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शराब के ठेकों को बंद करने की उठी आवाज
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Tue, 17 Mar 2015 12:04 AM IST
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सामाजिक संस्था निर्भया ट्रस्ट की ओर से कलेक्ट्रेट में आयोजित महिला सम्मेलन में शराब के ठेके और जुआ के अड्डों को बंद कराने की मांग उठी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पखवारे के तहत आयोजित सम्मेलन में कई सामाजिक संगठनों ने
हिस्सा लिया। प्रधान मंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित अपनी मांग से संबंधित 19 सूत्री पत्रक अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
महिला सम्मेलन में निर्भया ट्रस्ट की अध्यक्ष रेनू सिंह ने कहा कि उन्होंने पिछले एक सप्ताह में शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं के साथ बैठक कर उनकी समस्या जानने का प्रयास किया तो पता चला कि खास तौर से मलिन
बस्ती की महिलाएं शराब और जुआ के अड्डों से परेशान हैं। संबंधित बस्ती की महिलाओं का कहना था कि हम मजदूरी कर के कमाते हैं और पुरुष जुआ खेलकर पैसे उड़ाते हैं और शराब के नशे में उनकी पिटाई करते हैं। उन्होंने
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नगर के मतापुर मलिन बस्ती का उदाहरण भी दिया। नगर के नई गंज की दलित बस्ती की महिलाओं की समस्या शौचालय की है। यहां की महिलाएं तालाब के किनारे शौच के लिए जाती हैं, जहां से उन्हें कई बार भगाया भी जाता है।
वाजिदपुर दलित बस्ती की महिलाओं ने शराब और जुआ के अड्डे बंद कराने की मांग की है। सम्मेलन शोभना स्मृति, आरती सिंह, गायत्री, मीरा, शशिकला, प्रमिला, निसार अहमद, लालप्रकाश राही, डा. भारत अटल ने भी संबोधित किया।
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हिस्सा लिया। प्रधान मंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित अपनी मांग से संबंधित 19 सूत्री पत्रक अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
महिला सम्मेलन में निर्भया ट्रस्ट की अध्यक्ष रेनू सिंह ने कहा कि उन्होंने पिछले एक सप्ताह में शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं के साथ बैठक कर उनकी समस्या जानने का प्रयास किया तो पता चला कि खास तौर से मलिन
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बस्ती की महिलाएं शराब और जुआ के अड्डों से परेशान हैं। संबंधित बस्ती की महिलाओं का कहना था कि हम मजदूरी कर के कमाते हैं और पुरुष जुआ खेलकर पैसे उड़ाते हैं और शराब के नशे में उनकी पिटाई करते हैं। उन्होंने
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नगर के मतापुर मलिन बस्ती का उदाहरण भी दिया। नगर के नई गंज की दलित बस्ती की महिलाओं की समस्या शौचालय की है। यहां की महिलाएं तालाब के किनारे शौच के लिए जाती हैं, जहां से उन्हें कई बार भगाया भी जाता है।
वाजिदपुर दलित बस्ती की महिलाओं ने शराब और जुआ के अड्डे बंद कराने की मांग की है। सम्मेलन शोभना स्मृति, आरती सिंह, गायत्री, मीरा, शशिकला, प्रमिला, निसार अहमद, लालप्रकाश राही, डा. भारत अटल ने भी संबोधित किया।