{"_id":"d00b3f02b36bed842bccdc5062aaf48e","slug":"role-of-technology-in-the-media-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीडिया में तकनीक की अहम भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीडिया में तकनीक की अहम भूमिका
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 01 Feb 2015 12:41 AM IST
विज्ञापन
बीएचयू पत्रकारिता विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. बलदेव राज गुप्त ने कहा कि आज मीडिया में काम करने वाले वह व्यक्ति सफल हैं, जो समय के हिसाब से खबरों को प्रस्तुत कर कर रहे हैं।
खबरों का संपादन न करने वालों के सामने तमाम दिक्कतें आ रही हैं। वह शनिवार को पूविवि के जनसंचार विभाग में मीडिया में चुनौतियां विषयक विशेष व्याख्यानमाला में बोल रहे थे। व्याख्यानमाला में कई मीडिया संस्थानों से जुड़े लोगों ने विचार प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में सच्चाई के साथ कठिन परिश्रम करने पर ही सफलता मिलती है। पाठकों को संतुष्ट करना एक पत्रकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। मीडिया में एक बड़ी खबर नाम तो दे सकती है, लेकिन एक मुकाम हासिल करने के लिए निरंतरता जरूरी है।
विज्ञापन
मीडिया के क्षेत्र में तकनीकी के योगदान पर उन्होंने कहा कि प्रिंट से लेकर वेब मीडिया तक तकनीक की बदौलत अपने कार्य को कर पा रहे हैं। कंप्यूटर का ज्ञान न होना, एक पत्रकार को अशिक्षित की श्रेणी में खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की हिंदी देश में सबसे अच्छी है।
मीडिया के क्षेत्र में आने वाले नवांकुरों को भाषा पर नियंत्रण की जरूरत है। देश के बड़े मीडिया संस्थानों में सदैव हिंदी के ज्ञानियों की मांग रहती है। उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रानिक एवं रेडियो के विभिन्न आयामों से विद्यार्थियों को परिचित कराया। लेखन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय प्रताप सिंह ने प्रोफेसर गुप्ता को स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। डा. दिग्विजय सिंह राठौर ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डा. सुनील कुमार, डा. रुश्दा आजमी, पंकज सिंह के अलावा विभाग के छात्र मौजूद थे। संचालन डा. अवध बिहारी सिंह ने किया।
विज्ञापन
खबरों का संपादन न करने वालों के सामने तमाम दिक्कतें आ रही हैं। वह शनिवार को पूविवि के जनसंचार विभाग में मीडिया में चुनौतियां विषयक विशेष व्याख्यानमाला में बोल रहे थे। व्याख्यानमाला में कई मीडिया संस्थानों से जुड़े लोगों ने विचार प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में सच्चाई के साथ कठिन परिश्रम करने पर ही सफलता मिलती है। पाठकों को संतुष्ट करना एक पत्रकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। मीडिया में एक बड़ी खबर नाम तो दे सकती है, लेकिन एक मुकाम हासिल करने के लिए निरंतरता जरूरी है।
विज्ञापन
मीडिया के क्षेत्र में तकनीकी के योगदान पर उन्होंने कहा कि प्रिंट से लेकर वेब मीडिया तक तकनीक की बदौलत अपने कार्य को कर पा रहे हैं। कंप्यूटर का ज्ञान न होना, एक पत्रकार को अशिक्षित की श्रेणी में खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की हिंदी देश में सबसे अच्छी है।
मीडिया के क्षेत्र में आने वाले नवांकुरों को भाषा पर नियंत्रण की जरूरत है। देश के बड़े मीडिया संस्थानों में सदैव हिंदी के ज्ञानियों की मांग रहती है। उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रानिक एवं रेडियो के विभिन्न आयामों से विद्यार्थियों को परिचित कराया। लेखन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय प्रताप सिंह ने प्रोफेसर गुप्ता को स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। डा. दिग्विजय सिंह राठौर ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डा. सुनील कुमार, डा. रुश्दा आजमी, पंकज सिंह के अलावा विभाग के छात्र मौजूद थे। संचालन डा. अवध बिहारी सिंह ने किया।