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यूपी पीसीएस-2019: पिता का सपना पूरा करने को जौनपुर के कुंवर सचिन ने छोड़ा था 31 लाख का पैकेज, मिली सातवीं रैंक

Wed, 17 Feb 2021 10:01 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Wed, 17 Feb 2021 10:01 PM IST
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Jaunpur Kunwar Sachin gets seventh rank in UP PCS-2019
सचिन को मिठाई खिलाते माता-पिता - फोटो : अमर उजाला

जौनपुर जिले के बदलापुर के खजुरन गांव निवासी कुंवर सचिन सिंह ने यूपी पीसीएस-2019 की परीक्षा में सातवीं रैंक हासिल की है। पहले ही प्रयास में सचिन की शानदार उपलब्धि से पूरा परिवार खुशी से झूम उठा है। अपने शिक्षक पिता का सपना पूरा करने के लिए सचिन ने मल्टीनेशनल कंपनी में 31 लाख रुपये सालाना का पैकेज छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी। अब उनकी कामयाबी पर पिता की खुशियों का ठिकाना नहीं है।

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प्राथमिक विद्यालय सिरकिना में प्रधानाध्यापक संजय सिंह के होनहार पुत्र सचिन ने प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल बदलापुर से की। वर्ष 2010 में दसवीं के बाद वह लखनऊ चले गए। रानी लक्ष्मीबाई स्कूल से 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद उनका चयन आईआईटी धनबाद के लिए हो गया।
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यहां कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद वर्ष 2017 में सचिन ने गोल्डमैन के बंगलूरू ऑफिस में नौकरी शुरू की। तब उनका सालाना पैकेज 31 लाख रुपये का था। पिता को बेटे की यह जॉब पसंद नहीं थी। उनका सपना था कि बेटा प्रशासनिक अफसर बने।
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हालांकि सचिन का इस ओर कोई रुझान नहीं था और न ही इस क्षेत्र के बारे में कोई जानकारी। बावजूद इसके पिता का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने जॉब छोड़ दी। फिर दिल्ली जाकर सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।

पहली बार आईएएस की परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हुए। दूसरे प्रयास में उनका प्रारंभिक परीक्षा में चयन हुआ और पिछले दिनों आईएएस मेंस में भी शामिल हुए। इस बीच पीसीएस-2019 की परीक्षा में भी हिस्सा लिया था। पहले ही प्रयास में पीसीएस की परीक्षा में उन्हें सातवीं रैंक हासिल हुई है।

सचिन अपनी सफलता का पूरा श्रेय पिता और मां गायत्री देवी को देते हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक सेवा में उनकी रुचि नहीं थी, लेकिन उन्हें यहां तक पहुंचाने की पिता ने हरसंभव कोशिश की। एक तरह से जितनी कोशिश मैंने किताबों में की, उससे भी कहीं अधिक पिता ने मुझे माहौल उपलब्ध कराने के लिए किया।

पीसीएस में चयनित होने पर संतोष जताते हुए कहा कि अभी आईएएस का रिजल्ट आना शेष है। पूरी उम्मीद है कि मेंस में भी सफलता मिलेगी और इंटरव्यू में शामिल होंगे। सचिन की एक छोटी बहन श्रेया हैं। वह केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। सचिन की सफलता पर प्रबंधक रामलोचन सिंह, विजय गुप्ता, बीईओ नरेंद्र देव मिश्र, विधायक रमेश चंद्र मिश्र, प्रबंधक विनोद कुमार सिंह आदि ने बधाई दी है।

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