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 जौनपुर : मरीज की जान बचाने वाले पर मुकदमा कहां का इंसाफ...,सोशल मीडिया में ट्रोल हुआ जिला अस्पताल प्रशासन

Sat, 01 May 2021 10:47 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 01 May 2021 10:47 PM IST
सार

छटपटाते मरीजों को ऑक्सीजन देने पर युवक पर मुकदमा दर्ज कराने की हुई निंदा,  डीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई की कही बात

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Jaunpur: Where justice is prosecuted for saving the life of a patient ..., the district hospital administration has been trolled in social media
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

जौनपुर में जिला अस्पताल के बाहर छटपटाते मरीजों को ऑक्सीजन देने वाले युवक पर केस दर्ज कराने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन के रवैए पर हर कोई आक्रोश जताता रहा। ट्वीटर, फेसबुक और सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर खबर के साथ सीएम, डीएम, स्वास्थ्य मंत्री को टैग कर लोग इस कार्रवाई की निंदा करते रहे। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने भी जांच कर कार्रवाई की बात कही है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व रामप्रकाश की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी से यथाशीघ्र जांच रिपोर्ट मांगी गई है।

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अमर उजाला में प्रकाशित खबर पोस्ट करते हुए नवनीत मिश्र ने डीएम को टैग करते हुए लिखा है कि डीएम साहब ध्यान दें। मरीज की जान बचाने वाले पर मुकदमा कहां का इंसाफ है। इस पोस्ट को 304 लोगों ने कमेंट के साथ री-ट्वीट किया था। प्रेम त्रिपाठी ने लिखा कि कड़ाई हर जगह के लिए ठीक नहीं, क्योंकि नियम कानून जनहित, जान-माल की रक्षा के लिए होते हैं, न कि नियम-कानून के लिए आम आदमी की जान होती है। उन्होंने यूपी गवर्नमेंट को भी टैग किया है। अनुराग मिश्र ने इस कार्रवाई के लिए सरकार को आड़े हाथों लेते हुए शीघ्र मुकदमा वापस लेने की भी मांग की है।
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एक यूजर ने लिखा है कि भद पिटवाने में कोई कसर नहीं। इन मूर्खों को छवि की पड़ी है और लोग जान से हाथ धो रहे हैं। प्रभाकर कुमार ने अपने ट्वीट में लिखा है कि सिस्टम के रास्ते में नहीं आने का, नहीं तो जेल जाना पड़ेगा। इससे अधिक शर्मनाक क्या हो सकता है। कई यूजर ने फेसबुक पर भी खबर पोस्ट करते हुए कार्रवाई की निंदा की। इस बाबत डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व रामप्रकाश की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी से यथाशीघ्र जांच रिपोर्ट मांगी गई है।

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