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करोड़ों भरतवंशियों के हृदय में विराजमान हैं श्री राम : वंदना
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पूर्वांचल विश्विद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरितमानस लिखकर घर-घर में श्री राम के आदर्शों को पहुंचाने का कार्य किया। प्रभु श्री राम करोड़ों भरतवंशियों के हृदय में विराजमान हैं।
वह रविवार को कथावाचक स्व. पंडित दिनेश कुमार मिश्रा की पुस्तक ‘तुलसी का कीर्ति स्तंभ श्रीरामचरितमानस’ के लोकार्पण समारोह में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कही। यह कार्यक्रम तिलकधारी महाविद्यालय के बलरामपुर सभागार में आयोजित किया गया। कुलपति ने श्री राम के चरित्र की व्याख्या मानस दिनकर पं. दिनेश कुमार मिश्र ने अपने प्रवचन में लोक पक्ष को ध्यान में रखकर की है। यह वंदनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने उनकी 50 वर्षों की कथा को पुस्तकाकार देने के लिए संपादक द्वय प्रो. मनोज मिश्र व डॉ. दीपा शुक्ल को बधाई दी।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने पंडित दिनेश कुमार मिश्र द्वारा कहे गए अनेक कथा प्रसंगों की चर्चा की। कहा कि मानस के विविध पक्षों की व्याख्या करने में उनका कोई सानी नहीं था। मुख्य वक्ता कथावाचक पं. मदन मोहन मिश्रा ने कहा कि श्री रामचरित मानस जब तक अस्तित्व में रहेगा, तब तक सनातन धर्म को कोई भी मिटा नहीं सकता।
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विशिष्ट अतिथि लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के पूर्व सदस्य प्रो. आरएन त्रिपाठी ने कहा कि दिनेश कुमार मिश्र ने मानस के सामाजिक सरोकार में निहित संदेशों का प्रचार प्रसार कर श्री रामकथा की सार्थकता सिद्ध की।
विशिष्ट अतिथि तिलकधारी कॉलेज के प्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह पुस्तक समाज में भगवान श्री राम के मर्यादा रूपी चरित्र को विभिन्न पहलुओं से प्रदर्शित करती कर रही है।
स्वागत ‘मानस दिनकर’ के परिवार के सदस्यों में उनकी पुत्री दीपा मिश्रा, सरस्वती मिश्रा, पुत्र महेश मिश्रा, दामाद दिलीप शुक्ल, रितेश मिश्र ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, अरुण कुमार मिश्र, टीडी कॉलेज प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह, शिक्षक नेता विजय सिंह, विपिन सिंह, हरिओम तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन टीडी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अजय दुबे ने किया।
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वह रविवार को कथावाचक स्व. पंडित दिनेश कुमार मिश्रा की पुस्तक ‘तुलसी का कीर्ति स्तंभ श्रीरामचरितमानस’ के लोकार्पण समारोह में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कही। यह कार्यक्रम तिलकधारी महाविद्यालय के बलरामपुर सभागार में आयोजित किया गया। कुलपति ने श्री राम के चरित्र की व्याख्या मानस दिनकर पं. दिनेश कुमार मिश्र ने अपने प्रवचन में लोक पक्ष को ध्यान में रखकर की है। यह वंदनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने उनकी 50 वर्षों की कथा को पुस्तकाकार देने के लिए संपादक द्वय प्रो. मनोज मिश्र व डॉ. दीपा शुक्ल को बधाई दी।
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मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने पंडित दिनेश कुमार मिश्र द्वारा कहे गए अनेक कथा प्रसंगों की चर्चा की। कहा कि मानस के विविध पक्षों की व्याख्या करने में उनका कोई सानी नहीं था। मुख्य वक्ता कथावाचक पं. मदन मोहन मिश्रा ने कहा कि श्री रामचरित मानस जब तक अस्तित्व में रहेगा, तब तक सनातन धर्म को कोई भी मिटा नहीं सकता।
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विशिष्ट अतिथि लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के पूर्व सदस्य प्रो. आरएन त्रिपाठी ने कहा कि दिनेश कुमार मिश्र ने मानस के सामाजिक सरोकार में निहित संदेशों का प्रचार प्रसार कर श्री रामकथा की सार्थकता सिद्ध की।
विशिष्ट अतिथि तिलकधारी कॉलेज के प्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह पुस्तक समाज में भगवान श्री राम के मर्यादा रूपी चरित्र को विभिन्न पहलुओं से प्रदर्शित करती कर रही है।
स्वागत ‘मानस दिनकर’ के परिवार के सदस्यों में उनकी पुत्री दीपा मिश्रा, सरस्वती मिश्रा, पुत्र महेश मिश्रा, दामाद दिलीप शुक्ल, रितेश मिश्र ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, अरुण कुमार मिश्र, टीडी कॉलेज प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह, शिक्षक नेता विजय सिंह, विपिन सिंह, हरिओम तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन टीडी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अजय दुबे ने किया।