जौनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ वीडियों कांफ्रेंसिंग कर 48 घंटों के भीतर अवैध बस और टैक्सी स्टैंड हटाने का आदेश दिया था, जिसका कोई बसर नहीं दिख रहा। शहर में धड़ल्ले से अवैध वाहन स्टैंड चल रहे हैं, जिससे लोगों की जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मछलीशहर के लिए जाने वाले प्राइवेट वाहन तारापुर काॅलोनी के बाहर मुख्य मार्ग पर खड़े होते है। इससे शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। बदलापुर जाने के लिए वी मार्ट के आगे बस, जीप, आटों खड़े किए जाते है। जफराबाद जाने के लिए सद्भावना के पास आटो, जीप व कमांडर खड़ी होती है। इसके अलावा शाहगंज जाने के लिए जलकल पानी की टंकी से पहले ही आटो रिक्शा के लिए पड़ाव लगता है। साथ ही मल्हनी जाने के लिए बड़ी मस्जिद के पास सवारियों को भरा जाता हैं। नगर के पालीटेक्निक चौराहा से मड़ियाहूं जाने के लिए वाहन ओवरब्रिज से पहले खड़ा किया जाता है। इन वाहनों को पुल के आगे खड़ा करने का निर्देश दिया गया हैं। फिर भी सभी संचालक पालीटेक्निक से लेकर ओवरब्रिज तक वाहनों को खड़ा करके जाम का कारण बन रहे है। कलेक्ट्रेट गेट पर निकलते ही ई-रिक्शा व आटो चालक वाहन खड़ा करके जाम लगाते है। जेसीज चौराहे पर प्रशासन की तरफ से वैकल्पिक प्राइवेट बस स्टैंड बनाकर दिया गया है, फिर वह सड़कों पर वाहन खड़ा करके सवारी भरते है। इससे भी चौराहे पर जाम लगता है। इसके लिए प्रशासन की तरफ सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में दो दिन पहले अभियान भी चलाया गया। इसमें तीन कार का चालान काटकर 2400 रुपये वसूली की गई तो एक वाहन को थाने ले जाया गया।