{"_id":"5854426b4f1c1b686f64d350","slug":"two-killed-in-finding-liquidity-shock","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकदी न मिलने के सदमे में दो की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकदी न मिलने के सदमे में दो की मौत
jaunpur
Updated Sat, 17 Dec 2016 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कई दिनों से बैंक का चक्कर लगाने के बाद भी रुपये न मिलने से एक रिटायर्ड शिक्षक और एक किसान को इस कदर सदमा पहुंचा कि दोनों की जान चली गई। पंवारा थाना क्षेत्र के बामी गांव निवासी मोहन उपाध्याय गुरुवार को यूबीआई की स्थानीय शाखा से पैसा निकालने के लिए सुबह ही आकर लाइन में लगे थे।
उनका नंबर आने से पहले ही कैश खत्म हो गया। परिवार वालों आरोप है कि यह सुनते ही मोहनलाल बेहोश होकर गिर गए। वहां मौजूद लोग उन्हें पास के ही एक निजी डाक्टर के यहां ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लेकर मछलीशहर सीएचसी जा रहे थे कि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
उधर, मीरगंज थाना के मीरपुर निवासी रिटायर्ड शिक्षक शोभनाथ (64) पेंशन की राशि खाते से निकालने के लिए कई दिनों से यूबीआई की मीरगंज शाखा में चक्कर लगा रहे थे। उनका जब नंबर आता तो बैंक से कैश ही खत्म हो जाता था। तीन दिन पहले भी वह बैंक गए थे।
विज्ञापन
खाली हाथ घर लौटे तो अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। परिवार के लोग इलाज के लिए ले गए जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि कैश न मिलने के कारण सदमा लगने से उनकी मौत हुई है। शोभनाथ के बेटे राहुल का आरोप है कि वह इलाहाबाद में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें पैसे की सख्त जरूरत थी। कई दिन से पिता जी बैंक जा रहे थे लेकिन पैसा नहीं मिल रहा था।
विज्ञापन
उनका नंबर आने से पहले ही कैश खत्म हो गया। परिवार वालों आरोप है कि यह सुनते ही मोहनलाल बेहोश होकर गिर गए। वहां मौजूद लोग उन्हें पास के ही एक निजी डाक्टर के यहां ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लेकर मछलीशहर सीएचसी जा रहे थे कि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
उधर, मीरगंज थाना के मीरपुर निवासी रिटायर्ड शिक्षक शोभनाथ (64) पेंशन की राशि खाते से निकालने के लिए कई दिनों से यूबीआई की मीरगंज शाखा में चक्कर लगा रहे थे। उनका जब नंबर आता तो बैंक से कैश ही खत्म हो जाता था। तीन दिन पहले भी वह बैंक गए थे।
विज्ञापन
खाली हाथ घर लौटे तो अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। परिवार के लोग इलाज के लिए ले गए जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि कैश न मिलने के कारण सदमा लगने से उनकी मौत हुई है। शोभनाथ के बेटे राहुल का आरोप है कि वह इलाहाबाद में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें पैसे की सख्त जरूरत थी। कई दिन से पिता जी बैंक जा रहे थे लेकिन पैसा नहीं मिल रहा था।