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किसान बोले, जान दे देंगे, जमीन नहीं
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Fri, 22 May 2015 12:10 AM IST
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राष्ट्रीय राजमार्ग 56 को फोर लेन बनाने और बाईपास निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को किसानों ने शिवगुलामगंज चौराहे पर प्रदर्शन कर चेतावनी दी कि वे जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे।
किसानों के हंगामे की खबर पर कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव मौके पर पहुंचे और उनको भरोसा दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
कई किसानों ने मंत्री से शिकायत की कि अगर यहां बाईपास का निर्माण किया गया तो वे भूमि हीन हो जाएंगे। आने वाली पीढ़ी भूखों मर जाएगी।
वाराणसी-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 56 को फोर लेन बनाने की प्रक्रिया तो पिछले साल से ही शुरू हो गई है। पर किसानों को अभी तक भरोसा नहीं था कि बाईपास निर्माण के लिए सरकार उनसे जमीन छीन लेगी।
पिछले सप्ताह से जब सर्वे का काम शुरू हुआ तो किसान लामबंद होने लगे। गुरुवार सैकड़ों की संख्या में शिवगुलामगंज चौराहे पर जुटे किसानों ने मीटिंग कर प्रदर्शन किया।
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किसानों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी भूमि बाईपास निर्माण के लिए नहीं देंगे। किसान नेता अच्छेलाल यादव, गुड्डू प्रधान आदि ने कैबिनेट मंत्री से बातकर किसानों की समस्या बताई।
जिले में मौजूद कैबिनेट मंत्री पारसनाथ किसानों के बीच पहुंच गए। यहां किसानों ने अपनी समस्या मंत्री को बताई। उन्होंने कहा कि सरकार एक तो मुआवजा पूरा नहीं दे रही है।
दूसरे अगर उन्हें मुआवजे में पैसा मिल भी जाएगा तो वह अधिक दिनों तक उनके पास नहीं टिक सकता। ऐसे में आने वाली पीढ़ी के लिए रहने का भी संकट उत्पन्न हो जाएग।
किसानों ने मांग किया कि अगर बाई पास का निर्माण न कर पुराने मार्ग को ही चौड़ा कर दिया जाए तो काफी किसानों की जमीन बच जाएगी।
पुरानी सड़क समेत दोनों पटरियों पर 100 फीट चौड़ी भूमि सरकारी है। ऐसे सरकार को सिर्फ 100 फीट ही जमीन का अधिग्रहण करना होगा।
दोनों पटरियों पर 50-50 फीट भी जमीन अधिग्रहण कर ली गई तो सड़क भी बन जाएगी और किसानों की जमीन भी बच जाएगी।
मंत्री ने किसानों के इस सुझाव को शासन को भी अवगत कराने का भरोसा दिया। डीएम को भी उन्होंने इस संबंध में पत्र जारी कर विभागीय लिखा पढ़ी का निर्देश दिया।
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किसानों के हंगामे की खबर पर कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव मौके पर पहुंचे और उनको भरोसा दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
कई किसानों ने मंत्री से शिकायत की कि अगर यहां बाईपास का निर्माण किया गया तो वे भूमि हीन हो जाएंगे। आने वाली पीढ़ी भूखों मर जाएगी।
वाराणसी-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 56 को फोर लेन बनाने की प्रक्रिया तो पिछले साल से ही शुरू हो गई है। पर किसानों को अभी तक भरोसा नहीं था कि बाईपास निर्माण के लिए सरकार उनसे जमीन छीन लेगी।
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पिछले सप्ताह से जब सर्वे का काम शुरू हुआ तो किसान लामबंद होने लगे। गुरुवार सैकड़ों की संख्या में शिवगुलामगंज चौराहे पर जुटे किसानों ने मीटिंग कर प्रदर्शन किया।
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किसानों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी भूमि बाईपास निर्माण के लिए नहीं देंगे। किसान नेता अच्छेलाल यादव, गुड्डू प्रधान आदि ने कैबिनेट मंत्री से बातकर किसानों की समस्या बताई।
जिले में मौजूद कैबिनेट मंत्री पारसनाथ किसानों के बीच पहुंच गए। यहां किसानों ने अपनी समस्या मंत्री को बताई। उन्होंने कहा कि सरकार एक तो मुआवजा पूरा नहीं दे रही है।
दूसरे अगर उन्हें मुआवजे में पैसा मिल भी जाएगा तो वह अधिक दिनों तक उनके पास नहीं टिक सकता। ऐसे में आने वाली पीढ़ी के लिए रहने का भी संकट उत्पन्न हो जाएग।
किसानों ने मांग किया कि अगर बाई पास का निर्माण न कर पुराने मार्ग को ही चौड़ा कर दिया जाए तो काफी किसानों की जमीन बच जाएगी।
पुरानी सड़क समेत दोनों पटरियों पर 100 फीट चौड़ी भूमि सरकारी है। ऐसे सरकार को सिर्फ 100 फीट ही जमीन का अधिग्रहण करना होगा।
दोनों पटरियों पर 50-50 फीट भी जमीन अधिग्रहण कर ली गई तो सड़क भी बन जाएगी और किसानों की जमीन भी बच जाएगी।
मंत्री ने किसानों के इस सुझाव को शासन को भी अवगत कराने का भरोसा दिया। डीएम को भी उन्होंने इस संबंध में पत्र जारी कर विभागीय लिखा पढ़ी का निर्देश दिया।