड़े हैं। इन वाहनों पर धूल की मोटी परत जम गई है। कई वाहनों के कल पुर्जे गायब हो चुके हैं। जलालपुर, जफराबाद, लाइनबाजार, बक्शा, बदलापुर, सिंगरामऊ, शाहगंज, मुंगराबादशाहपुर जैसे हाईवे के थानों में वाहनों का अंबार लगा है। गर्मी, बारिश को झेलते हुए इन तमाम वाहनों की ऐसी दशा हो चुकी है कि वाहन स्वामी को भी पहचानने में मुश्किल होगी। ऐसे वाहनों की सुरक्षा भी पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं। थानों में खड़े भारी वाहनों की बैट्री और इंजन से भी कीमती सामान गायब हो गए हैं।
यह भी है एक वजह
जौनपुर। कई बार पुलिस चोरी के वाहन बरामद करती है लेकिन उनका कोई दावेदार नहीं होता। दरअसल वाहन चोरी के मामलों में रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद वाहन स्वामी रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद बीमा कंपनी से उसका क्लेम पास करवा लेते हैं। ऐसे में उस वाहन की बरामदगी के बाद भी उसका कोई वारिस नहीं होता। इसकी वजह से थानों में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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वाहनों के कबाड़ से बिगड़ी थानों की सूरत
जौनपुर। लंबे समय से कबाड़ में तब्दील इन वाहनों के चलते थानों की सूरत भी बिगड़ रही है। अधिकतर थानों की दशा ऐसी है वहां प्रवेश करते ही परिसर में वाहनों के कबाड़ से ही सामना होता है। कई थानों में तो ऐसे वाहनों को खड़ा करने की जगह भी नहीं रह गई है। थाना परिसर से लेकर सड़कों के किनारे
छह माह बाद नीलामी का है प्रावधान
ऐसे वाहन जिसे पुलिस लावारिस में दाखिल करती है या फिर वह किसी मुकदमें में वाहन दाखिल है तो पुलिस को छह महीने के भीतर वाहन स्वामी को नोटिस भेजनी होती है। नोटिस जारी करने के बाद भी अगर वाहन लेने वह नहीं आता है या उसे कोर्ट से रिलीज करवाने की प्रक्रिया नहीं शुरू करता है तो उसे कोर्ट से अनुमति लेकर आरटीओ की मदद से पुलिस नीलाम कर सकती है, लेकिन थानों में वर्षों से गाड़ियां खड़ी हैं जब तक उनकी नीलामी की जाती है तब तक वाहन कबाड़ में तब्दील हो जाते हैं।
थानों में लंबे समय से खड़े वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इसके लिए सभी थानों से रिपोर्ट मंगाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वाहनों को नीलाम किया जाएगा। -डॉ. संजय कुमार, एएसपी सिटी।
इन थानों में खड़े हैं इतने वाहन
शहर कोतवाली 80
लाइनबाजार 130
गौराबादशाहपुर 147
जलापुर 170
बदलापुर 160
बक्शा 210
सिंगरामऊ 42
शाहगंज 140
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जिले में महिला थाने को छोड़कर सभी 27 थानों में करीब 4322 वाहन लंबे समय से पुलिस की अभिरक्षा में खड़े हैं। इन वाहनों पर धूल की मोटी परत जम गई है। कई वाहनों के कल पुर्जे गायब हो चुके हैं। जलालपुर, जफराबाद, लाइनबाजार, बक्शा, बदलापुर, सिंगरामऊ, शाहगंज, मुंगराबादशाहपुर जैसे हाईवे के थानों में वाहनों का अंबार लगा है। गर्मी, बारिश को झेलते हुए इन तमाम वाहनों की ऐसी दशा हो चुकी है कि वाहन स्वामी को भी पहचानने में मुश्किल होगी। ऐसे वाहनों की सुरक्षा भी पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं। थानों में खड़े भारी वाहनों की बैट्री और इंजन से भी कीमती सामान गायब हो गए हैं।
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यह भी है एक वजह
जौनपुर। कई बार पुलिस चोरी के वाहन बरामद करती है लेकिन उनका कोई दावेदार नहीं होता। दरअसल वाहन चोरी के मामलों में रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद वाहन स्वामी रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद बीमा कंपनी से उसका क्लेम पास करवा लेते हैं। ऐसे में उस वाहन की बरामदगी के बाद भी उसका कोई वारिस नहीं होता। इसकी वजह से थानों में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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वाहनों के कबाड़ से बिगड़ी थानों की सूरत
जौनपुर। लंबे समय से कबाड़ में तब्दील इन वाहनों के चलते थानों की सूरत भी बिगड़ रही है। अधिकतर थानों की दशा ऐसी है वहां प्रवेश करते ही परिसर में वाहनों के कबाड़ से ही सामना होता है। कई थानों में तो ऐसे वाहनों को खड़ा करने की जगह भी नहीं रह गई है। थाना परिसर से लेकर सड़कों के किनारे
छह माह बाद नीलामी का है प्रावधान
ऐसे वाहन जिसे पुलिस लावारिस में दाखिल करती है या फिर वह किसी मुकदमें में वाहन दाखिल है तो पुलिस को छह महीने के भीतर वाहन स्वामी को नोटिस भेजनी होती है। नोटिस जारी करने के बाद भी अगर वाहन लेने वह नहीं आता है या उसे कोर्ट से रिलीज करवाने की प्रक्रिया नहीं शुरू करता है तो उसे कोर्ट से अनुमति लेकर आरटीओ की मदद से पुलिस नीलाम कर सकती है, लेकिन थानों में वर्षों से गाड़ियां खड़ी हैं जब तक उनकी नीलामी की जाती है तब तक वाहन कबाड़ में तब्दील हो जाते हैं।
थानों में लंबे समय से खड़े वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इसके लिए सभी थानों से रिपोर्ट मंगाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वाहनों को नीलाम किया जाएगा। -डॉ. संजय कुमार, एएसपी सिटी।
इन थानों में खड़े हैं इतने वाहन
शहर कोतवाली 80
लाइनबाजार 130
गौराबादशाहपुर 147
जलापुर 170
बदलापुर 160
बक्शा 210
सिंगरामऊ 42
शाहगंज 140