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सहकारी समितियों पर यूरिया का टोटा, िमल रहा जरूरत का आधा
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जौनपुर। इन दिनों धान और मक्का की फसल में यूरिया के छिड़काव की जरूरत है। लेकिन साधन सहकारी समितियों पर यूरिया न होने के कारण किसानों को मायूस लौटना पड़ रहा है। गिनीचुनी जिन समितियों के गोदाम में यूरिया है भी तो वहां से किसानों की जरूरत नहीं पूरी हो पा रही है। किसानों का कहना है कि अगर फसलों में वे यूरिया का छिड़काव समय से नहीं कर सके तो उपज प्रभावित होगी। हालांकि जिला कृषि अधिकारी केके सिंह का दावा है कि जिले में यूरिया की कमी नहीं।
मछलीशहर: क्षेत्र के छाछो गांव के किसान मयाशंकर शुक्ला का कहना है कि उन्हें चार बोरी यूरिया की जरूरत है। बुधवार को वह यूरिया के लिए सहकारी गोदाम पर गए थे तो पता चला कि गोदाम में यूरिया खत्म हो चुकी है। अब रैक से आने के बाद ही यूरिया मिल सकेगी। जमालपुर निवासी किसान अलखनारायण का कहना है कि मंगलवार को साधन सहकारी समिति कौरहा पर यूरिया लेने गए थे। आठ बोरी यूरिया की जरूरत है लेकिन गोदाम से सिर्फ चार बोरी ही यूरिया मिल सकी। साधन सहकारी समिति कौरहा के सचिव अखिलेश का कहना है कि उन्हें 17 टन यूरिया की आवश्यकता है। लेकिन 250 बोरी यूरिया आई है। यूरिया जरूरत से कम होने के कारण जिन किसानों को दो बोरी यूरिया की जरूरत है उन्हें एक बोरी देकर काम चलाया जा रहा है।
बक्शा: क्षेत्र की साधन सहकारी समिति वीरभानपुर, चितौड़ी, चुरावनपुर, कपूरपुर और बेलापार समेत कई अन्य समितियों पर पिछले तीन चार दिन से यूरिया नहीं है। इन समितियों पर किसान रोज यूरिया के लिए आते हैं और उन्हें मायूस लौटना पड़ता है। साधन सहकारी समिति कर्तिहां के सचिव सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि अभी आज ही 300 बोरी यूरिया पहुंची है जिसे राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम की निगरानी में वितरण शुरू किया गया है।
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-एक एकड़ पर एक बोरी यूरिया
जौनपुर। यूरिया की काला बाजारी को रोकने के लिए साधन सहकारी समितियों से वितरण के लिए नियम बनाए गए हैं। किसानों से आधार कार्ड और खतौनी या जोत बही लेकर यूरिया का वितरण किया जाता है। एक एकड़ की खोती पर एक बोरी यूरिया दिए जाने की व्यवस्था है। एक बोरी यूरिया की कीमत किसान से 266.50 रुपये ली जाती है। समितियों से वितरण में कोई धांधली न हो इसके लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम हर ब्लाक में बनाई गई है जो साधन सहकारी समितियों पर यूरिया वितरण की निगरानी करती है।
अगस्त माह में इस जिले को 14128 एमटी यूरिया की जरूरत है, जबकि रैक में 17 हजार एमटी यूरिया उपलब्ध है, जो जरूरत से कहीं अधिक है। अभी तीन हजार एमटी यूरिया अगले दो तीन दिन में और आ जाएगी। यदि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत है तो वो मुझसे या एयर कोआपरेटिव से संपर्क कर सकते हैं।
-केके सिंह जिला कृषि अधिकारी
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मछलीशहर: क्षेत्र के छाछो गांव के किसान मयाशंकर शुक्ला का कहना है कि उन्हें चार बोरी यूरिया की जरूरत है। बुधवार को वह यूरिया के लिए सहकारी गोदाम पर गए थे तो पता चला कि गोदाम में यूरिया खत्म हो चुकी है। अब रैक से आने के बाद ही यूरिया मिल सकेगी। जमालपुर निवासी किसान अलखनारायण का कहना है कि मंगलवार को साधन सहकारी समिति कौरहा पर यूरिया लेने गए थे। आठ बोरी यूरिया की जरूरत है लेकिन गोदाम से सिर्फ चार बोरी ही यूरिया मिल सकी। साधन सहकारी समिति कौरहा के सचिव अखिलेश का कहना है कि उन्हें 17 टन यूरिया की आवश्यकता है। लेकिन 250 बोरी यूरिया आई है। यूरिया जरूरत से कम होने के कारण जिन किसानों को दो बोरी यूरिया की जरूरत है उन्हें एक बोरी देकर काम चलाया जा रहा है।
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बक्शा: क्षेत्र की साधन सहकारी समिति वीरभानपुर, चितौड़ी, चुरावनपुर, कपूरपुर और बेलापार समेत कई अन्य समितियों पर पिछले तीन चार दिन से यूरिया नहीं है। इन समितियों पर किसान रोज यूरिया के लिए आते हैं और उन्हें मायूस लौटना पड़ता है। साधन सहकारी समिति कर्तिहां के सचिव सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि अभी आज ही 300 बोरी यूरिया पहुंची है जिसे राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम की निगरानी में वितरण शुरू किया गया है।
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-एक एकड़ पर एक बोरी यूरिया
जौनपुर। यूरिया की काला बाजारी को रोकने के लिए साधन सहकारी समितियों से वितरण के लिए नियम बनाए गए हैं। किसानों से आधार कार्ड और खतौनी या जोत बही लेकर यूरिया का वितरण किया जाता है। एक एकड़ की खोती पर एक बोरी यूरिया दिए जाने की व्यवस्था है। एक बोरी यूरिया की कीमत किसान से 266.50 रुपये ली जाती है। समितियों से वितरण में कोई धांधली न हो इसके लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम हर ब्लाक में बनाई गई है जो साधन सहकारी समितियों पर यूरिया वितरण की निगरानी करती है।
अगस्त माह में इस जिले को 14128 एमटी यूरिया की जरूरत है, जबकि रैक में 17 हजार एमटी यूरिया उपलब्ध है, जो जरूरत से कहीं अधिक है। अभी तीन हजार एमटी यूरिया अगले दो तीन दिन में और आ जाएगी। यदि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत है तो वो मुझसे या एयर कोआपरेटिव से संपर्क कर सकते हैं।
-केके सिंह जिला कृषि अधिकारी