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गरीब बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिले का फिर सपना होगा पूरा

Sun, 20 Feb 2022 12:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 12:13 AM IST
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Poor children's dream of admission in private schools will be fulfilled again
जौनपुर। निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में गरीब छात्रों की पढ़ाई का सपना अब पूरा होगा। गरीब परिवार के बच्चे भी नजदीक के निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। निजी विद्यालयों को छात्रों संख्या 25 प्रतिशत गरीब छात्रों का दाखिला लेना होगा।
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नए सत्र से सभी निजी विद्यालयों में शासन के निर्देश के तहत दाखिला दिलाने की तैयारी चल रही है। निजी विद्यालय भी ऐसे छात्रों को दाखिला दिलाने के लिए शिक्षा विभाग भी तैयारी कर रहा है। दाखिले के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया दो मार्च से शुरू होनी है। निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया पूरा कराने के लिए खाका तैयार हो रहा है। गरीब बच्चों को पूर्व प्राथमिक कक्षाओं से लेकर कक्षा एक में निजी कांवेंट स्कूलों में दाखिला कराया जाता है। गरीब बच्चों का निजी स्कूलों में प्रवेश कराने के बाद कोई फीस स्कूलों को नहीं देनी पड़ती। बच्चों की पढ़ाई का खर्च शासन की ओर से स्कूलों के खातों में भेजा जाता है। कापी-किताब के लिए पांच-पांच हजार रुपये अभिभावकों के खाते में भेजा जाता हैं।
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प्रवेश के लिए तीन चरण में किया जाएगा आवेदन
जौनपुर। नए शिक्षण सत्र में दाखिले के लिए पहले चरण के लिए दो से 25 मार्च तक आवेदन करना है। 26 से 28 मार्च तक आवेदनों का सत्यापन होगा। इसके बाद, 30 मार्च को लाटरी निकाली जाएगी। प्रवेश के लिए तिथि पांच अप्रैल निर्धारित है। दूसरे चरण में दो से 23 अप्रैल तक आवेदन और 25 से 26 तक सत्यापन होगा। तीसरे चरण में आवेदन दो से 10 जून तक होंगे। सभी आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। शासन के निर्देश का पालन करते हुए मानक के तहत दाखिला दिलाया जाएगा।
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वर्जन
आरटीई के तहत दाखिला के लिए पहले निजी स्कूलों की मैपिंग होती है। इसके बाद विज्ञान निकाल कर दाखिला के लिए सूचना दी जाती है। जो आवेदन आते हैं, उनका सत्यापन किया जाता है। मानक के तहत जो छात्र आते हैं, उनका प्रवेश संबंधित विद्यालय में डीएम के अनुमोदन के बाद दिलाया जाता है। - डा. गोरखनाथ पटेल, बीएसए

आरटीई के तहत दाखिला लेने के लिए सभी विद्यालयों को जानकारी दे दी गई है। शासन का जो भी निर्देश होगा, उसके तहत दाखिला प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। मानक का पूरा ध्यान दिया जाएगा। - डा. सूर्य प्रकाश सिंह, अध्यक्ष निजी विद्यालय एसोसिएशन जौनपुर
मेरा बेटा आदित्य जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह में पढ़ाई कर रहा है। उसका दाखिला निजी स्कूल में कराना चाहता हूं। बेटा पढ़ने में ठीक है। महंगी फीस के कारण उसका दाखिला निजी स्कूल में नहीं करा सका। यदि दाखिला हो गया तो उसकी पढ़ाई आगे भी जारी रहेगी। उम्मीद है कि उसका दाखिला आरटीई के तहत हो जाएगा। - प्रवीण कुमार, जमैथा

मेरा बेटा दिव्यांशु प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ाई करा कर रहा है। उसका दाखिला किसी अच्छे स्कूल में कराने की इच्छा है। अगले माह प्रवेश के लिए निजी स्कूल में आवेदन करूंगा, ताकि उसकी पढ़ाई आगे ठीक से हो सके। प्रयास होगा कि आरटीई के तहत उसका दाखिला हो जाए। - संजय कुमार, खरका कालोनी जौनपुर
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