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जौनपुर: एआरटीओ कार्यालय पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी का पुलिस के साथ छापा, दलालों ने कर्मचारियों से कर रखी थी साठगांठ

Thu, 09 Sep 2021 02:57 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 09 Sep 2021 02:57 PM IST
सार

एआरटीओ कार्यालय में डीएल बनवाने आने वाले लोग लूटे जा रहे थे। कुछ दिनों पहले अमर उजाला ने इसी खबर को प्रमुखता से छापा था। दलालों ने कर्मचारियों से साठगांठ कर रखी थी।

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Joint Magistrate and CO City raided with police at ARTO office in Jaunpur
पूछताछ करते ज्वाइंट मजिस्ट्रेट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एआरटीओ कार्यालय में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल, सीओ सिटी जितेंद्र दुबे ने पुलिस बल के साथ छापा मारा है। इससे कार्यालय परिसर में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारी जरूरी कागजात खंगाल रहे हैं। हाल ही में अमर उजाला ने दलालों और कुछ कर्मचारियों की साठगांठ से डीएल बनवाने के लिए ग्राहकों से हो रही पैसे की लूट की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

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एआरटीओ कार्यालय में रोजाना करीब 200 लर्निंग और करीब 36 परमानेंट डीएल बनाने का स्लॉट हैं, जिसके कारण सुबह से ही लोग पहुंच जाते हैं। इनमें ज्यादातर लोग दूर दराज के होते हैं। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि 2278 परमानेंट के लाइसेंस लंबित पड़े हैं। कार्यालय पर पूछताछ केंद्र तक पर कर्मचारी नहीं दिखते हैं। ऐसे में कर्मचारियों पर भी काम का लोड बढ़ गया है।
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लाइसेंस बनवाने वाले दलालों के चुंगल में फंस जाते हैं
वहीं, दूसरी ओर लाइसेंस बनवाने आने वाले ऐसी स्थिति में दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं, जो स्लॉट बुकिंग के बाद यहां तक दावा करते हैं कि उनकी डिमांड पूरी करने पर लाइसेंस आसानी से बनवा देंगे। हालांकि बात न बनने पर वह अपने रेट को कम भी कर लेते हैं। ऐसा करने वाले कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक को हिस्सा देने की बात कहते हुए लोगों को लूटते देखे जाते हैं।

इतना ही नहीं, यदि कोई प्रक्रिया पूछने के लिए जाता है तो कर्मचारी दुकानों पर भेज देते हैं, जहां संबंधित व्यक्ति के पास बिचौलिया आने लगते हैं, जो यहां तक बताते हैं कि दिनभर में 36 परमानेंट और 200 लर्निंग लाइसेंस ही बनना पाएगा, जिसके कारण मजबूरी में लोग उनके चंगुल में फंस जाते हैं।

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जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आम आदमी बनकर पहुंचे 
दो दिन पहले ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल के भी साथ कुछ ऐसा ही हुआ था, जब वे बाइक से वहां की हकीकत जानने के लिए पहुंच गए थे। हालांकि इस दौरान तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

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