फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Story of young man being bitten by snake 14 times defeated death every time Mahesh yadav of Jaunpur

UP News: युवक को 14 बार सांप काटने की कहानी...हर बार मौत को दी मात; पढ़ें जौनपुर के महेश के बारे में

Thu, 12 Jun 2025 05:31 AM IST
अमन विश्वकर्मा केतन विश्वकर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर।
केतन विश्वकर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 12 Jun 2025 05:31 AM IST
सार

Snake Attack: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में रहने वाले महेश यादव को तीन साल में 14 बार सांप डस चुका है। हर बार वे अस्पताल गए और बचकर चले आए। उन्होंने लोगों से झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ने की अपील की है।

विज्ञापन
Story of young man being bitten by snake 14 times defeated death every time Mahesh yadav of Jaunpur
महेश यादव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जाको राखे साइयां मार सके न कोय... यह कहावत केराकत के सरकी गांव निवासी महेश यादव पर सटीक बैठती है। महेश को एक दो बार नहीं, बल्कि तीन साल में 14 बार सांपों ने डसा है। लेकिन हर बार महेश ने जिंदगी और मौत की जंग को जीता है।

विज्ञापन


पेशे से किसान महेश यादव ने बुधवार को बताया कि वह सब्जी बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। साल 2022 में रक्षाबंधन के दिन पहली बार उन्हें करैत सांप ने काटा था। उस दिन लगा कि अब सब खत्म हो गया लेकिन इलाज के बाद वह ठीक हो गए। 
विज्ञापन


इसके बाद 12 जुलाई 2023 को धान की फसल में पानी भरते समय मेड़ पर बैठे सर्प ने डस लिया। फिर इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गए। साल 2024 में जनवरी में शौचालय जाने के दौरान बाल्टी में बैठे करैत सर्प ने डस लिया था। इसके बाद जूते में बैठे करैत सर्प ने काट लिया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद भी कभी खेत, तो कभी घर के आसपास सर्प उन्हें डसता रहा। आखिरी बार इस साल 30 मई को गांव की एक शादी में जाते समय रास्ते में कोबरा सर्प ने काट लिया। महेश शादी में गए और खाना खाते समय वहां चक्कर आ गया। फिर आनन फ़ानन उनको चिकित्सक के पास ले जाया गया। वहां फिर वह मौत को मात देकर घर लौट आए। 

इस तरह कुल 14 बार महेश को सांप डस चुका है। महेश बताते हैं कि शुरू में बहुत डर लगता था। सांप देखते ही भागते थे। लेकिन अब तो सांप देखकर हंसी आती है। वे मानते हैं कि उनके भीतर एक अलग तरह का आत्मविश्वास है, जो उनके जिंदा रहने की वजह बन चुका है।

बोले अधिकारी
यह मामला दुर्लभ है। लेकिन असंभव भी नहीं है। बार-बार विष के संपर्क में आने से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। यह भी संभव है कि अधिकांश बार उन्हें कम विषैले या विषहीन सांप ने डसा हो। सही समय पर इलाज भी बचाव का कारण है। - डॉ. अरुण कुमार कनौजिया, अधीक्षक, केराकत सीएचसी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed