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शोधार्थी इंटरनेट पर तलाशे ज्ञान का भंडार
ब्यूरो/अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:16 AM IST
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बीएचयू के एसोसिएट प्रो. भास्कर मुखर्जी ने कहा कि इन्टरनेट पर ज्ञान का भंडार है। शोधार्थी तलाशेंगे तो उन्हें नई जानकारियों के साथ हर रोज हो रही खोज की जानकारी आनलाइन मिलेगी। इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी को सही तरीके से खोजना एक कला है। आज अकादमिक जानकारियों की खोज के लिए भी गूगल का प्रयोग किया जाता है। जबकि बहुत सारे ऐसे सर्च इंजन है जो बेहतर सूचनाएं उपलब्ध करा सकते है। वह वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय की ओर से फार्मेसी संस्थान स्थित शोध एवं नवोन्मेषण सभागार में पीयरसन इंडिया एजुकेशन के सहयोग से आयोजित ई-रिसोर्स प्रयोगकर्ताओं की जागरूकता विषयक कार्यशाला में बोल रहे थे।
उन्होंने प्रजेंटशन के माध्यम से बेस, साइंस रिसर्च, जे स्टोर आदि सर्च इंजन की विशेषताओं और उसके लाभ के बारे में विस्तार,पूर्वक बताया। उन्होंने शोध पत्रिकाओं की गुणवत्ता पर भी अपनी बात रखी। कहा कि शोध पत्रिकाओं के क्षेत्र में बहुत बड़ा रैकेट कार्य कर रहा है। जो ईमेल के माध्यम से लेखकों को गुमराह करता है। शिक्षा से जुड़े लोगों को इससे सावधान रहना चाहिए। पिअरसन इंडिया एजुकेशन के स्टीफेन रोज ने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों में ई-रिसोर्स का एक्सेस तेजी से बढ़ता जा रहा है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने बड़े पैमाने पर ई-रिसोर्स उपलब्ध कराया है। जो यहां के लोगों के लिए बड़ी बात है।
ई-रिसोर्स के माध्यम से शोधार्थी बड़े कम समय में अपने विषय की जानकारी जुटा रहे है। भविष्य में ई-रिसोर्स प्रयोग करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा और शिक्षा से जुड़ा कोई व्यक्ति इससे अछूता नहीं रहेगा। संचालन डा. विद्युतमल ने किया।इस अवसर पर प्रो. एके श्रीवास्तव, डा. अविनाश पाथर्डीकर, डा. वंदना राय, डा. मनोज मिश्र, डा. प्रदीप कुमार, डा. नूपुर तिवारी, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. राज कुमार सोनी, डा. रसिकेश, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. प्रवीण सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने प्रजेंटशन के माध्यम से बेस, साइंस रिसर्च, जे स्टोर आदि सर्च इंजन की विशेषताओं और उसके लाभ के बारे में विस्तार,पूर्वक बताया। उन्होंने शोध पत्रिकाओं की गुणवत्ता पर भी अपनी बात रखी। कहा कि शोध पत्रिकाओं के क्षेत्र में बहुत बड़ा रैकेट कार्य कर रहा है। जो ईमेल के माध्यम से लेखकों को गुमराह करता है। शिक्षा से जुड़े लोगों को इससे सावधान रहना चाहिए। पिअरसन इंडिया एजुकेशन के स्टीफेन रोज ने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों में ई-रिसोर्स का एक्सेस तेजी से बढ़ता जा रहा है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने बड़े पैमाने पर ई-रिसोर्स उपलब्ध कराया है। जो यहां के लोगों के लिए बड़ी बात है।
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ई-रिसोर्स के माध्यम से शोधार्थी बड़े कम समय में अपने विषय की जानकारी जुटा रहे है। भविष्य में ई-रिसोर्स प्रयोग करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा और शिक्षा से जुड़ा कोई व्यक्ति इससे अछूता नहीं रहेगा। संचालन डा. विद्युतमल ने किया।इस अवसर पर प्रो. एके श्रीवास्तव, डा. अविनाश पाथर्डीकर, डा. वंदना राय, डा. मनोज मिश्र, डा. प्रदीप कुमार, डा. नूपुर तिवारी, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. राज कुमार सोनी, डा. रसिकेश, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. प्रवीण सिंह आदि मौजूद रहे।
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