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तो कैसे निर्बाध रूप से मिलेगी बिजली,जब जर्जर तारों से हो रही आपूर्ति
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जिले में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग द्वारा नित नई कवायद की जा रही है, लेकिन इसका फायदा लोगों को मिलता नहीं दिख रहा है। आज भी जिले में बिजली आपूर्ति जर्जर और लटकते तारों के जरिए ही की जा रही है, जो भीषण गर्मी के मौसम में आए दिन हादसों की वजह बन रहे हैं। विभाग की जमाखर्ची कागज तक ही सीमित है। इससे एक ओर जहां लोगों को शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। वहीं जर्जर तारों के टूटने से दिन में कई-कई बार बिजली गुल हो जा रही है। तेज हवा के बीच लटकते तारों के आपस में छू जाने से निकली चिंगारी किसानों की महीनों की मेहनत को जला रही है। विभाग बिजली तारों को बदलने अथवा ठीक कराने की जगह केवल आश्वासन देकर काम चला रहा है। इससे लोगों में रोष बढ़ रहा है।
जिले में कुल पांच लाख 63 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति के लिए 60 हजार ट्रांसफार्मर और 62 बिजली उपकेंद्र मौजूद हैं। वहीं तार व पोल के सहारे बिजली आपूर्ति की जाती है। उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने के लिए शेड्यूल भी बनाया गया है, जिसमें शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है, जबकि तहसील में साढ़े 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल तय है, लेकिन लोगों को शेड्यूल के मुताबिक बिजली ही नहीं मिल पा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण जर्जर बिजली के तार व पोल बने हुए हैं। वहीं कई रिहायशी मड़हे जलने से मवेशियों सहित गृहस्थी का सामान जल चुका है। बावजूद इसके अभी तक इन जर्जर तारों व पोलों को बदलने का कार्य नहीं किया जा रहा है, इसके लिए जिम्मेदार बिजली निगम की ओर से सिर्फ उन्हीं तारों को बदलने का कार्य किया जाता है, जो जब तार टूट जाते हैं। सिंगरामऊ: क्षेत्र के बछुआर गांव का विद्युतीकरण साल भर पहले कराया गया था। एक साल में ही तार ढीले हो गए हैं, जिनसे हर समय दुर्घटना का डर बना हुआ है। धर्मापुर: स्थानीय गांव में सड़क के ऊपर 11 केवी का हाईटेंशन जर्जर तार लटका हुआ है, जिससे हर समय दुर्घटना होने का डर बना हुआ है। गौराबदशाहपुर: सरसौड़ा गांव के पास उमरी की तरफ जाने वाला हाईटेंशन तार काफी नीचे लटका हुआ है। शिकायत के बावजूद तार को ठीक नहीं किया गया। मुफ्तीगंज: क्षेत्र के नयपुरा, विझवार सारंग, विझवार सागर, इटैली आदि गांवों में तार जर्जर होकर नीचे लटक रहा है।मछलीशहर: नगर समेत ग्रामीण इलाकों में बिजली के तार लटके हुए हैं। मोलनापुर प्राथमिक विद्यालय के बगल और छाछो गांव की ब्राह्मण बस्ती में बिजली आपूर्ति के लिए लगे तार जर्जर होकर नीचे लटक रहा है। शिकायत के बावजूद तारों को दुरुस्त नहीं किए रोष है। नेवढ़िया: क्षेत्र के बुद्धिपुर व तिलंगा आदि गांव में जर्जर होकर तार नीचे लटक रहा है। बुद्धिपुर गांव में सड़क के ऊपर ही जर्जर तार वर्षों से लटक रहा है। बदलापुर: पुरानी बाजार व मरगूपुर की केवट बस्ती में भी जर्जर होकर तार लटक रहे हैं। डोभी: थूहीं गांव निवासी राम अजोर चौरसिया का कहना है कि खेत से बिजली का जर्जर तार गया है जो जमीन से मात्र 6 फीट ऊंचाई पर है। इससे हमेशा हादसे का डर सताता रहता है।
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जिले में कुल पांच लाख 63 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति के लिए 60 हजार ट्रांसफार्मर और 62 बिजली उपकेंद्र मौजूद हैं। वहीं तार व पोल के सहारे बिजली आपूर्ति की जाती है। उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने के लिए शेड्यूल भी बनाया गया है, जिसमें शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है, जबकि तहसील में साढ़े 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल तय है, लेकिन लोगों को शेड्यूल के मुताबिक बिजली ही नहीं मिल पा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण जर्जर बिजली के तार व पोल बने हुए हैं। वहीं कई रिहायशी मड़हे जलने से मवेशियों सहित गृहस्थी का सामान जल चुका है। बावजूद इसके अभी तक इन जर्जर तारों व पोलों को बदलने का कार्य नहीं किया जा रहा है, इसके लिए जिम्मेदार बिजली निगम की ओर से सिर्फ उन्हीं तारों को बदलने का कार्य किया जाता है, जो जब तार टूट जाते हैं। सिंगरामऊ: क्षेत्र के बछुआर गांव का विद्युतीकरण साल भर पहले कराया गया था। एक साल में ही तार ढीले हो गए हैं, जिनसे हर समय दुर्घटना का डर बना हुआ है। धर्मापुर: स्थानीय गांव में सड़क के ऊपर 11 केवी का हाईटेंशन जर्जर तार लटका हुआ है, जिससे हर समय दुर्घटना होने का डर बना हुआ है। गौराबदशाहपुर: सरसौड़ा गांव के पास उमरी की तरफ जाने वाला हाईटेंशन तार काफी नीचे लटका हुआ है। शिकायत के बावजूद तार को ठीक नहीं किया गया। मुफ्तीगंज: क्षेत्र के नयपुरा, विझवार सारंग, विझवार सागर, इटैली आदि गांवों में तार जर्जर होकर नीचे लटक रहा है।मछलीशहर: नगर समेत ग्रामीण इलाकों में बिजली के तार लटके हुए हैं। मोलनापुर प्राथमिक विद्यालय के बगल और छाछो गांव की ब्राह्मण बस्ती में बिजली आपूर्ति के लिए लगे तार जर्जर होकर नीचे लटक रहा है। शिकायत के बावजूद तारों को दुरुस्त नहीं किए रोष है। नेवढ़िया: क्षेत्र के बुद्धिपुर व तिलंगा आदि गांव में जर्जर होकर तार नीचे लटक रहा है। बुद्धिपुर गांव में सड़क के ऊपर ही जर्जर तार वर्षों से लटक रहा है। बदलापुर: पुरानी बाजार व मरगूपुर की केवट बस्ती में भी जर्जर होकर तार लटक रहे हैं। डोभी: थूहीं गांव निवासी राम अजोर चौरसिया का कहना है कि खेत से बिजली का जर्जर तार गया है जो जमीन से मात्र 6 फीट ऊंचाई पर है। इससे हमेशा हादसे का डर सताता रहता है।
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