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धान खरीद न होने पर किसानों का हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 01 Feb 2015 12:46 AM IST
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धान खरीद न होने से नाराज किसानों का गुस्सा खरीद के अंतिम दिन फूट पड़ा। सराय मोहिद्दीनपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर पीसीएफ के क्रय केंद्र पर शनिवार को किसानों ने हंगामा किया।
कई किसान अपनी उपज क्रय केंद्र पर ही छोड़कर घर चले गए। चेतावनी दी कि दो दिन के अंदर धान नहीं खरीदा गया तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
क्रय केंद्र पर सुबह 10 बजे डेहरी गांव निवासी सांवले यादव के नेतृत्व में दर्जनों किसान पहुंच गए। किसानों ने कहा कि आज धान खरीद का आखिरी दिन है। उनकी उपज क्रय केंद्र पर पिछले कई दिनों से रखी हुई भीग रही है, लेकिन विभाग के लोगों को कोई परवाह नहीं है। इसके बाद किसानों ने धान खरीद की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
आरोप लगाया कि क्रय केंद्र के लोग खरीद के बदले अतिरिक्त पैसे की मांग कर रहे हैं। न देने पर धान क्रय न करने और मानक के अनुरूप न होने की रिपोर्ट लगाने की धमकी देते हैं।
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सांवले यादव ने कहा कि उनका 753 बोरी धान पिछले करीब एक माह से क्रय केंद्र पर रखा-रखा भीगकर खराब हो रहा है। खरीद की आखिरी तिथि 31 जनवरी को डेहरी निवासी यास्मीन पत्नी इदरीश और शांति देवी पत्नी राम आसरे 50-50 कुंतल और सलेमपुर निवासी सूर्य नारायण पुत्र खदेरू 60 कुंतल धान लेकर पहुंचे थे।
किसानों ने आरोप लगाया कि सचिव ने धान लेने से इनकार कर दिया। कहा कि अब धान खरीद नहीं होगी। इस पर नाराज किसानों ने अपने-अपने धान को क्रय केंद्र पर ही छोड़ घर लौट गए।
चेतावनी दी कि दो दिन के भीतर खरीद न हुई तो वे लोग हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उधर क्रय केंद्र के सचिव वकील सिंह ने कहा कि गुणवत्ता निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं है। इसलिए क्रय नहीं किया जा रहा है। उन्होंने धन उगाही के आरोप को गलत बताया।
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कई किसान अपनी उपज क्रय केंद्र पर ही छोड़कर घर चले गए। चेतावनी दी कि दो दिन के अंदर धान नहीं खरीदा गया तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
क्रय केंद्र पर सुबह 10 बजे डेहरी गांव निवासी सांवले यादव के नेतृत्व में दर्जनों किसान पहुंच गए। किसानों ने कहा कि आज धान खरीद का आखिरी दिन है। उनकी उपज क्रय केंद्र पर पिछले कई दिनों से रखी हुई भीग रही है, लेकिन विभाग के लोगों को कोई परवाह नहीं है। इसके बाद किसानों ने धान खरीद की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
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आरोप लगाया कि क्रय केंद्र के लोग खरीद के बदले अतिरिक्त पैसे की मांग कर रहे हैं। न देने पर धान क्रय न करने और मानक के अनुरूप न होने की रिपोर्ट लगाने की धमकी देते हैं।
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सांवले यादव ने कहा कि उनका 753 बोरी धान पिछले करीब एक माह से क्रय केंद्र पर रखा-रखा भीगकर खराब हो रहा है। खरीद की आखिरी तिथि 31 जनवरी को डेहरी निवासी यास्मीन पत्नी इदरीश और शांति देवी पत्नी राम आसरे 50-50 कुंतल और सलेमपुर निवासी सूर्य नारायण पुत्र खदेरू 60 कुंतल धान लेकर पहुंचे थे।
किसानों ने आरोप लगाया कि सचिव ने धान लेने से इनकार कर दिया। कहा कि अब धान खरीद नहीं होगी। इस पर नाराज किसानों ने अपने-अपने धान को क्रय केंद्र पर ही छोड़ घर लौट गए।
चेतावनी दी कि दो दिन के भीतर खरीद न हुई तो वे लोग हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उधर क्रय केंद्र के सचिव वकील सिंह ने कहा कि गुणवत्ता निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं है। इसलिए क्रय नहीं किया जा रहा है। उन्होंने धन उगाही के आरोप को गलत बताया।