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पूविवि : परीक्षार्थी को पूर्णांक से ज्यादा मिले प्राप्तांक
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करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मूल्यांकन और रिजल्ट पर नंबर चढ़ाने का गजब का मामले सामने आया है। विवि की ओर से एक छात्र को पूर्णांक 40 में से 55 अंक दिए गए हैं। यह रिजल्ट विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड है। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की इस लापरवाही का खामियाजा छात्र को भुगतना पड़ रहा है।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय बीकॉम चौथे सेमेस्टर की परीक्षा कुछ महीने पहले हुई थी। विवि से संबद्ध मालती सिंह महाविद्यालय मडियाहूं जौनपुर के छात्र शुभम यादव बीकॉम की परीक्षा में शामिल हुआ था। विवि में काम कर रही एजेंसी की तरफ से रिजल्ट बनाया गया। जिसमें स्किल डेवलपमेंट वोकेशनल में थ्योरी के पेपर का 40 नंबर का पूर्णांक था। उसे इसमें 40 में से 55 अंक दियागया।
विश्वविद्यालय इस मामले पर तर्क दे रहा है कि यह गलती महाविद्यालय स्तर पर हुई है। वोकेशनल थ्योरी की परीक्षा संस्थान की होती है। इसके दो पेपर होते हैं। पहले का पूर्णांक 40 होता है दूसरे का 60। ऐसे में 60 वाले पूर्णांक का अंक 40 वाले प्राप्तांक पर चढ़ गया है। यह महाविद्यालय की तरफ से गलती है।
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उधर, महाविद्यालय विश्वविद्यालय की गलती ठहरा रहा है। इस प्रकार की गलती से छात्रों में हड़कंप मचा हुआ है। छात्र परेशान हैं कि कहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की इस लापरवाही से उनका भविष्य अधर में न लटक जाए। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अजीत सिंह ने बताया कि रिजल्ट को अपडेट कर दिया गया है। यह गलती महाविद्यालय की तरफ से हुई है।
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय बीकॉम चौथे सेमेस्टर की परीक्षा कुछ महीने पहले हुई थी। विवि से संबद्ध मालती सिंह महाविद्यालय मडियाहूं जौनपुर के छात्र शुभम यादव बीकॉम की परीक्षा में शामिल हुआ था। विवि में काम कर रही एजेंसी की तरफ से रिजल्ट बनाया गया। जिसमें स्किल डेवलपमेंट वोकेशनल में थ्योरी के पेपर का 40 नंबर का पूर्णांक था। उसे इसमें 40 में से 55 अंक दियागया।
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विश्वविद्यालय इस मामले पर तर्क दे रहा है कि यह गलती महाविद्यालय स्तर पर हुई है। वोकेशनल थ्योरी की परीक्षा संस्थान की होती है। इसके दो पेपर होते हैं। पहले का पूर्णांक 40 होता है दूसरे का 60। ऐसे में 60 वाले पूर्णांक का अंक 40 वाले प्राप्तांक पर चढ़ गया है। यह महाविद्यालय की तरफ से गलती है।
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उधर, महाविद्यालय विश्वविद्यालय की गलती ठहरा रहा है। इस प्रकार की गलती से छात्रों में हड़कंप मचा हुआ है। छात्र परेशान हैं कि कहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की इस लापरवाही से उनका भविष्य अधर में न लटक जाए। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अजीत सिंह ने बताया कि रिजल्ट को अपडेट कर दिया गया है। यह गलती महाविद्यालय की तरफ से हुई है।