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डस्टबिन से प्रतिदिन नहीं उठता कूड़ा तो कैसे होगा शहर स्वच्छ
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15- जगदीशपुर में नगरपालिका के डस्टबिन में भरा कूड़ा व नीचे फैला कूडा।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए भले ही रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था शुरू करा दी गई हो, लेकिन शहर को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए यही काफी नहीं है। जगह-जगह लगे कूड़ेदान से नियमित कूड़ा उठाने का इंतजाम ही नहीं है। कई मोहल्लों में तीन-चार दिन तो कहीं हफ्तों बाद कूड़ा उठता है। ऐसे में कचरे से भरे कूड़ेदान के बाहर गंदगी बिखरती है। लोग भी दूर से ही कूड़ेदान की ओर कूड़ा उछालकर चले जाते हैं। जिम्मेदारों की यह लापरवाही स्वच्छता अभियान पर भारी पड़ रही है।
तीन लाख आबादी वाले इस शहर में कुल 39 वार्ड हैं। इन वार्डों से रोजाना 97 टन कूड़ा निकलता है। सड़क व रास्ते में कचरा न बिखरे लिए इसके लिए नगर पालिका ने जगह-जगह कूड़ेदान लगा रखे हैं। कहीं बड़े कूड़ेदान हैं तो कहीं प्लास्टिक का छोटा कूड़ादान रखा गया है। प्रत्येक मोहल्लों में एक-दो कूड़ादान रखा गया है। शहर को स्वच्छ रखने के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा किया गया यह प्रयास उसकी लापरवाही से फलीभूत नहीं हो पा रहा है। डस्टबीन से कूड़ों को रोज उठाने का कार्य नहीं किया जा रहा है। इसका नजारा काशीराम सामुदायिक भवन के पास, जगदीशपुर तिराहा, जोगियापुर, सिविल लाइनंस, रुहट्टा सहित अन्य स्थानों पर देखा जा सकता है। कचरों का अंबार लगा हुआ है। इन स्थानों पर डस्वीन भरे रहते हैं। लेकिन उनको उठाने का कार्य नहीं किया जाता है। एक-एक सप्ताह तक कचरा उसी तरह पड़ा रहता है। यह स्थित लगभग हर वार्डो में देखने को मिल जाएगी। ऐसे में नगर स्वच्छ बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा अभियान परवान तब तक नहीं चढ़ पाएगा, जब तक रोज कचरों को उठाने का कार्य नहीं किया जाएगा।
कचरों के निस्तारण के नहीं हैं पुख्ता इंतजाम
जौनपुर। शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नगर पालिका प्रशासन के पास नहीं हैं। उसके द्वारा शहर के कचरों को कुल्हनामऊ में निर्माणाधीन सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में फेंका जा रहा है। जिससे उसके आस -पास रहने वाले लोगों में भी संक्रामक बीमारियां फैलने की संभावना बनी हुई है।बावजूद इसके नगर पालिका प्रशासन कोई ठोस उपाय नहीं कर पा रहा है।
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तीन लाख आबादी वाले इस शहर में कुल 39 वार्ड हैं। इन वार्डों से रोजाना 97 टन कूड़ा निकलता है। सड़क व रास्ते में कचरा न बिखरे लिए इसके लिए नगर पालिका ने जगह-जगह कूड़ेदान लगा रखे हैं। कहीं बड़े कूड़ेदान हैं तो कहीं प्लास्टिक का छोटा कूड़ादान रखा गया है। प्रत्येक मोहल्लों में एक-दो कूड़ादान रखा गया है। शहर को स्वच्छ रखने के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा किया गया यह प्रयास उसकी लापरवाही से फलीभूत नहीं हो पा रहा है। डस्टबीन से कूड़ों को रोज उठाने का कार्य नहीं किया जा रहा है। इसका नजारा काशीराम सामुदायिक भवन के पास, जगदीशपुर तिराहा, जोगियापुर, सिविल लाइनंस, रुहट्टा सहित अन्य स्थानों पर देखा जा सकता है। कचरों का अंबार लगा हुआ है। इन स्थानों पर डस्वीन भरे रहते हैं। लेकिन उनको उठाने का कार्य नहीं किया जाता है। एक-एक सप्ताह तक कचरा उसी तरह पड़ा रहता है। यह स्थित लगभग हर वार्डो में देखने को मिल जाएगी। ऐसे में नगर स्वच्छ बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा अभियान परवान तब तक नहीं चढ़ पाएगा, जब तक रोज कचरों को उठाने का कार्य नहीं किया जाएगा।
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कचरों के निस्तारण के नहीं हैं पुख्ता इंतजाम
जौनपुर। शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नगर पालिका प्रशासन के पास नहीं हैं। उसके द्वारा शहर के कचरों को कुल्हनामऊ में निर्माणाधीन सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में फेंका जा रहा है। जिससे उसके आस -पास रहने वाले लोगों में भी संक्रामक बीमारियां फैलने की संभावना बनी हुई है।बावजूद इसके नगर पालिका प्रशासन कोई ठोस उपाय नहीं कर पा रहा है।
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