किस्मत कब बदल जाए यह कोई नहीं जानता है। कुछ ऐसा ही हुआ डोभी ब्लाक की विद्या देवी के साथ, जो कल तक अपने पति के साथ मिलकर मनरेगा में मजदूरी करती थी। लेकिन, भाग्य ने साथ दिया आज वह ब्लाक प्रमुख बनने जा रही है। जी हां, उनका निर्विरोध निर्वाचित होना तय हो गया है। बस 10 जुलाई को जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष वर्मा के हाथों निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र लेना बाकी है, क्योंकि उनके सामने बृहस्पतिवार को किसी ने नामांकन ही नहीं किया था।
विद्या अत्यंत गरीब परिवार से हैं। वे मनरेगा के तहत जाबकार्ड बनवाकर काम करने का कार्य करती थी, उनके पति राम वृक्ष राम भी मनरेगा मजदूर हैं। सिर पर मिट्टी ढोकर और फावड़ा चलाकर अपना व अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे । लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था जल्दी ही उनके कंधे पर पूरे ब्लाक की जिम्मेदारी होगी। अमुवार जरासी से वार्ड संख्या 22 से विद्या देवी और वार्ड संख्या 21 से उनकी बहू श्वेता देवी निर्विरोध बीडीसी सदस्य चुनी गई। इसके बाद भाजपा ने विद्या देवी को ब्लाक प्रमुख पद के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। जहां उनके सामने किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। ऐसे में उनका निर्विरोध निर्वाचित होना तय हो गया। उन्होंने कहा कि यह पद हालांकि मेरे लिये सपना सरीखे तो लगता है, लेकिन जो जिम्मेदारी मिलने जा रही है सबके सहयोग व आशीर्वाद से बखूबी निभाने का प्रयास करूंगी।