{"_id":"305ebb0622581975152ad14b4ae47651","slug":"people-left-the-house-for-hours-standing-on-the-road-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर छोड़ घंटों सड़क पर खड़े रहे लोग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर छोड़ घंटों सड़क पर खड़े रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Sun, 26 Apr 2015 11:48 PM IST
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जिले में रविवार को दिन में 12: 40 बजे फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। 25 घंटे के अंतराल में आए भूकंप के तीसरे झटके से लोग खौफजदा हैं। दोपहर 12:40 बजे जैसे ही धरती हिली लोग घर छोड़कर बाहर निकल आए।
शहर की सड़कों पर भीड़ जमा हो गई। भूकंप के भय से लोग घंटों सड़क पर बैठे रहे। गांवों में भी यही हाल रहा। ग्रामीण घर छोड़कर पूरे परिवार के साथ खेतों में बैठे रहे।
शाम खबर लिखे जाने तक भी अधिकतर लोग घरों से बाहर ही रहे। कई लोगों ने तो घर से बाहर अस्थाई ठिकाना बना लिया है। खेतासराय में एक मकान की बाउंड्री धराशायी हो गई।
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कई मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। एक के बाद एक कर के आ रहे भूकंप के झटकों को देखते हुए सभी सरकारी और गैरसरकारी स्कूल कालेजों को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है।
रविवार को दिन में 12:40 बजे अचानक शोरशराबे के बीच भगदड़ मच गई। घर में टीवी, फ्रीज, कूलर, किचन में बर्तन, चारपाई आदि सामान अचानक हिलता देख लोगों को समझने में देर नहीं लगी।
लोग चीखते हुए घरों से बाहर निकल आए। शनिवार को तकरीबन बीस से 25 सेकेंड तक धरती कांपती रही लेकिन बहुत से लोगों को तत्काल इस बात का एहसास हुआ था कि यह भूकंप का झटका है, लेकिन रविवार को बमुश्किल 10 से
12 सेकेंड में ही लोगों को यह समझते देर नहीं लगी कि धरती कांप रही है। लोग घर छोड़ कर भाग निकले। जो लोग घर से बाहर थे उन्हें घर वालों की चिंता थी तो घर वालों को बाहर के सदस्यों की।
लोग एक दूसरे को फोन कर घर से बाहर निकलने और एहतियात बरतने की सलाह देते रहे। नात रिश्तेदरों ने भी एक दूसरे की हाल जानने के लिए फोन पर लगे रहे।
लोगों के घरों से बाहर निकलने के कारण शहर के रुहट्टा, ओलंदगंज, कचहरी रोड, नवाबयुसूफ रोड, उर्दूबाजार, पुरानी बाजार, शकरमंडी, अटाला मस्जिद, बड़ी मस्जिद समेत पूरे शहर की सड़कों पर भीड़ जमा हो गई।
खेतासराय इलाके के ढंढवाराखुर्द गांव के पूर्व प्रधान जियाउद्दीन के मकान की बाउंड्री धराशायी हो गई। सिरकोनी के बहादुरपुर गांव निवासी राजपति शर्मा के दो मंजिला मकान की दीवारें दरक गईं।
ओलंदगंज निवासी आलोक गुप्ता की बेटी आदित्या (13) गैस चूल्हे पर दूध गरम कर रही थी तभी भूकंप के झटके से खौलता दूध उसके ऊपर गिर गया वह झुलस गई। निजी अस्पताल में इलाज करया गया।
बक्शा: क्षेत्र के उटरूखुर्द गांव निवासी संतोष की पुत्री काजल (8) दोपहर में घर के छत पर थी। तभी भूकंप का झटका आया और वह छत से नीचे गिर पड़ी। उसे एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
सद्दोपुर गांव निवासी मैनबहादुर के मकान की पहली मंजिल पर स्थित टीनशेड भूकंप के झटके से गिर पड़ा। पूरेरामजी निवासी मेहीलाल विश्वकर्मा और हिम्मद बहादुर सिंह की मकान दी दीवार फट गई।
उधर, जेसीआई के अध्यक्ष राकेश जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित शोक सभा में नेपाल में भूकंप में मारे गए लोगों के प्रति श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो मिनट मौन रखकर गतात्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
नव दुर्गा मंदिर, नखास परिसर में आयोजित सभा में राधेरमण जायसवाल, अध्यक्ष राकेश जायसवाल, गणेश साहू, कृष्ण कुमार जायसवाल, संजय बैंकर, रत्नेश गुप्ता, राजेश अग्रहरि, आशुतोष जायसवाल, आलोक सेठ, गौतम सोनी, हसन अब्बास, आदि मौजूद थे। संचालन विशाल गुप्ता ने किया।
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शहर की सड़कों पर भीड़ जमा हो गई। भूकंप के भय से लोग घंटों सड़क पर बैठे रहे। गांवों में भी यही हाल रहा। ग्रामीण घर छोड़कर पूरे परिवार के साथ खेतों में बैठे रहे।
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शाम खबर लिखे जाने तक भी अधिकतर लोग घरों से बाहर ही रहे। कई लोगों ने तो घर से बाहर अस्थाई ठिकाना बना लिया है। खेतासराय में एक मकान की बाउंड्री धराशायी हो गई।
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कई मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। एक के बाद एक कर के आ रहे भूकंप के झटकों को देखते हुए सभी सरकारी और गैरसरकारी स्कूल कालेजों को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है।
रविवार को दिन में 12:40 बजे अचानक शोरशराबे के बीच भगदड़ मच गई। घर में टीवी, फ्रीज, कूलर, किचन में बर्तन, चारपाई आदि सामान अचानक हिलता देख लोगों को समझने में देर नहीं लगी।
लोग चीखते हुए घरों से बाहर निकल आए। शनिवार को तकरीबन बीस से 25 सेकेंड तक धरती कांपती रही लेकिन बहुत से लोगों को तत्काल इस बात का एहसास हुआ था कि यह भूकंप का झटका है, लेकिन रविवार को बमुश्किल 10 से
12 सेकेंड में ही लोगों को यह समझते देर नहीं लगी कि धरती कांप रही है। लोग घर छोड़ कर भाग निकले। जो लोग घर से बाहर थे उन्हें घर वालों की चिंता थी तो घर वालों को बाहर के सदस्यों की।
लोग एक दूसरे को फोन कर घर से बाहर निकलने और एहतियात बरतने की सलाह देते रहे। नात रिश्तेदरों ने भी एक दूसरे की हाल जानने के लिए फोन पर लगे रहे।
लोगों के घरों से बाहर निकलने के कारण शहर के रुहट्टा, ओलंदगंज, कचहरी रोड, नवाबयुसूफ रोड, उर्दूबाजार, पुरानी बाजार, शकरमंडी, अटाला मस्जिद, बड़ी मस्जिद समेत पूरे शहर की सड़कों पर भीड़ जमा हो गई।
खेतासराय इलाके के ढंढवाराखुर्द गांव के पूर्व प्रधान जियाउद्दीन के मकान की बाउंड्री धराशायी हो गई। सिरकोनी के बहादुरपुर गांव निवासी राजपति शर्मा के दो मंजिला मकान की दीवारें दरक गईं।
ओलंदगंज निवासी आलोक गुप्ता की बेटी आदित्या (13) गैस चूल्हे पर दूध गरम कर रही थी तभी भूकंप के झटके से खौलता दूध उसके ऊपर गिर गया वह झुलस गई। निजी अस्पताल में इलाज करया गया।
बक्शा: क्षेत्र के उटरूखुर्द गांव निवासी संतोष की पुत्री काजल (8) दोपहर में घर के छत पर थी। तभी भूकंप का झटका आया और वह छत से नीचे गिर पड़ी। उसे एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
सद्दोपुर गांव निवासी मैनबहादुर के मकान की पहली मंजिल पर स्थित टीनशेड भूकंप के झटके से गिर पड़ा। पूरेरामजी निवासी मेहीलाल विश्वकर्मा और हिम्मद बहादुर सिंह की मकान दी दीवार फट गई।
उधर, जेसीआई के अध्यक्ष राकेश जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित शोक सभा में नेपाल में भूकंप में मारे गए लोगों के प्रति श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो मिनट मौन रखकर गतात्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
नव दुर्गा मंदिर, नखास परिसर में आयोजित सभा में राधेरमण जायसवाल, अध्यक्ष राकेश जायसवाल, गणेश साहू, कृष्ण कुमार जायसवाल, संजय बैंकर, रत्नेश गुप्ता, राजेश अग्रहरि, आशुतोष जायसवाल, आलोक सेठ, गौतम सोनी, हसन अब्बास, आदि मौजूद थे। संचालन विशाल गुप्ता ने किया।