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Jaunpur News: गांधीवादी विचार की प्रासंगिकता अब भी बरकरार
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस सप्ताह के तहत शांति, अहिंसा और महात्मा गांधी की प्रासंगिकता विषय पर भाषण प्रतियोगिता मीराबाई छात्रावास में मंगलवार हुई। इस दौरान गांधीवादी विचार की प्रासंगिकता अब भी बरकरार रहने की बात कही गइ्र।
छात्राओं ने कहा कि गांधीवादी विचार की प्रासंगिकता आज भी बरकरार है। गांधी जी साधन व साध्य दोनों की शुद्धता पर बल देते थे। उनता मानना था कि साधन व साध्य के मध्य बीज व पेड़ के जैसा संबंध है जब बीज दूषित हो तो स्वस्थ पेड़ की उम्मीद करना बेईमानी है। ग्राम स्वराज का प्रसार, प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा और परंपरागत चिकित्सकीय ज्ञान के उपयोग सहित तमाम दूसरे उद्देश्यों पर कार्य करना इसी विचारधारा को अग्रसारित करना है।
गांधी के विचारों ने पूरे संसार को न सिर्फ प्रेरित किया बल्कि करुणा, सहिष्णुता और शांति के दृष्टिकोण से इस देश नें गांधी जी के विचारों को आगे किया। दुनियां को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है। आशु भाषण में प्राची सिंह, नामीरा खान, अंकिता सिंह, योगिता सिंह, विभा त्रिपाठी समेत दर्जनभर छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। डॉ. अन्नू त्यागी एवं डॉ. झांसी मिश्र नर्णायक रहीं। नोडल अधिकारी डॉ. मनोज मिश्र ने बताया कि चार अक्तूबर को समापन सत्र में विजेता विद्यार्थियों को कुलपति प्रो. वंदना सिंह सम्मानित करेंगी।
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छात्राओं ने कहा कि गांधीवादी विचार की प्रासंगिकता आज भी बरकरार है। गांधी जी साधन व साध्य दोनों की शुद्धता पर बल देते थे। उनता मानना था कि साधन व साध्य के मध्य बीज व पेड़ के जैसा संबंध है जब बीज दूषित हो तो स्वस्थ पेड़ की उम्मीद करना बेईमानी है। ग्राम स्वराज का प्रसार, प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा और परंपरागत चिकित्सकीय ज्ञान के उपयोग सहित तमाम दूसरे उद्देश्यों पर कार्य करना इसी विचारधारा को अग्रसारित करना है।
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गांधी के विचारों ने पूरे संसार को न सिर्फ प्रेरित किया बल्कि करुणा, सहिष्णुता और शांति के दृष्टिकोण से इस देश नें गांधी जी के विचारों को आगे किया। दुनियां को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है। आशु भाषण में प्राची सिंह, नामीरा खान, अंकिता सिंह, योगिता सिंह, विभा त्रिपाठी समेत दर्जनभर छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। डॉ. अन्नू त्यागी एवं डॉ. झांसी मिश्र नर्णायक रहीं। नोडल अधिकारी डॉ. मनोज मिश्र ने बताया कि चार अक्तूबर को समापन सत्र में विजेता विद्यार्थियों को कुलपति प्रो. वंदना सिंह सम्मानित करेंगी।
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