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Jaunpur News: तीन बार बढ़ा समय, दो मुकदमे, 83 लाख जुर्माना फिर भी काम अधूरा
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जौनपुर। नगर पालिका परिषद जौनपुर में चल रहा सीवर लाइन कार्य भले ही अमृत योजना के तहत हो रहा हो, लेकिन यह नागरिकों के लिए विष के समान हो गया है। अभी तक खोदे गए गड्ढों से दुर्घटनाओं में राहगीर घायल होते थे। मंगलवार को मजदूर की मौत ने आक्रोश बढ़ा दिया। इसके कार्य की समय सीमा तीन बार बढ़ाई जा चुकी है, दो बार मुकदमा हुआ इसके साथ ही 83 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। बावजूद इसके काम करने वाली फर्म लापरवाह बनी रही और और काम अधूरा पड़ा है।
अमृत योजना के तहत शहर में 179 किमी सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था जल निगम की तरफ से फर्म टेक्नोक्राफ्ट कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नोएडा काम करा रही है। अभी तक 120 किमी पाइप डालने के साथ ही भौतिक प्रगति कुल 57 फीसदी हो सकी है। वर्तमान में सुंदरनगर कालोनी, खानपुर अकबरपुर, शाहगंज रोड पर कुत्तूपुर की तरफ कार्य चल रहा है। वहीं धीमी प्रगति का हाल के चलते पूर्व में पॉलिटेक्निक से रुहट्टा मार्ग का कार्य अभी भी अधूरा है। नवरात्र के चलते काम को बीच में रोकना पड़ा, इससे पैचिंग नहीं हो सकी। वहीं तारापुर कालोनी के बाहर मुख्य सड़क से पुराने मछलीशहर पड़ाव तक सड़क पूरी तरह से खराब है। इन मार्गों पर लोग दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं।
पूर्व में लग चुका है 83 लाख का जुर्माना
सीवर लाइन की खराब प्रगति पर पूर्व में 62 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया गया था। इसको दिसंबर 2021 तक 40 फीसदी काम पूरा करना था। ऐसा न होने पर कंपनी के ऊपर जुर्माना लगा था। बाद में वसूली के बाद हटा दिया गया। 20 नवंबर 2022 को पुन: नोटिस जारी करके जुर्माना लगाया गया। दोनों बार को मिलाकर कुल 83 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। वर्तमान में भी पुन: 10 दिन पहले नोटिस दी गई है।
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कराया गया दो बार मुकदमा
दो साल पहले तत्कालीन अधिशासी अभियंता संजय गुप्ता ने धीमी गति व आवागमन प्रभावित होने पर फर्म पर मुकदमा दर्ज कराया था। अभी अक्तूबर 2023 में नवरात्र से पहले भी लाइन बाजार थाने में लापरवाही पर संस्था के ऊपर मुकदमा दर्ज किया गया था।
इतनी बार बढ़ी समय सीमा
शासन की तरफ से पहले काम को अक्तूबर 2021 में पूरा किया गया। काम पूरा न होने पर इसकी सीमा बढ़ाकर दिसंबर 2021 कर दी गई। इसके बाद मार्च 2023 किया गया। अब दिसंबर 2024 में पूरा करने का समय है। वर्तमान में 57 फीसदी ही काम पूरा हुआ है। ऐसे में एक बार पुन: समय सीमा बढ़ना तय है।
काम को दिसंबर 2023 तक पूर्ण करना है। अभी तक 120 किमी सीवर लाइन डालने के बाद 57 फीसदी कार्य हो सका है। समय सीमा बढ़ाने का काम शासन स्तर का है। पूर्व में दो बार मुकदमा व 83 लाख रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। -सचिन सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम शहरी।
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अमृत योजना के तहत शहर में 179 किमी सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था जल निगम की तरफ से फर्म टेक्नोक्राफ्ट कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नोएडा काम करा रही है। अभी तक 120 किमी पाइप डालने के साथ ही भौतिक प्रगति कुल 57 फीसदी हो सकी है। वर्तमान में सुंदरनगर कालोनी, खानपुर अकबरपुर, शाहगंज रोड पर कुत्तूपुर की तरफ कार्य चल रहा है। वहीं धीमी प्रगति का हाल के चलते पूर्व में पॉलिटेक्निक से रुहट्टा मार्ग का कार्य अभी भी अधूरा है। नवरात्र के चलते काम को बीच में रोकना पड़ा, इससे पैचिंग नहीं हो सकी। वहीं तारापुर कालोनी के बाहर मुख्य सड़क से पुराने मछलीशहर पड़ाव तक सड़क पूरी तरह से खराब है। इन मार्गों पर लोग दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं।
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पूर्व में लग चुका है 83 लाख का जुर्माना
सीवर लाइन की खराब प्रगति पर पूर्व में 62 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया गया था। इसको दिसंबर 2021 तक 40 फीसदी काम पूरा करना था। ऐसा न होने पर कंपनी के ऊपर जुर्माना लगा था। बाद में वसूली के बाद हटा दिया गया। 20 नवंबर 2022 को पुन: नोटिस जारी करके जुर्माना लगाया गया। दोनों बार को मिलाकर कुल 83 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। वर्तमान में भी पुन: 10 दिन पहले नोटिस दी गई है।
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कराया गया दो बार मुकदमा
दो साल पहले तत्कालीन अधिशासी अभियंता संजय गुप्ता ने धीमी गति व आवागमन प्रभावित होने पर फर्म पर मुकदमा दर्ज कराया था। अभी अक्तूबर 2023 में नवरात्र से पहले भी लाइन बाजार थाने में लापरवाही पर संस्था के ऊपर मुकदमा दर्ज किया गया था।
इतनी बार बढ़ी समय सीमा
शासन की तरफ से पहले काम को अक्तूबर 2021 में पूरा किया गया। काम पूरा न होने पर इसकी सीमा बढ़ाकर दिसंबर 2021 कर दी गई। इसके बाद मार्च 2023 किया गया। अब दिसंबर 2024 में पूरा करने का समय है। वर्तमान में 57 फीसदी ही काम पूरा हुआ है। ऐसे में एक बार पुन: समय सीमा बढ़ना तय है।
काम को दिसंबर 2023 तक पूर्ण करना है। अभी तक 120 किमी सीवर लाइन डालने के बाद 57 फीसदी कार्य हो सका है। समय सीमा बढ़ाने का काम शासन स्तर का है। पूर्व में दो बार मुकदमा व 83 लाख रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। -सचिन सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम शहरी।