कफ सिरप केस: कागज पर मेडिकल स्टोर, मौके पर कपड़े- जूते और खिड़की- दरवाजा बनाने की दुकान
जौनपुर में एसआईटी टीम की जांच में एक फर्म शिवम् मेडिकल एजेंसी रामपुर (पदुमपुर) की दुकान की जगह मौके पर कपड़ा और जूता की दुकान संचालित होती मिली। वहीं दो अन्य दुकानें मौके पर नहीं मिली।
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कोडीन युक्त कफ सिरप के तस्करी मामले में रविवार को शहर कोतवाली में दिल्ली के फर्म संचालक और जनपद के तीन फर्म संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के क्रम में जनपद के तीनों फर्मों पर एसआईटी की टीम सोमवार को गई।
यह प्राथमिकी वान्या इंटरप्राइजेज प्रार्पटी नं जीबी-09. बेसमेंट, ग्राउण्ड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर ब्लॉक जीबी संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर फेज-1. दिल्ली के मालिक विशाल उपाध्याय पर कूटरचित बिल देने के आरोप में दर्ज हुई है।
इसके अलावा आकाश मेडिकल एजेंसी चितरसारी शंकर मंडी रोड के फर्म मालिक आकाश मौर्य, शिवम् मेडिकल एजेंसी रामपुर (पदुमपुर) के शिवम् कुमार मौर्य और मनीष मेडिकल एजेंसी विशेषरपुर चौकिया चैराहा के फर्म मालिक अरूण सोनकर पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है।
जांच में पता चला कि इन फर्मों से कुल 1,86,475 शीशी (100 एमएल के बोतल) को अधिक मुनाफा कमाने के लालच में खरीद-बिक्री दिखाई गई है। इसकी अनुमानित कीमत 2.61 करोड़ है।
एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने कहा कि एसआईटी टीम की जांच में यह तीनों दुकानें मौके पर नहीं मिलीं। इनकी जगह पर अलग-अलग दुकानें संचालित मिलीं। उन्होंने कहा कि लाइसेंस तो दे दिया गया, लेकिन उसका सत्यापन नहीं किया गया। जनपद में 4600 से अधिक दुकानें हैं जांच के बाद पता चलेगा कि इनमें कितनी मौके पर हैं।