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राउर बाबा मेले में उमड़े श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Fri, 29 May 2015 12:45 AM IST
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गंगा दशहरा के मौके पर गुरुवार को आयोजित राउर बाबा के मेले मे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मेले में गैर प्रांतों से भी श्रद्धालु पहुंचे।
लोगों ने राउर बाबा के मंदिर में मत्था टेकने के बाद सरोवर की परिक्रमा की और मुरादें मांगी। श्रद्धालुओं ने बाबा के मंदिर पर पताके और पीतल का घंटा चढ़ाया।
सरोवर में अन्न, जौ डालकर पूजा अर्चना की। राउर बाबा के मेले से जुड़ी ऐसी मान्यता है कि यहां आने से भूत प्रेत जैसी व्याधा से मुक्ति मिल जाती है।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। मेले में जौनपुर जनपद के अलावा बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र जैसे प्रांतों से भी श्रद्धालु यहां मंदिर में मत्था टेकने पहुंचे थे।
मंदिर में ही राउर बाबा की समाधि बनी है। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा की समाधि के दर्शन मात्र से ही सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। मेले में एक दिन पहले से ही बाहरी श्रद्धालुओं की जमावड़ा शुरू हो गया था।
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गुरुवार को भोर में ही मंदिर का कपाट खुला तो दर्शन करने वालों की लंबी कतार लग गई। मेला तीन दिनों तक चलेगा।
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लोगों ने राउर बाबा के मंदिर में मत्था टेकने के बाद सरोवर की परिक्रमा की और मुरादें मांगी। श्रद्धालुओं ने बाबा के मंदिर पर पताके और पीतल का घंटा चढ़ाया।
सरोवर में अन्न, जौ डालकर पूजा अर्चना की। राउर बाबा के मेले से जुड़ी ऐसी मान्यता है कि यहां आने से भूत प्रेत जैसी व्याधा से मुक्ति मिल जाती है।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। मेले में जौनपुर जनपद के अलावा बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र जैसे प्रांतों से भी श्रद्धालु यहां मंदिर में मत्था टेकने पहुंचे थे।
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मंदिर में ही राउर बाबा की समाधि बनी है। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा की समाधि के दर्शन मात्र से ही सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। मेले में एक दिन पहले से ही बाहरी श्रद्धालुओं की जमावड़ा शुरू हो गया था।
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गुरुवार को भोर में ही मंदिर का कपाट खुला तो दर्शन करने वालों की लंबी कतार लग गई। मेला तीन दिनों तक चलेगा।