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दुष्कर्म पीड़िता को झांसा देकर आरोपी से ही शादी के हलफनामे पर करवाया हस्ताक्षर
Tue, 05 Nov 2019 09:23 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Tue, 05 Nov 2019 09:23 PM IST
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गौराबादशाहपुर क्षेत्र के एक गांव गांव में दुष्कर्म पीड़ित युवती को झांसा देकर जालसाजों ने दुष्कर्म के आरोपी से ही शादी के हलफनामे पर हस्ताक्षर करवा लिया। इसकी जानकारी होने पर पीड़िता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने मामले की गंभीरता देखते हुए गौराबादशाहपुर थानाध्यक्ष को केस दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
कोर्ट के आदेश के 20 दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। थानाध्यक्ष गौराबादशाहपुर सुरेश सिंह का कहना है कि कोर्ट का आदेश अभी तक उन्हें नहीं मिला है। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती चार सितंबर की शाम को घर में खाना बना रही थी। आरोप है कि खंडहर की दीवार फांदकर गांव का ही एक मनबढ़ युवक घर में घुस गया।
चाकू के बल पर उसे डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती अगले दिन पिता के साथ थाने गई तो पुलिस ने सुनवाई नहीं की। उलटे पुलिस ने दोनों की शादी करने का सुझाव देते हुए सुलह समझौता करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। सात सितंबर को पीड़ित ने एसपी को भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
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इसी बीच जालसाजों ने युवती और उसके पिता को झांसा देते हुए कहा कि पुलिस ऐसे सुनवाई नहीं करेगी। इसके लिए उन्हें कोर्ट में प्रार्थना पत्र देना होगा। कोर्ट में प्रार्थना पत्र देने के बहाने जालसाज पिता पुत्री को लेकर कचहरी गए। शादी के लिए हलफनामा तैयार कर उस पर हस्ताक्षर कराकर नोटरी करा लिया।
पीड़ित युवती कुछ दिनों बाद फिर थाने गई तो पुलिस ने उसे कोर्ट में दोनों की शादी का हवाला देते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया। युवती ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपनी व्यथा सुनाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने 15 अक्तूबर को थानाध्यक्ष गौराबादशाहपुर को आदेश दिया है कि वह युवती के साथ दुष्कर्म मामले में केस दर्ज कर विवेचना करें।
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कोर्ट के आदेश के 20 दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। थानाध्यक्ष गौराबादशाहपुर सुरेश सिंह का कहना है कि कोर्ट का आदेश अभी तक उन्हें नहीं मिला है। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती चार सितंबर की शाम को घर में खाना बना रही थी। आरोप है कि खंडहर की दीवार फांदकर गांव का ही एक मनबढ़ युवक घर में घुस गया।
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चाकू के बल पर उसे डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती अगले दिन पिता के साथ थाने गई तो पुलिस ने सुनवाई नहीं की। उलटे पुलिस ने दोनों की शादी करने का सुझाव देते हुए सुलह समझौता करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। सात सितंबर को पीड़ित ने एसपी को भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
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इसी बीच जालसाजों ने युवती और उसके पिता को झांसा देते हुए कहा कि पुलिस ऐसे सुनवाई नहीं करेगी। इसके लिए उन्हें कोर्ट में प्रार्थना पत्र देना होगा। कोर्ट में प्रार्थना पत्र देने के बहाने जालसाज पिता पुत्री को लेकर कचहरी गए। शादी के लिए हलफनामा तैयार कर उस पर हस्ताक्षर कराकर नोटरी करा लिया।
पीड़ित युवती कुछ दिनों बाद फिर थाने गई तो पुलिस ने उसे कोर्ट में दोनों की शादी का हवाला देते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया। युवती ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपनी व्यथा सुनाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने 15 अक्तूबर को थानाध्यक्ष गौराबादशाहपुर को आदेश दिया है कि वह युवती के साथ दुष्कर्म मामले में केस दर्ज कर विवेचना करें।