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Jaunpur News: बंद फर्म के नाम करा दिया ईंट के 14 लाख का भुगतान
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बदलापुर ब्लाॅक में क्षेत्र पंचायत की ओर से कराए गए कार्यों में धन की हेराफेरी का मामला सामने आया है। खड़ंजे में लगाई गई ईंटों के 14 लाख से अधिक रुपये का भुगतान ईंट भट्ठे को न देकर बंद चल रही एक फर्म के नाम कर दिया गया है। ईंट भट्ठा मालिक ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराने की गुहार लगाई है।
क्षेत्र के ममता ईंट उद्योग सरायगुंजा के संचालक सुमित सिंह ने सीएम पोर्टल और डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि क्षेत्र पंचायत ने वर्ष 2022 में मेरे फर्म से बनगांव पट्टी गांव में पक्की सड़क से राधेश्याम के घर तक और मेन सेक्टर से रामपति यादव के घर तक ईंट लेकर करीब एक किमी खड़ंजा निर्माण कराया था। काफी दिन तक भुगतान न होने पर पता लगाया तो खुलासा हुआ कि अधिकारियों की मिलीभगत से ईंट का भुगतान बंद चल रही फर्म विंध्यवासिनी ईंट उद्योग के नाम से कराया गया है। भुगतान का बिल बाउचर निकाला तो कुल 14 लाख 54 हजार 729 रुपये का भुगतान 15 मार्च 2024 को दो बाउचर से किया गया है। प्रधानपति राम मिलन यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि खड़ंजे में ईंट ममता ईट उद्योग का लगा है। ऐसी दशा में भुगतान किसी दूसरी फर्म को नहीं होना चाहिए। सुमित सिंह ने डीएम से बकाया भुगतान की मांग कराने की मांग की है। साथ ही भ्रष्टाचार में शामिल दोषियों के विरुद्ध कारवाई की मांग की है। इस बाबत खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि टेंडर जिस फर्म का होगा, उसी को भुगतान दिया गया है। अगर मामला ऐसा है तो इसके लिए कार्य अधिकारी जिम्मेदार हैं। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
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क्षेत्र के ममता ईंट उद्योग सरायगुंजा के संचालक सुमित सिंह ने सीएम पोर्टल और डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि क्षेत्र पंचायत ने वर्ष 2022 में मेरे फर्म से बनगांव पट्टी गांव में पक्की सड़क से राधेश्याम के घर तक और मेन सेक्टर से रामपति यादव के घर तक ईंट लेकर करीब एक किमी खड़ंजा निर्माण कराया था। काफी दिन तक भुगतान न होने पर पता लगाया तो खुलासा हुआ कि अधिकारियों की मिलीभगत से ईंट का भुगतान बंद चल रही फर्म विंध्यवासिनी ईंट उद्योग के नाम से कराया गया है। भुगतान का बिल बाउचर निकाला तो कुल 14 लाख 54 हजार 729 रुपये का भुगतान 15 मार्च 2024 को दो बाउचर से किया गया है। प्रधानपति राम मिलन यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि खड़ंजे में ईंट ममता ईट उद्योग का लगा है। ऐसी दशा में भुगतान किसी दूसरी फर्म को नहीं होना चाहिए। सुमित सिंह ने डीएम से बकाया भुगतान की मांग कराने की मांग की है। साथ ही भ्रष्टाचार में शामिल दोषियों के विरुद्ध कारवाई की मांग की है। इस बाबत खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि टेंडर जिस फर्म का होगा, उसी को भुगतान दिया गया है। अगर मामला ऐसा है तो इसके लिए कार्य अधिकारी जिम्मेदार हैं। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
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