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हाईवे पर अंधे मोड़ और चौराहों पर भी नहीं लगे हैं संकेतक

Sun, 28 Jun 2020 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2020 11:06 PM IST
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Indicators are not installed on blind roads and intersections on the highway
09- जेसीज चौराहे पर नहीं लगा मार्ग संकेतक। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। चाहे कहीं अंधा मोड़ हो या सड़क पर स्कूल कालेज, कहीं भी सड़क पर इसके संकेतक नहीं लगे हैं। इनदिनों बारिश के चलते तमाम सड़कों की दशा खराब हो गई है। बारिश से जहां सड़कें धंस गई हैं या फिर बड़े गड्ढे बन गए हैं वहां भी लोगों को हादसे से बचाने के लिए कोई संकेतक नहीं लगाया गया है। जिसका नतीजा है कि आएदिन लोग हादसों के शिकार हो रहे हैं। सड़क सुरक्षा सप्ताह के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
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वाराणसी लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर नौपेड़वा, बक्शा, धनियामऊं, रन्नों, शंभूगंज, लखौवा के पास कई जगह लिंक मार्ग सीधे हाईवे से जुड़ते हैं लेकिन हाईवे पर सफर करने वालों को पता नहीं चलता कि आगे कोई लिंक मार्ग है जिससे वे अपनी रफ्तार धीमी कर सकें। ऐसी स्थिति में जब भी लिंक मार्ग से कोई वाहन अचानक हाईवे पर पहुंचता है तो खतरे की आशंका बनी रहती है। लखौवा बाजार में तो फोरलेन के अधूरे निर्माण के चलते सड़क सकरी हो गई है। इसी से भारी वाहन गुजरते हैं लेकिन कहीं कोई संकेतक नहीं लगाया गया है।
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सिंगरामऊ के पास वाराणसी लखनऊ हाईवे पर दुकानदार बेतरतीब तरीके से बिल्डिंग मटेरियल रख कर बेच रहे हैं। बाजारों में कहीं पार्किग के भई इंतजाम नहीं हैं। लोग जहां तहां सड़क पर ही बेतरतीब वाहन खड़े कर देते हैं। सिंगरामऊ से लालगंज जाने वाली सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिसके चलते उसपर चलना दूभर हो गया है।
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सुजानगंज में स्थित राष्ट्रीय इंटर कॉलेज और राष्ट्रीय पी जी कॉलेज के सामने कोई भी ब्रेकर नही बनाया गया है। स्कूल खुले होने पर जब छुट्टी के समय अचानक छात्र सड़क पर आते हैं तो तेज रफ्तार वाहनों के चलते दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। सुजानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने भी कोई ब्रेकर नहीं बनाया गया है। गौरीशंकर धाम के सामने अभी दो दिन पहले हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बेलवार स्थित सखवट में तो आये दिन कोई न कोई दुर्घटना तो होती ही रहती है क्योंकि वहां बिल्कुल अंधा मोड़ है और वहां न तो कोई ब्रेकर बनाया गया है और न ही कोई संकेतक लगाया गया है। 14 जून को इसी स्थान पर दो युवकों की हादसे में मौत हो गई थी।

वाराणसी-लखनऊ नेशनल हाईवे पर संकेतक लगाने की जिम्मेदारी एनएचएआई की है। रही बात स्टेट हाईवे की तो कई जगह संकेतक लगाए गए हैं। तीनों खंड के कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां कहीं सड़क सुरक्षा से संबंधित बोर्ड गायब हैं उसे फिर से लगवाया जाएगा।
राधाकृष्ण, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड।
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