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जागरूकता ही एड्स से बचाव का तरीका

Wed, 02 Dec 2015 12:51 AM IST
जौनपुर ब्यूराे
जौनपुर ब्यूराे Updated Wed, 02 Dec 2015 12:51 AM IST
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The only way to prevent AIDS awareness
 कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीडीएस संस्था के बैनर तले विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें सभी को एड्स से बचाव की जानकारी दी गई।
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चिकित्सक डा. अजय वर्मा कहा कि जागरूकता ही एड्स से बचाव का तरीका है।  युवाओं को एड्स जैसी संक्रामक एवं घातक बीमारी के से सावधान रहने की जरूरत है।

 उन्होंने कहा कि एड्स कई कारणों से हो सकता है, असुरक्षित यौन संबंध, एक बार प्रयोग की गई सिरिंज को दुबारा प्रयोग करने से, संक्रमित ब्लड चढ़ाने, गर्भवती मां से बच्चे में एड्स वाइरस का पहुंचना आदि प्रमुख हैं।
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शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ती जाती है। शुरूआत सर्दी, खांसी या अगर दो महीने से ज्यादा बुखार रहता हो तो इसकी जांच सरकारी अस्पताल में जाकर करानी चाहिए।
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 कहा कि किसी भी एड्स से पीड़ित व्यक्ति के साथ खराब बर्ताव न करें, उसे एकांकी न होने दें, उसे घृणा की भावना से न देखें बल्कि उसमें जीवन जीने की चाह पैदा करने की जरूरत होती है।

  संचालक गुरूपाल सिंह किया। इस अवसर पर संस्था के सदस्य मीनू मौर्या, मुनीर अशरफ खान, संदीप यादव, आकृति जायसवाल, महरूबा परवीन आदि मौजूद थी। आरती सिंह ने आभार जताया।

 उधर, विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा मंगलवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें एचआईवी से बचाव के लिए जानकारी दी गई।

चंद्रा शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के सचिव विजयशंकर ने कहा कि एड्स से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश एसपी लाल ने कहा कि इस बीमारी का शिकार व्यक्ति स्वयं को आत्म

गिलानी व नर्वस महसूस करता है। परिवार परामर्श केंद्र की परामर्शदात्री ममता ने कहा कि एचआईवी के रोगी से दूरी बनाने व डरने की आवश्यक्ता नहीं है।  रोगी से बात करने, हाथ मिलाने, साथ में बैठने और खाना खाने से नहीं होता है।

स्वाधार आश्रय गृह की वार्डेन अर्चना ने कहा कि एचआईवी बीमारी का सबसे बड़ा बचाव जागरुकता है।  जागरुकता अभियान से लगभग दो लाख से भी अधिक जानें अब तक बचाई गई हैं। इस अवसर पर परामर्शदात्री प्रीति तिवारी, पूनम


 वर्मा, शशिकला, सनोज कुमार, सुहेल आदि उपस्थित रहे। इसी क्रम में शिया डिग्री कालेज परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्राचार्य डा. असद अली काजमी ने एचआईवी से बचाव के बारे में विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। इस अवसर पर डा. सिद्धार्थशंकर सिंह, डा. अवधेश कुमार, डा. संजय पांडेय, संतोष मौर्या आदि उपस्थित रहे।
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