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बाहर से आए साढ़े 22 सौ लोग, 583 को मिली आश्रय स्थल में जगह
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39- सल्तनत बहादुर इन्टरकालेज बदलापुर में आश्रय स्थल पर रखने के लिए लिखा पढ़ी करते कर्मचारी।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। बाहर से आने वाले लोगों को 14 दिनों तक क्वारंटीन में रखने के लिए प्रशासन ने सात आश्रय स्थल बनाए गए हैं। जिला मुख्यालय पर मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज के अलावा प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर आश्रय स्थल स्थापित है। एक आश्रय स्थल मुंगराबादशाहपुर में भी बनाया गया है। इन आश्रय स्थलों में 583 लोगों को शरण दी गई है। इसके अलावा करीब 17 सौ लोगों को गांव के पंचायत भवन, प्राथमिक स्कूल व घरों में ही क्वारंटीन में रखा गया है।
दिल्ली एनसीआर सहित अन्य महानगरों में रहने वाले जिले के मजदूरों व प्राइवेट नौकरी करने वालों की घर वापसी का सिलसिला दो दिनों से जारी है। प्रशासन के मुताबिक सोमवार की शाम तक साढ़े 22 सौ लोग जिले में आ चुके हैं। शुरुआत में बार्डर पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें गांव भेज दिया जा रहा था, मगर शासन के निर्देशों के बाद आश्रय स्थल बनाकर उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन में रखा जा रहा है। जिला मुख्यालय पर मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज को आश्रय स्थल बनाया गया है। मछलीशहर में बिहारी महिला विद्यालय और सर्वजन इंटर कॉलेज मुंगराबादशाहपुर, मड़ियाहूं में स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज, केराकत में शिवमूर्ति बालिका इंटर कॉलेज, बदलापुर में सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज और शाहगंज में सर सैयद इंटर कॉलेज में आश्रय स्थल बनाया गया है। इसमें 583 लोगों को रखकर भोजन-पानी की व्यवस्था कराई जा रही है। मड़ियाहूं: विवेकानंद इंटर कॉलेज में प्रशासन ने आश्रय स्थल बनवाया। आश्रय स्थल पर डॉक्टर की एक टीम भी रखी गई है, जो यहां रहने वालों पर निगरानी रखेगी। केराकत: एसडीएम चंद्रप्रकाश पाठक ने नगर स्थित शिवमूर्ति बालिका इंटर कॉलेज में बने 25 बेड के आश्राय स्थल का जायजा लिया। इसमें बाहर से आने वालों को रखा जाएगा।
पुलिस व यात्रियों में नोंक झोंक
सतहरिया। मुंगराबादशाहपुर में स्थित सार्वजनिक इंटर कॉलेज में बनाए गए रैन बसेरा में रहने को लेकर सोमवार शाम को बाहर से आए यात्रियों व पुलिस में नोकझोंक हो गई। यात्रियों का कहना था कि हम लोगों की जांच हो चुकी है। अगर उन्हें क्वारंटीन में रखना है तो गांव के पास के स्कूल में ही रखा जाए। अधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए पुलिस उन्हें जाने देने को तैयार नहीं थी। इसे लेकर काफी देर तक विवाद होता रहा। बाद में पुलिस ने सख्ती दिखाई तो हंगामा करने वाले शांत हो गए।
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दिल्ली एनसीआर सहित अन्य महानगरों में रहने वाले जिले के मजदूरों व प्राइवेट नौकरी करने वालों की घर वापसी का सिलसिला दो दिनों से जारी है। प्रशासन के मुताबिक सोमवार की शाम तक साढ़े 22 सौ लोग जिले में आ चुके हैं। शुरुआत में बार्डर पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें गांव भेज दिया जा रहा था, मगर शासन के निर्देशों के बाद आश्रय स्थल बनाकर उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन में रखा जा रहा है। जिला मुख्यालय पर मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज को आश्रय स्थल बनाया गया है। मछलीशहर में बिहारी महिला विद्यालय और सर्वजन इंटर कॉलेज मुंगराबादशाहपुर, मड़ियाहूं में स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज, केराकत में शिवमूर्ति बालिका इंटर कॉलेज, बदलापुर में सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज और शाहगंज में सर सैयद इंटर कॉलेज में आश्रय स्थल बनाया गया है। इसमें 583 लोगों को रखकर भोजन-पानी की व्यवस्था कराई जा रही है। मड़ियाहूं: विवेकानंद इंटर कॉलेज में प्रशासन ने आश्रय स्थल बनवाया। आश्रय स्थल पर डॉक्टर की एक टीम भी रखी गई है, जो यहां रहने वालों पर निगरानी रखेगी। केराकत: एसडीएम चंद्रप्रकाश पाठक ने नगर स्थित शिवमूर्ति बालिका इंटर कॉलेज में बने 25 बेड के आश्राय स्थल का जायजा लिया। इसमें बाहर से आने वालों को रखा जाएगा।
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पुलिस व यात्रियों में नोंक झोंक
सतहरिया। मुंगराबादशाहपुर में स्थित सार्वजनिक इंटर कॉलेज में बनाए गए रैन बसेरा में रहने को लेकर सोमवार शाम को बाहर से आए यात्रियों व पुलिस में नोकझोंक हो गई। यात्रियों का कहना था कि हम लोगों की जांच हो चुकी है। अगर उन्हें क्वारंटीन में रखना है तो गांव के पास के स्कूल में ही रखा जाए। अधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए पुलिस उन्हें जाने देने को तैयार नहीं थी। इसे लेकर काफी देर तक विवाद होता रहा। बाद में पुलिस ने सख्ती दिखाई तो हंगामा करने वाले शांत हो गए।
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