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रोडवेज बसों से सफर में ठिठुर रहे यात्री
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जौनपुर। ठंड में रोडवेज बस से सफर बेहद मुश्किल भरा है। अधिकांश बसों में खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। सर्द हवाएं खिड़कियों के रास्ते बस में पहुंचकर यात्रियों को ठिठुरने को विवश कर रही है। सर्दी की शुरुआत में ही जिम्मेदारों ने शीशे लगवाने का दावा किया था, मगर ठंड के अंतिम चरण तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
रोडवेज डिपो से कुल 85 बसों का संचालन किया जा रहा था, लेकिन कोरोना के कारण बसों को निदेशालय सरेंडर कर दिया गया था। अभी भी 16 बसें निदेशालय में हैं। ऐसे में सिर्फ 69 बसों का संचालन किया जा रहा है। इस बसों का संचालन वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, मिर्जापुर आदि स्थानों के लिए किया जाता है। इन बसों से प्रतिदिन सात से आठ हजार यात्री यात्रा करते हैं। इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है।अधिकांश बसों की खिड़कियां व शीशे टूटे होने के बावजूद उनका संचालन धड़ल्ले से हो रहा है, जिससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक रात के समय यात्रियों को परेशानी हो रही है। टूटे शीशे और खिड़कियों से सर्द हवा आने से यात्री ठिठुरने को विवश हैं, लेकिन रोडवेज प्रशासन टूटे शीशे को लगवाने और खिड़कियों को ठीक कराने का कार्य नहीं कर रहा है।
अधिकांश बसों के शीशे व खिड़कियां ठीक हैं। कुछ बसों में दिक्कत है, जिसे ठीक करा दिया जाएगा। वर्कशॉप में सामान की कमी होने के कारण निदेशालय से मांग की गई है। -विजय प्रकाश श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज।
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रोडवेज डिपो से कुल 85 बसों का संचालन किया जा रहा था, लेकिन कोरोना के कारण बसों को निदेशालय सरेंडर कर दिया गया था। अभी भी 16 बसें निदेशालय में हैं। ऐसे में सिर्फ 69 बसों का संचालन किया जा रहा है। इस बसों का संचालन वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, मिर्जापुर आदि स्थानों के लिए किया जाता है। इन बसों से प्रतिदिन सात से आठ हजार यात्री यात्रा करते हैं। इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है।अधिकांश बसों की खिड़कियां व शीशे टूटे होने के बावजूद उनका संचालन धड़ल्ले से हो रहा है, जिससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक रात के समय यात्रियों को परेशानी हो रही है। टूटे शीशे और खिड़कियों से सर्द हवा आने से यात्री ठिठुरने को विवश हैं, लेकिन रोडवेज प्रशासन टूटे शीशे को लगवाने और खिड़कियों को ठीक कराने का कार्य नहीं कर रहा है।
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अधिकांश बसों के शीशे व खिड़कियां ठीक हैं। कुछ बसों में दिक्कत है, जिसे ठीक करा दिया जाएगा। वर्कशॉप में सामान की कमी होने के कारण निदेशालय से मांग की गई है। -विजय प्रकाश श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज।
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