जौनपुर। नवरात्र के चौथे दिन पंचमी तिथि पर रविवार को स्कंदमाता की उपासना की गई। मां के इस स्वरूप की पूजा मातृ शक्ति और नारी शक्ति के रूप में की गई। मां शीतला चौकियां और मां मैहर मंदिर परिसर में भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिर परिसर भोर से ही मां के जयकारे से गूंजता रहा। पूजा पंडालों में भी देर रात तक दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
आचार्य डा. रजनी कांत द्विवेदी का कहना है कि स्कंद माता की उपासना से इच्छाएं पूरी होने के साथ भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कोविड संक्रमण को देखते हुए मंदिरों में दर्शन पूजन के दौरान विशेष सावधानी बरती जा रही है। लोगों को दूरी बनाकर दर्शन पूजन करने की नसीहत दी जा रही है। जैसे-जैसे नवरात्र की तिथि आगे बढ़ती जा रही है, पूजा पंडालों में दर्शन पूजन के लिए भीड़ भी बढ़ती जा रही है। नवरात्र के चलते मंदिर परिसर भक्तों से गुलजार हैं। दुकानदार भी देर रात तक भक्तों के इंतजार में दुकानें खोलकर बैठ रहे हैं। खेतासराय : नवरात्र के पांचवें दिन खेतासराय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में शक्ति की प्रतीक मां दुर्गा के पंडाल सजने लगे हैं। कोरोना गाइडलाइन को देखते हुए मुख्य मार्ग पर पंडाल नहीं लगाए गए हैं। खेतासराय पुरानी बाजार में जय मां विंध्यवासिनी दुर्गा पूजा समिति, जय मां अंबे दुर्गा पूजा समिति, नव शक्ति दुर्गा पूजा समिति की तरफ से पंडाल सजाए गए हैं। स्टेशन गली में मां वैष्णवी दुर्गा पूजा समिति की तरफ से पंडाल की सजावट की जा रही है।