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यूनियन का अधिकार छिना तो आंदोलन
जौनपुर ब्यूराे
Updated Fri, 20 Nov 2015 12:29 AM IST
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कांशीराम सामुदायिक भवन में बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय सम्मेलन में कर्मचारियों की समस्या उठाई गई। श्रम कानून और यूनियन के अधिकार को समाप्त करने पर कर्मचारी संघ ने विरोध जताया।
कहा कि यदि सरकार यूनियन के अधिकार को समाप्त करने की साजिश करती है तो प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नियोजन एवं ऊर्जा राज्यमंत्री शैलेंद्र यादव ललई ने कहा कि संविदा कर्मियों का वेतन सीधे
विभाग से कराने के लिए पहल किया जाएगा। इससे पहले जिलाध्यक्ष निखिलेश सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। महासम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल अंजान ने कहा कि शासन ने
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दस फरवरी 2015 को कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाने का आश्वासन दिया था। कर्मचारी प्रतिनिधि और कारपोरेशन अधिकारियों के साथ त्रिपक्षिय वार्ता कर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा, लेकिन ऐसा नही हुआ।
अब सरकार श्रम कानून और यूनियन के अधिकार को छिन रही है। संगठन के महामंत्री सदरूद्दीन राना ने कहा कि संविदा कर्मचारियों का न्यूूनतम वेतन 15000 निर्धारित किया जाए ।
जीपीएफ और पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाए। राज्यमंत्री हनुमान प्रसाद सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
डा. केपी यादव ने कहा कि संगठन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। अध्यक्षता रामनाथ यादव, ओपी तेवतिया, एसके सारस्वत, विनोद भट्ट और वीके अवस्थी ने की। सम्मेलन की शुरूआत हरिश तिवारी द्वारा झंडारोहण के साथ हुआ।
इस मौके पर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष अरविंद राज स्वरूप, शिक्षक विधायक चेत नारायण सिंह, गिरीश पांडेय, राकेश श्रीवास्तव, संतोश सिंह, रमेश सिंह, नरसिंह बहादुर सिंह, सुधाकर, हनीफ, विनय, सीबी सिंह,
अतुल सिंह, प्रेमधर उपाध्याय, राजेंद्र यादव, जय प्रकाश सिंह, नीरज श्रीवास्तव, राजकुमार निषाद, आरएन सिंह, एके मिश्र, वीके, एसके मौर्या, सुभाष कुशवाहा, मोहन पांडेय, उदल यादव, संजय और कमला पांडेय आदि मौजूद रहे।
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कहा कि यदि सरकार यूनियन के अधिकार को समाप्त करने की साजिश करती है तो प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नियोजन एवं ऊर्जा राज्यमंत्री शैलेंद्र यादव ललई ने कहा कि संविदा कर्मियों का वेतन सीधे
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विभाग से कराने के लिए पहल किया जाएगा। इससे पहले जिलाध्यक्ष निखिलेश सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। महासम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल अंजान ने कहा कि शासन ने
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दस फरवरी 2015 को कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाने का आश्वासन दिया था। कर्मचारी प्रतिनिधि और कारपोरेशन अधिकारियों के साथ त्रिपक्षिय वार्ता कर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा, लेकिन ऐसा नही हुआ।
अब सरकार श्रम कानून और यूनियन के अधिकार को छिन रही है। संगठन के महामंत्री सदरूद्दीन राना ने कहा कि संविदा कर्मचारियों का न्यूूनतम वेतन 15000 निर्धारित किया जाए ।
जीपीएफ और पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाए। राज्यमंत्री हनुमान प्रसाद सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
डा. केपी यादव ने कहा कि संगठन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। अध्यक्षता रामनाथ यादव, ओपी तेवतिया, एसके सारस्वत, विनोद भट्ट और वीके अवस्थी ने की। सम्मेलन की शुरूआत हरिश तिवारी द्वारा झंडारोहण के साथ हुआ।
इस मौके पर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष अरविंद राज स्वरूप, शिक्षक विधायक चेत नारायण सिंह, गिरीश पांडेय, राकेश श्रीवास्तव, संतोश सिंह, रमेश सिंह, नरसिंह बहादुर सिंह, सुधाकर, हनीफ, विनय, सीबी सिंह,
अतुल सिंह, प्रेमधर उपाध्याय, राजेंद्र यादव, जय प्रकाश सिंह, नीरज श्रीवास्तव, राजकुमार निषाद, आरएन सिंह, एके मिश्र, वीके, एसके मौर्या, सुभाष कुशवाहा, मोहन पांडेय, उदल यादव, संजय और कमला पांडेय आदि मौजूद रहे।