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Jaunpur News: सचिव तिरंगा यात्रा में, लेखपाल जनगणना ड्यूटी में, प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ब्लॉक जाइए

Wed, 12 Aug 2026 12:39 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 12:39 AM IST
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Secretary in the Tiranga Yatra, the clerk on census duty, go to the block to get the certificate made
बदलापुर के घनश्यामपुर पंचायत भवन के कमरे में रखा कबाड़ । संवाद
जौनपुर। जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय न जाने पड़े इस उद्देश्य से जिले के 1734 पंचायतों में पंचायत भवन बनाए गए। मंगलवार की सुबह 11 बजे संवाद न्यूज एजेंसी की टीम पंचायत भवनों से ग्रामीणों को मिलने वाले लाभ की हकीकत देखने के लिए पहुंची तो पता चला कि पंचायत भवन के कमरे में कहीं उपला तो कहीं भूसा तो कहीं कबाड़ रखा गया है। लेखपाल और पंचायत सचिव घर से ही गांव की सरकार चला रहे हैं। टीम ने ग्रामीण बनकर सचिव को फोन किया तो उन्होंने कहा कि हम तिरंगा यात्रा में शामिल हैं। लेखपाल ने कहा कि हम जनगणना ड्यूटी में हैं। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ब्लॉक जाइए। इस कारण ग्रामीणों को जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। बीते एक जुलाई को राजस्व परिषद की ओर से आदेश जारी किया गया था कि लेखपाल भी सचिवालयों में बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे। हालांकि, आदेश का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है। सभी सचिवालयों में सचिवों और लेखपालों की उपस्थिति होनी चाहिए। इसके लिए रोस्टर भी बनाया गया है।
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केस 1

बदलापुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत घनश्यामपुर में स्थित पंचायत सचिवालय का कभी भी ताला नहीं खुलता है। मेन गेट टूट गया है। जिसे दूसरी जगह रखा गया है। खिड़की टूटी पड़ी है। एक कमरे में कबाड़ रखा हुआ है तो दूसरे में एक बाइक खड़ी मिली। सिर्फ एक कमरे में दरवाजा है तो तीन बिना दरवाजे के है। ग्रामीणों ने बताया कि यह सचिवालय न खुलता है और न ही कोई बैठक होती है।
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केस-2
बरसठी क्षेत्र के लखराव गांव में बना पंचायत भवन बदहाल स्थिति में है। जिस पंचायत भवन में ग्रामीणों को खतौनी, आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र समेत विभिन्न सरकारी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, वहां भूसा और उपली रखी जा रही है। एडीओ पंचायत प्रदीप कुमार ने बताया कि भूसा और उपली को हटाने के लिए बोला गया है।
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केस :3
सुइथाकलां विकास खंड जंगीपुर गांव स्थित पंचायत सचिवालय में सुबह 11 बजे तक ताला बंद था। यहां सचिव व लेखपाल दोनों अनुपस्थित थे। लेखपाल व सचिव का पंचायत सचिवालय पर बैठने का कोई भी रोस्टर चस्पा नहीं था। फोन करने पर सचिव जितेंद्र शाह ने बताया कि अर्सिया गांव में तिरंगा यात्रा में शामिल होने के कारण उपस्थित नहीं हूं। लेखपाल प्रियदर्शनी ने जनगणना कार्यों में शामिल होने की वजह से सचिवालय नहीं पहुंच सकी।
केस :4
सुइथाकलां विकास खंड जहुरुदीनपुर गांव स्थित पंचायत सचिवालय में दोपहर 12 बजे तक ताला बंद था। यहां सचिव व लेखपाल दोनों लोग अनुपस्थित थे। सचिव प्रीति चौरसिया ने स्वास्थ्य खराब होने की वजह से अवकाश पर थीं। लेखपाल प्रेमचंद ने बताया कि रोस्टर के अन्य गांवों में कार्य होने की वजह से आने में विलंब हो रहा है।
केस : 5
केराकत के मुफ्तीगंज ब्लॉक के सरकी ग्राम पंचायत सचिवालय में दोपहर एक बजे तक ताला लटकता मिला। केराकत ब्लॉक के भितरी ग्राम पंचायत सचिवालय का भी ताला बंद मिला। दोपहर एक बजे तक सचिवालयों के बंद रहने से ग्रामीणों को आवश्यक काम के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
केस-6
खेतासराय के विकासखंड शाहगंज (सोंधी) की सिधाई ग्राम पंचायत में पंचायत सचिवालय में सुबह 11:30 बजे ताला लटका मिला। ग्राम सचिवालय में कर्मचारियों के नियमित नहीं बैठने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए ब्लॉक कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीण ने बताया पंचायत भवन में न तो लेखपाल बैठते हैं और न ही पंचायत सचिव।

लोगों से बातचीत
बरसठी के लखराव गांव में बना पंचायत भवन का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। भवन में ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं का लाभ मिलने के बजाय यहां भूसा और उपली देखने को मिल रहा है। जरूरी कागजों के बनवाने के लिए जिला मुख्यालयों का चक्कर काटना पड़ रहा है।
- विनय पटेल, लखराव बरसठी
ग्राम पंचायत घनश्यामपुर में स्थित पंचायत सचिवालय का कभी भी ताला नहीं खुलता है। खिड़की टूटी पड़ी है। एक कमरे में कबाड़ रखा हुआ है। दरवाजे तक नहीं है न ही कोई बैठक होती है। जिससे हम लोगों को जरूरी कागजात बनवाने के लिए आठ किलोमीटर बदलापुर का चक्कर काटना पड़ता है। - दीपक मोदनवाल
ग्राम सचिवालय बंद रहने के कारण ग्रामीणों के जरूरी कार्य के लिए जिला मुख्यालयों तक चक्कर काटना पड़ रहा है। पंचायत भवन का निर्माण ग्रामीणों को गांव में ही सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है, लेकिन कर्मचारियों के नहीं बैठने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

- राहुल तिवारी, सिधाई, खेतासराय
मुफ्तीगंज ब्लॉक के सरकी पंचायत सचिवालयों के नियमित रूप से नहीं खुलने से जरूरी कागजात के लिए 15 किलोमीटर ब्लॉक पर जाना पड़ता है। जिससे धन व समय दोनों बर्बाद होता है। - महेश यादव, सरकी गांव
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