{"_id":"583b38af4f1c1b5b29088a2b","slug":"the-two-day-closure-magnification-trouble","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिन की बंदी ने बढ़ाई मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दिन की बंदी ने बढ़ाई मुसीबत
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Mon, 28 Nov 2016 01:19 AM IST
विज्ञापन
बैंक बंद रहने के चलते शादी-विवाह वाले घरों में परेशानी, एटीएम पर भी लटक रहे ताले।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी से नकदी की खातिर लोगों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही। बैंक में लगातार दो दिन की बंदी ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। किसी को शादी विवाह के लिए तो किसी को खेती किसानी के लिए पैसे चाहिए। दवा इलाज के लिए भी लोग परेशान हैं।
नोटबंदी के 19वें दिन भी एटीएम सेवा बहाल नहीं हो सकी। शहर में एसबीआई के कुछ एटीएम को छोड़ बाकी सभी के एटीएम पर ताला लग गए हैं। अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए लोगों को साहूकारों के यहां से कर्ज भी नहीं मिल पा रहा है। नोटबंदी के चलते लोगों के समक्ष अजीब सा संकट खड़ा हो गया है।
बैंक खाते में रुपये रखकर भी लोग पाई पाई के लिए मोहताज हो गए हैं। एटीएम से पैसे निकालने के लिए अपने भतीजे रामअनुज के साथ जौनपुर शहर आए खरौना गांव निवासी रामयश यादव का कहना है कि रुपये पैसे के लिए ऐसी मुशीबत कभी नहीं देखी थी।
विज्ञापन
बहुत बार ऐसा हुआ है कि पास में पैसे नहीं हैं तो आस पास के लोगों से काम चल जाता था। लेकिन इस बार तो बड़े बड़े साहूकार जो पांच से दस टका पर धड़ल्ले से रुपये दे देते थे वे भी हाथ खड़े कर दिए हैं। रामयश का कहना है कि कल किसी भी हाल में गेहूं की बुवाई करनी है।
अगर गेहूं की बुवाई में देरी हुई तो खेत में फिर से पलेवा देने होगा। शहर में सिविल लाइन स्थित एसबीआई के एटीएम से पैसे निकल रहे थे। यहां लंबी लाइन लगी थी। एटीएम से पैसा निकालने के लिए 35 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचे बटाऊवीर निवासी हरिसेवक यादव लाइन में लगे और गांव के अपने साथी दिनेश को
फोन कर बताया कि यहां पैसे निकल रहे हैं वह एटीएम लेकर यहीं पर आ जाए। हरिसेवक की बहन की शादी 30 नवंबर को है। वह कहते हैं कि इन दिनों पूरा परिवार सिर्फ पैसे के इंतजाम में लगा है। बिना पैसे के कोई काम ही नहीं होने वाला।
विज्ञापन
नोटबंदी के 19वें दिन भी एटीएम सेवा बहाल नहीं हो सकी। शहर में एसबीआई के कुछ एटीएम को छोड़ बाकी सभी के एटीएम पर ताला लग गए हैं। अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए लोगों को साहूकारों के यहां से कर्ज भी नहीं मिल पा रहा है। नोटबंदी के चलते लोगों के समक्ष अजीब सा संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
बैंक खाते में रुपये रखकर भी लोग पाई पाई के लिए मोहताज हो गए हैं। एटीएम से पैसे निकालने के लिए अपने भतीजे रामअनुज के साथ जौनपुर शहर आए खरौना गांव निवासी रामयश यादव का कहना है कि रुपये पैसे के लिए ऐसी मुशीबत कभी नहीं देखी थी।
विज्ञापन
बहुत बार ऐसा हुआ है कि पास में पैसे नहीं हैं तो आस पास के लोगों से काम चल जाता था। लेकिन इस बार तो बड़े बड़े साहूकार जो पांच से दस टका पर धड़ल्ले से रुपये दे देते थे वे भी हाथ खड़े कर दिए हैं। रामयश का कहना है कि कल किसी भी हाल में गेहूं की बुवाई करनी है।
अगर गेहूं की बुवाई में देरी हुई तो खेत में फिर से पलेवा देने होगा। शहर में सिविल लाइन स्थित एसबीआई के एटीएम से पैसे निकल रहे थे। यहां लंबी लाइन लगी थी। एटीएम से पैसा निकालने के लिए 35 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचे बटाऊवीर निवासी हरिसेवक यादव लाइन में लगे और गांव के अपने साथी दिनेश को
फोन कर बताया कि यहां पैसे निकल रहे हैं वह एटीएम लेकर यहीं पर आ जाए। हरिसेवक की बहन की शादी 30 नवंबर को है। वह कहते हैं कि इन दिनों पूरा परिवार सिर्फ पैसे के इंतजाम में लगा है। बिना पैसे के कोई काम ही नहीं होने वाला।